Sutirtha Mukherjee story : इस महीने के 23 तारीख यानी 23 जुलाई से टोक्यो ओलंपिक की शुरुआत होने वाली है। और इस बार भारत की ओर से कई अलग-अलग खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या 127 हैं, और इनमे 56 महिलाएं भी शामिल हैं।

आपको बता दें कि अब महिलाएं हर एक क्षेत्र में बढ़चढ कर आगे आ रही हैं। और इसी के साथ खेल जगत में भी उनका योगदान बढ़ता नजर आ रहा है।

ओलंपिक मे भाग लेने वाली महिला खिलाड़ियों की सूची में ज्यादातर ने अपने–अपने गेम में बेहतरीन प्रर्दशन कर चुकी हैं,ओर अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वह टोक्यो ओलंपिक में वह कैसा परफॉर्म करती हैं।

टेबल टेनिस के खिलाड़ियों की सूची में इस बार कोलकाता की सुतीर्था मुखर्जी का भी नाम शामिल हैं।

सुतीर्था मुखर्जी उन 4 टेबल टेनिस खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक के लिए अपने शानदार परफॉर्मेंस से क्वालिफाई किया है। उन्होंने अब तक अपने नाम कई ट्रॉफी किए हैं। तो चलिए आज उनसे जुड़ी कुछ खास बातें जानते हैं-

सुतीर्था मुखर्जी फर्जीवाड़े जुड़ी कुछ खास बातें : Sutirtha Mukherjee story

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6 साल की छोटी उम्र से कर दी थी खेल की शुरुआत,

10 अक्टूबर 1995 में सुतीर्था मुखर्जी का जन्म कोलकाता में स्थित एक छोटे से शहर नैहाटी में हुआ था। आपको बता दें कि सुतीर्था ने 6 साल की उम्र से ही टेबल टेनिस खेलना शुरू कर दिया था।

उनका यह गेम खेलने का पहला मकसद वजन घटाना था। और शुरुआत के दिनो मे वह इस गेम को शौख से खेला करती थीं, लेकिन उनकी मां ने उन्हें इस खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू के दौरान सुतीर्था मुखर्जी ने कहा था कि उनकी मां कभी भी अपने समय में खेल में भाग नहीं ले पाई। और वह मेरे जरिए हर बार खुद को खेलता देख पाती है।

टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने का सुतीर्था का एक सपना था ताकि वह दुनिया के टॉप 50 रैंक में अपने नाम को देख पाएं।

कैसे पाई टोक्यो ओलंपिक में एंट्री

सुतीर्था मुखर्जी ने टेबल टेनिस की नंबर वन खिलाड़ी मनिका बत्रा को हरा कर टोक्यो ओलंपिक में अपनी जगह बनाई।

दोहा में एशियन क्वालिफायर के दौरान सुतीर्था मुखर्जी ने मनिका बत्रा को हराया था। Sutirtha Mukherjee story, और इसी के साथ अब वह टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

अपने एक इंटरव्यू के दौरान सुतीर्था ने यह बात साझा की कि रियल लाइफ में वह अपनी मां नीता और साथ ही साथ कोच मिहिर घोष को अपने रोल मॉडल के रूप में देखती हैं।

जिन्होंने हर कदम पर उन्हें हमेशा सपोर्ट किया है। आपको बता दें कि सुतीर्था बंगाल की रहने वाली क्यो न हों, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर वह हरियाणा का प्रतिनिधित्व करती हैं।

उनके मुताबिक हरियाणा में खिलाड़ियों को काफी सम्मान मिलता है, और सबसे अधिक तब जब आप मेडल जीत कर आते हैं। टीवी9 के एक रिपोर्ट के मुताबिक आईआईटीएफ के पूर्व अध्यक्ष एमपी सिंह के साथ ही साथ हरियाण के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सुतीर्था को हरियाणा की ओर से खेलने का सुझाव दिया था।

एक साल के लिया हुई थी सस्पेंड , Sutirtha Mukherjee story

बंगाल टेबल टेनिस फेडरेशन ने साल 2015 में सुतीर्था मुखर्जी को लगभग एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया था।

ऐसा इसलिए हुआ था क्योंकि उन्होंने जूनियर टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा करने की चाह में अपने उम्र के बारे में गलत जानकारी दी थी।और सिर्फ इसी वजह से उन्हें साल 2016 में हुए रियो ओलंपिक में जगह नहीं मिल पाई थी।

इसके बाद सुतीर्था मुखर्जी को एक बहुत ही बड़ा झटका लगा था। और वह समय सुतीर्था के लिए बेहद ही मुश्किलों से भरा था। उन्होंने बताया कि उन्होंने गेम को देखना भी छोड़ दिया था।

सुतीर्था उस समय देश की नंबर वन खिलाड़ी थी, लेकिन इस घटना के बाद वह बेहद बूरी तरह से टूट गई थी।

सुतीर्था ने मीडिया से बताया था कि वह दोबारा नहीं खेलना चाहती थी। क्योंकि जब भी वह खेलने की कोशिश करती थी तो उन्हे पुरानी बातें याद आने लगती थी।

उन दिनों कई लोगों ने उन्हें सपोर किया जिनमे उनके परिवार के साथ उनके कोच मिहिर घोष भी शामिल थे।
Sutirtha Mukherjee story : उम्मीद करते हैं कि सुतीर्था इस बार टोक्यो ओलंपिक में भी वैसा ही शानदार प्रदर्शन देंगी जैसा वह राष्ट्रीय स्तर पर देती हैं।

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