सुंदरकांड पाठ करने के फायदे

0
524
Sunderkand Path Karne Ke Fayde

Sunderkand Path Karne Ke Fayde: गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस में सात कांड है बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किंधाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड इन सात कांडों में सबसे प्रसिद्ध और फलदायीं कांड सुंदरकांड है, इस कांड में हनुमान जी की प्रक्रम और हनुमान सीता मिलन की घटना का पूरा वृतांत है। जो भी भक्त श्रद्धा भाव से प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ करता है, उसको हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है। हनुमान जी अष्ट सिद्धियों और नव निधियों से परिपूर्ण है बस भक्तों के अंदर राग दुवेष की भावना नहीं होनी चाहिए। सुंदरकांड में हनुमान जी का लंका की ओर प्रवास करना और लंका में हनुमान जी का विभीषण से मिलन होना और उस अशोक वाटिका को ध्वंश करना। हनुमान सीता मिलन और लंका से वापस आ जाना सारा वृतांत लंका कांड में सन्निहित है।

सुंदरकांड पाठ करने की सही विधि क्या है?-

(1) यदि आप सुंदरकांड का विशेष फल चाहते हैं तो इसके लिए सुंदरकांड का पाठ करने के लिए आप सोमवार का दिन चुने या शनिवार का दिन चुने।

(2) उसके बाद जब भी आप सुंदरकांड का पाठ करने जा रहे हैं तब आपका बाहरी शरीर स्वच्छ होना चाहिए।

(3) उसके बाद हनुमान जी की प्रतिमा और मूर्ति की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए। पूजा करने के बाद हनुमान जी को प्रसाद का भोग लगाएं जैसे मिठाई, सिंदूर नारियल आदि।

(4) हनुमान जी को भोग लगाने के बाद गणेश जी की वंदना करें उसके बाद सुंदरकांड पाठ करना प्रारंभ करें।

Sunderkand Path Karne Ke Fayde:- सुंदरकांड पाठ करने के फायदे कौन-कौन से होते हैं?-

(1) सुंदरकांड पाठ करने से सबसे बड़ा फायदा यह मिलता है कि इससे मनोकामना पूर्ण हो जाती है जैसे आपकी कोई भी मन की इच्छा हो। उसकी पूर्ति हनुमान जी कर देते हैं क्योंकि हनुमान जी अंतर्यामी हैं। वह अपने भक्तों के मन को समझते हैं।

(2) सुंदरकांड का पाठ करने से सबसे बड़े फायदा यह होता है कि आपके जीवन में राहु केतु से लेकर के जो ग्रह नक्षत्र आपकी कुंडली में उलटफेर कर रहे हैं उन ग्रहों नक्षत्रों को सुंदरकांड का पाठ करने से शांत किया जा सकता है।

(3) जिस भी व्यक्ति को भूत पिसाच से डर लगता है तो उस व्यक्ति को सुंदरकांड का पाठ अवश्य करना चाहिए क्योंकि जहां हनुमान जी का नाम होता है वहां भूत पिशाच भी निकट नहीं आते हैं।

(4) यदि मन चंचल प्रवृत्ति का है तो उस व्यक्ति को भी सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए क्योंकि सुंदरकांड का पाठ करने से चंचल प्रवृत्ति खत्म हो जाती है। मन में ठहराव आता है। जिसके बाद मन स्थिर हो जाता है स्थिर होने के बाद मन अपने कार्यों के प्रति सजग हो जाता है जिसके परिणाम स्वरूप लक्ष्य की प्राप्ति होती है।

(5) किसी भी व्यक्ति को यदि धन चाहिए हो, तो उस व्यक्ति को भी सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए, क्योंकि हनुमान जी को माता जानकी द्वारा नव निधियों का आशीर्वाद प्रदान किया गया है। जिसके परिणाम स्वरूप हनुमान जी इन्हीं नवनिधियो के माध्यम से आपके घरों को धन से भर देंगे।

(6) जिस भी दंपति को सन्तान की प्राप्ति नहीं हो रही है उसको भी सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए इससे उसकी सूनी गोद भर जाएगी

(7) जो व्यक्ति हर काम में असफल हो जाता हो और यदि वह चाहता हो कि अब उसका कार्य सफल हो जाना चाइये, तो उसके लिए उसे सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए, जिससे उस व्यक्ति का हर काम सफल हो जाएगा।

निष्कर्ष:

Sunderkand Path Karne Ke Fayde: सुंदरकांड पाठ करने पर मन को शांति मिलती है मन में परोपकार की भावना आती है और इसके अलावा मन चंचल वृत्तियों से दूर होकर के प्रभु की भक्ति में डूब जाता है।

Faq:

(1) सुंदरकांड का पाठ कितने दिन तक करना चाहिए

सुंदरकांड का पाठ 11, 21, 31 या 41 दिनों तक करना चाहिए।

(2) हमें सुंदरकांड कब पढ़ना चाहिए

हम सबको सुंदरकांड मंगलवार के दिन या शनिवार के दिन पढ़ना चाहिए।

(3) क्या हम रोज सुंदरकांड पढ़ सकते हैं

सुंदरकांड हम प्रतिदिन पढ़ सकते है

(4) घर में सुंदरकांड का पाठ किस समय करना चाहिए

सुंदरकांड का पाठ ब्रह्म मुहूर्त के समय और शाम को 4:00 बजे करना चाहिए भूल से भी आपको दोपहर के समय सुंदरकांड का पाठ नहीं करना है।

(5) सुंदरकांड कितने घंटे की होती है

सुंदरकांड का पाठ करने में लगभग 2 से 3 घंटे का समय लगता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here