यदि गर्मियों में निर्जलीकरण की समस्या दूर करना है तो अपने प्रतिदिन के दिनचर्या में शामिल करे तरबूज

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tarbuj ke fayde

Tarbuj Ke Fayde: गर्मी के मौसम में लोगों का गला सूखने लगता है और जी घबराने लगता है। और साथ ही साथ शरीर में निर्जलीकरण की समस्या उत्पन्न हो जाती है अर्थात डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है। हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है। तब हमारा शरीर सही ढंग से कार्य नहीं कर पाता है अर्थात रक्तचाप बढ़ जाता है और शरीर में आलस सा छा जाता है। जिसके परिणाम स्वरूप शरीर बलिष्ठ होते हुए भी कमजोरी का एहसास होने लगता है। यदि आप इन सब बीमारियों से बचना चाहते हैं तो आप अपने प्रतिदिन के दिनचर्या में तरबूज को अवश्य ही शामिल करें। क्योंकि तरबूज में 97% पानी पाया जाता है जो आपके गले को सूखने नहीं देगा और आपके होंठ को भी नहीं सूखने देगा। और आप अपने आप को स्फूर्तिवान महसूस करेंगे। तो आइए जानते हैं सबसे पहले कि तरबूज होता क्या है और तरबूज़ के फायदे क्या हैं?

तरबूज क्या है? (Tarbuj Kya Hai)

तरबूज एक जायद फसल है। इसके लिए न्यूनतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस लेकर अधिकतम 39 डिग्री सेल्सियस तक चाहिए। और साथ ही साथ इसके लिए रेतीली मिट्टी या चिकनी दोमट मिट्टी चाहिए। तरबूज बाहर से देखने में हरा रंग दिखता है। लेकिन अंदर से यह लाल रंग का है। इसका स्वाद मीठा होता है और साथ ही साथ लाल रंग के गुदे में बीज भी होता है। राजस्थान के कुछ भाग में तरबूज को मतीरा के नाम से जाना जाता है और हरियाणा के कुछ क्षेत्र में इसे हदवाना के भी नाम से जाना जाता है। तरबूज बाजार में आपको मीठा स्वाद से लेकर नमकीन स्वाद तक मिल जाएगा। क्योंकि लोगों के मांग के अनुसार तरबूज में वर्णसंकर के माध्यम से तरबूज में प्रोटीन और कैलोरी को बढ़ाया जा रहा है जिससे लोग गर्मी के मौसम में तरबूज को खाने के साथ-साथ पानी की कमी को भी पूरा कर सकें और साथ ही साथ शरीर को भी मजबूत बना सके।

तरबूज का इतिहास क्या है? (Tarbuj Ka Itihas Kya Hai)

तरबूज की उत्पत्ति भारत के राजस्थान से मानी जाती है। राजस्थान का एक जिला है जोधपुर। जोधपुर में एक गांव है मोडकिया गांव कि जो मिट्टी है वह रेतीली मिट्टी है। इसलिए वहां ज्यादा मात्रा में मतीरा की खेती होती है और पैदावारी भी खूब होती है। यहां का तरबूज खाने में लजीज तो है ही और साथ ही साथ देखने में भी सुंदर लगता है। इस तरबूज को खाने के लिए देश-विदेश से लोग जब राजस्थान के जोधपुर जिले में पर्यटक के रूप में आते हैं तो वह जरूर मोडकिया गांव में तरबूज को खाने के लिए जाते हैं।

यदि हम नियमित गर्मियों के दिन में तरबूज खाते हैं तो इससे मिलने वाला हमारे शरीर के लिए फायदा क्या है?

तरबूज़ के फायदे क्या हैं? (Tarbuj Ke Fayde Kya Hai)

तरबूज में 97% पानी पाया जाता है और 3% में प्रोटीन विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। यदि कहें तो तरबूज हमारे शरीर के हर अंगों के लिए लाभकारी है।

(1) हार्ट को स्वस्थ रखने में सहायक

यदि आप प्रतिदिन अपने आहार में तरबूज को शामिल करते हैं। तब आपको हार्ट से संबंधित कोई भी बीमारी नहीं होगी जैसे कि कोलेस्ट्रॉल का बढ़ जाना और रक्तचाप का बढ़ जाना और साथ ही साथ इस एथेरो स्क्लेरोसिस नामक रोग भी नहीं होगा क्योंकि तरबूज में cytrline नामक एक अमीनो एसिड पाया जाता है जो धमनी में वसा और कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है जिसके परिणाम स्वरूप हमारा हार्ट सही से पंपिंग नहीं कर पाता है तरबूज इस समस्या को दूर करता है।

(2) पाचन क्रिया को बनाएगा मजबूत

तरबूज का सबसे बड़ा लाभ यह है कि जो कब्ज रोगी है अर्थात जिन्हें कब्ज और गैस की समस्या रहती है। उनको गर्मियों के दिन में अवश्य अपने आहार में तरबूज को शामिल करना चाहिए। क्योंकि तरबूज में अच्छी मात्रा में विटामिन सी और साथ ही साथ पोटेशियम और अनसैचुरेटेड फैट वभी पाया जाता है। जो न केवल  कब्ज गैस की समस्या को दूर करता है। बल्कि लीवर और किडनी को स्वस्थ रखने में मदद करता है। आपको पाचन संबंधित कोई समस्या नहीं होगी इसकी सेवन के बाद। क्योंकि तरबूज आपके पेट को ठंडक प्रदान करेगा।

(3) निर्जलीकरण की समस्या से राहत 

यदि गर्मियों के दिन में आपका गला सूखने लगता है और साथ ही साथ आपका होंठ भी सूखने लगता है और आपके चेहरे से रौनक चली जाती है तब आप प्रतिदिन सलाद के रूप में तरबूज का सेवन करें। इससे निर्जलीकरण की समस्या दूर हो जाएगी अर्थात आपके शरीर में पानी की मात्रा बनी रहेगी क्योंकि तरबूज में 97% पानी पाया जाता है और आप का रक्तचाप भी संतुलित रहेगा और आपका जी भी नहीं घबराएगा।

(4) कैंसर रोग से राहत

तरबूज में लाइकोपीन पाया जाता है। लाइकोपिन कैंसर के खतरे को कम करता है अर्थात यदि आप प्रतिदिन अपने आहार में तरबूज का सेवन करते हैं तब आपको प्रोस्टेट कैंसर से निजात मिलेगी क्योंकि लाइकोपिन एंटीमाइक्रोबियल्स है।

(5) मांसपेशियों के जकड़न से राहत

गर्मियों के दिनों में मांसपेशियों में जकड़न सी आ जाती है अर्थात ऐसा प्रतीत होता है कि मांसपेशियां टूट रही है। तब आप प्रतिदिन अपने आहार में तरबूज को शामिल करें क्योंकि तरबूज में कैल्शियम पाया जाता है। और साथ ही साथ विटामिन डी पाया जाता है जो हड्डी को मजबूत बनाए रखता है। और साथ ही साथ मांसपेशियों की जकड़न की समस्या से निजात दिलाता है और इसमें ऐसे अमीनो एसिड पाए जाते हैं जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स और साथ ही साथ cytrline जो मांसपेशियों की जकड़न से राहत प्रदान करने में अपनी प्रमुख  भूमिका निभाते हैं।

(6) प्रतिरक्षा प्रणाली में भी सहायक

तरबूज में विटामिन बी-6पाया जाता है। जो एंटीबॉडी प्रोड्यूस करने में सहायता करता है। जिसके परिणाम स्वरूप हमारा प्रतिरक्षा प्रणाली स्ट्रांग रहता है। और साथ ही साथ anti-inflammatory और एंटी बैक्टीरिया के गुण पाए जाते हैं जो बाहर से आने वाले वायरस या बैक्टीरिया को हमारे शरीर की रक्षा करते है।

(7) आंखों के लिए लाभकारी 

तरबूज में विटामिन ए पाया जाता है। विटामिन ए का रासायनिक नाम रेटिनल है। यदि हमें आंखों से धुंधलापन और साथ ही साथ आंखों का विजन घट गया है तो इसके लिए तरबूज सबसे अच्छा फायदेमंद है।

(8) टाइप-2 डायबिटीज में सहायक

तरबूज टाइप टू डायबिटीज में भी सहायक है। क्योंकि तरबूज में जिंक और पोटेशियम और साथ ही साथ विटामिन D2 एंड विटामिन D3 भी पाया जाता है जो हमारे टाइप टू डायबिटीज में काफी हद तक कारगर है आराम देने में।

(9) बालो के लिए भी लाभकारी है

तरबूज में विटामिन सी पाया जाता है। जो बालों के लिए भी लाभकारी है विटामिन सी बालों के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है। क्योंकि विटामिन सी आयरन को अवशोषित करने का कार्य करता है। और साथ ही साथ इसमें आयरन भी पाया जाता है इसलिए बालों के लिए बहुत ही लाभदायक है तरबूज। तरबूज के बीज का तेल बालों की सभी समस्याओं से लड़ता है। तेल असंतृप्त वसा के रूप बालों के लिए चमत्कारी रूप से बहुत ही फायदेमंद है। 

तरबूज के नुकसान क्या है? (Tarbuj Ke Nuksan Kya Hai)

वैसे तू तरबूज के कोई नुकसान नहीं होता है लेकिन यदि तरबूज ज्यादा खाया जाए इससे शरीर में पोटेशियम की मात्रा ज्यादा हो जाएगी जिससे हमें ओम सिंह की समस्या और जी घबराने लगता है इस बीमारी कोहाइपरकलेमिया कहते है।

तरबूज को अपने आहार में कैसे शामिल करें? (Tarbuj Ko Apne Ahar Me Kaise Shamil Kare)

तरबूज को यदि आप अपने आहार में शामिल करना चाहते हैं तो सलाद के रूप में शामिल कर सकते हैं। सलाद में शामिल करने के लिए सौ ग्राम तरबूज के टुकड़े को लीजिए और एक खीरा और चुकंदर और साथ ही साथ गाजर और प्याज इन सबको मिक्स करके आप सलाद बना सकते हैं। इससे आपको पोषण की पूर्ति भी हो जाएगी और इससे खाने का स्वाद भी बढ़ जाएगा। और यदि आप सलाद के रूप में तरबूज का उपयोग नहीं करना चाहते हैं तो आप तरबूज का उपयोग जूस के रूप में कर सकते हैं। आप प्रतिदिन एक गिलास तरबूज का जूस पीजिए। तरबूज का जूस बनाने के लिए  किसी ब्लेंडर में तरबूज के पल्प को निकाल कर बर्फ के साथ मिक्स कर लीजिए उसके बाद आनंद के साथ पीजिए।

तरबूज में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं? (Tarbuj Me Kya Paya Jata Hai | Tarbuj Me Kon Kon Se Poshak Tatva Hote Hain)

(1) फाइबर

(2) पोटैशियम

(3) आयरन

(4) विटामिन(ए, बी, सी एंड डी)

(5) कैल्सियम

(6) सोडियम

(7) जिंक

(9) नियासिन 

(10) राइबोफ्लेविन

निष्कर्ष

तरबूज एक ऐसा फल है जो पोषण से युक्त है अर्थात इसमें विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की भरपूर मात्रा पाई जाती है। यह हमारे शरीर के अंगों के लिए लाभकारी है जैसे हृदय रोग के लिए आंखों के लिए और साथ ही साथ बालों के लिए आदि।

सामान्य प्रश्न

(1) तरबूज खाने का सही समय क्या है

तरबूज खाने का सबसे सही समय दोपहर का है क्योंकि दोपहर में गर्मी बहुत पड़ती है। इसके लिए आप तरबूज का जूस या सलाद खाइए। क्योंकि तरबूज का तासीर ठंडा होता है। जो पेट के लिए बहुत ही फायदेमंद है।

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