शरीर को स्लो प्वाइजन दे-दे करके मारता है मानसिक थकान जानिए इसके लक्षणों के बारे में

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Tiredness Slow Poison In Hindi

Tiredness Slow Poison In Hindi:- वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के अनुसार अमेरिका में सबसे ज्यादा मानसिक रोगी पाए जाते हैं। अमेरिका की पूरी पापुलेशन लगभग 35 करोड़ है इन 35 करोड़ में से अमेरिका में 4 करोड लोग मानसिक रोग से पीड़ित हैं। भारत में यही आंकड़ा 6 करोड़ के आसपास है लेकिन कोरोनावायरस के आक्रमण के बाद से ही भारत मानसिक रोगियों की राजधानी बनता जा रहा है भारत में 2020 में कोरोना की फर्स्ट वेब में बहुत सारे व्यक्ति अपने परिवार के सदस्य को खोया और साथ ही साथ अकेलेपन के कारण वह मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी प्रॉब्लम जैसे डिप्रेशन और टेंशन से गुजर रहे हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नेशनल हेल्थ प्रोग्राम के कार्यक्रम के तहत बताया कि केरल में सबसे ज्यादा 6% मानसिक स्वास्थ्य से पीड़ित व्यक्ति हैं इनमें से 2% लोग इमोशन से पीड़ित हैं। मेंटल हेल्थ इंडेक्स के अनुसार सबसे ज्यादा मानसिक रोगी अमेरिका, नीदरलैंड और यूक्रेन में पाए गए हैं और सबसे कम मानसिक रोगी स्वीडन में पाए गए हैं। मेंटल हेल्थ इंडेक्स के अनुसार दुनिया में 10 लाख लोग सुसाइड करते हैं जिनमें से 63000 लोग अमेरिका में सुसाइड करते हैं यह आंकड़ा बहुत बड़ा है, आश्चर्यचकित भी करने वाला है। मानसिक स्वास्थ्य की दुनिया में डिप्रेशन होना आम बात हो गया है हर 10 व्यक्ति में से दो व्यक्ति डिप्रेशन के रोगी हैं ऐसा वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने बताया है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के अनुसार भारत में यदि एक लाख लोगों की मृत्यु होती है उनमें से 10000 लोग सुसाइड करते हैं उन सुसाइड में से 3% लोग मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियां जैसे चिंता डिप्रेशन और तनाव की वजह से करते हैं।

शरीर को स्लो स्लो प्वाइजन देकर मारने वाला मानसिक थकान क्या होता है?:

शारीरिक थकान के विषय में हम सब तो जानते ही हैं शारीरिक थकान जब हम सबको होती है तो हम सब उसको डॉक्टर को दिखा करके दवा ले लेते हैं जैसे शारीरिक थकान के अंतर्गत सर दर्द होने लगा, सर में भारीपन होने लगा और साथ ही साथ पैर दर्द करने लगा हाथ दर्द करने लगा, कमर दर्द करने लगा। इसी तरह मानसिक थकान भी होता है जिसमें आपका मस्तिष्क बीमार पड़ जाता है। मस्तिष्क बीमार पड़ जाने के कारण यह है कि आपके अंदर नेगेटिव थॉट्स ज्यादा आने लगते हैं और आप समाज से अलग-अलग पड़ जाते हैं मानसिक थकान सीधे आपका बिहेवियर पर वार करता है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के अनुसार मानसिक थकान एक ऐसी थकान होती है जिसमें व्यक्ति चिंता टेंशन और डिप्रेशन जैसी स्थितियों से गुजरता है।

शरीर को स्लो स्लो प्वाइजन देकर मारने वाला मानसिक थकान के लक्षण क्या-क्या है?:

(1) किसी काम को करने में जब आपका मन नहीं लगता है और आपके चेहरे पर उदासी छाई रहती है तो यह मानसिक थकान का सबसे बड़ा लक्षण है। चेहरे पर सबसे ज्यादा उदासी की प्रॉब्लम से जूझ रहे व्यक्तियों की संख्या भारत के सबसे बड़े मेट्रोपॉलिटन सिटी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद में देखी जाती है।

(2) आप जब किसी बात को लेकर के लगातार 5 दिनों से लेकर के 10 दिनों तक चिंता में रहते हैं तो यह भी मानसिक थकान का लक्षण है। एक सर्वे के अनुसार सबसे ज्यादा चिंता दिल्ली के निवासी करते हैं क्योंकि दिल्ली में हर महीने लगभग दो भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं और सर्दियों के समय में स्मॉग जैसी प्रॉब्लम आ जाती है इन सब की वजह से दिल्ली के लोग लगभग 3 महीने तक चिंता में रहते हैं।

Tiredness Slow Poison In Hindi


(3) जब आप समाज से कटने लगते हैं तो यह भी मानसिक थकान का लक्षण है एक गैर सरकारी संगठन जो मानसिक थकान पर कार्य करती है उसने बताया कि जो समाज से अलग-थलग अपने आप को महसूस करते हैं उनकी संख्या ज्यादा जनवरी महीने से लेकर के मार्च महीने तक रहती है। इसके पीछे की वजह बताया कि लोगों का ब्रेकअप इस समय ज्यादा होता है और अपने आप को हीन भावना की ग्रंथि से देखने लगते हैं और इससे जल्दी उबर भी नहीं पाते हैं। मुंबई और दिल्ली एक ऐसे शहर हैं भारत के जहां पर 14 साल से लेकर के 25 साल के युवा अपने आप को समाज से अलग-थलग पाते हैं।

(4) जब आप अपने आप को हारा हुआ महसूस कर लेते हैं तो यह भी मानसिक थकान का सबसे बड़ा लक्षण है एक गैर सरकारी संगठन के रिसर्च के अनुसार दिल्ली कोटा, लखनऊ, इलाहाबाद जैसे शहरों में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के अंदर नेगेटिव थॉट्स आने के कारण वह अपने आप को हारा हुआ महसूस करने लगते हैं इसका कारण सोशल प्रेशर को बताया गया।

(5) यदि आप फ्यूचर को लेकर के निराश हैं तो यह भी मानसिक थकान का ही लक्षण है। व्यापारी की नगरी कहीं जाने वाली मुंबई में सबसे ज्यादा परसेंटेज रेशियो है फ्यूचर को लेकर के निराश रहने वाले व्यक्तियों की।

(6) यदि आप हर बात पर गुस्सा करने लगते हैं तो यह भी मानसिक थकान का लक्षण है। ऐसा लक्षण सबसे ज्यादा बड़े-बड़े कस्बो और शहरों में पाया जाता है क्योंकि कस्बो और शहरों में लग्जरियस लाइफ जीने के लिए लोग यदि अपने डिजायर को नहीं पूरा कर पाते हैं तो वह अपने परिवार या सगे संबंधियों के ऊपर बार-बार क्रोधित होने लगते हैं यह भी सबसे बड़ा मानसिक थकान के कारणों में से एक है।

(7) यदि आप अपने इमोशंस पर काबू नहीं कर पा रहे हैं तो यह भी मानसिक थकान का लक्षण है सतर्क हो जाइए। दैनिक जागरण की एक रिसर्च के अनुसार फरवरी के महीने में 13 साल से लेकर के 19 साल के युवा के इमोशंस पर काबू नहीं रहता है इसका कारण ब्रेकअप बताया गया है ऐसा नहीं है बहुत सारे व्यक्ति जो कई जेनेटिक बीमारियों से ग्रसित हैं वह भी इमोशंस पर काबू नहीं कर पाते हैं लेकिन उनकी संख्या नाम मात्र की है।

(8) किसी भी कार्य को कठिन मान लेना यह भी मानसिक थकान के लक्षणों में से एक है वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के अनुसार विश्व का इकलौता देश है भारत जहां पर लोग किसी कार्य को करने से पहले उसका परिणाम बता देते हैं और काम को ऊर्जावान होकर करते नहीं है हालांकि वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के अनुसार जो जानकारी बताई गई है वह भारत के कुछ-कुछ क्षेत्रों पर ही लागू होता है जैसे शहरी क्षेत्र मे।

Tiredness Slow Poison In Hindi शरीर को स्लो स्लो प्वाइजन देकर मारने वाला मानसिक थकान के उपचार कौन-कौन से हैं?:

(1) कम से कम 8 घंटे की प्रतिदिन नींद ले

(2) मेडिटेशन करें

(3) मोटिवेशनल थॉट्स को सुने

(4) सोने से पहले I can do it लगभग 10 बार कहे।

(5) ऐसे फ्रेंड्स या रिलेटिव से दूर रहें जो आपके अंदर नेगेटिव थॉट्स डालते हो।

(6) फेक न्यूज़ को जानने से बचे

(7) मनोचिकित्सक या मनोवैज्ञानिक से सलाह ले

(8) समय-समय पर करियर काउंसलर से मिलते रहे

(9) मोरल कहानियां को अपने जीवन में जगह दें

निष्कर्ष:

Tiredness Slow Poison In Hindi:- मानसिक थकान एक स्लो प्वाइजन है। यदि इसकी चपेट में कोई व्यक्ति आ जाता है और उसको सही समय पर सही उपचार नहीं मिलता है तो वह व्यक्ति या तो अपने आप को खत्म कर लेता है या अपने आप को समाज का सबसे नकारा व्यक्ति समझने लगता है।

Faq:

(1) मानसिक रूप से थक जाए तो क्या करें?

यदि आप मानसिक रूप से थक जाए तो आप डेली मेडिटेशन करें और कम से कम 8 घंटे की नींद ले

(2) मानसिक थकावट कैसा दिखता है?

मानसिक थकावट के अंतर्गत रोगी अपने आप को निराशा से घिरा हुआ पता है।

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