हाईटेक नर्सरी से लाखों की कमाई कर रहे हैं प्रयागराज के रहने वाले सुधीर कुमार

0
674
Sudheer Maurya Success Story

कोशिश कर हल निकलेगा

आज नहीं तो कल निकलेगा

अर्जुन के तीर सा सध

मरुस्थल से भी जल निकलेगा

Sudheer Maurya Success Story:- यह कविता प्रयागराज के रहने वाले सुधीर कुमार पर एकदम फिट बैठता है। सुधीर कुमार एक ऐसे परिवार से आते हैं जहां पर कृषि के लिए प्रतिकूल दशाएं जैसे उन्नत टेक्नोलॉजी का ना होना और परंपरागत कृषि का होना और कृषि के प्रति उदासीन होना आदि प्रॉब्लम थी लेकिन कहा जाता है कि परिस्थितियां भले अनुकूल न हो लेकिन उसे अपने परिश्रम, साधना और लगन से अनुकूल परिस्थितियों में बदला जा सकता है बस वह जज्बा होना चाहिए इसके लिए आपके अंदर एंटरप्रेन्योर की भूख होनी चाहिए जितनी भूख होगी उतने आप परिश्रम करेंगे। आज से 7 साल पहले कोई यह नही सोचा था कि सुधीर कुमार हाईटेक नर्सरी को अपना करके अपनी लाइफस्टाइल में इतना परिवर्तन कर सकते हैं और कई किसानों के जीवन में परिवर्तन ला सकते हैं उनके हाईटेक नर्सरी की तारीफ उत्तर प्रदेश के कृषि के अवर मुख्य सचिव देवेश चंद्र चतुर्वेदी ने भी की। हाईटेक नर्सरी योजना को सीमांत एवं लघु किसानों तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। पानी की बर्बादी को रोकने के लिए सन 2009 में ड्रिप इरिगेशन टेक्नोलॉजी का इंपोर्ट किया इजराइल से कृषि में जो पानी की बर्बादी हो रही थी वह पानी की बर्बादी रुके इस तरह से उन्होंने जल संरक्षण के अभियान में भी बढ़ चढ़कर साथ निभाया। सुधीर कुमार ने हाईटेक नर्सरी कि जब शुरुआत करनी चाही तो कौन सी चुनौतियां आई उसके विषय में आज उन्ही से जानते हैं।

प्रश्न- सर आपका नाम क्या है

उत्तर- मेरा नाम सुधीर कुमार है

प्रश्न- सर आपकी उम्र कितनी होगी

उत्तर- मेरा उम्र 31साल है

प्रश्न- सर आपका होमटाउन कहां पर है?

उत्तर-हथिगहां फाफामऊ (प्रयागराज)

प्रश्न- सर आपकी एजुकेशन कहां से हुई है और किस स्ट्रीम से की है

उत्तर- मैं 12वीं तक की पढ़ाई सीएबी इंटर कॉलेज सिविल लाइन प्रयागराज से की है और ग्रेजुएशन की पढ़ाई इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से कॉमर्स स्ट्रीम से की है।

प्रश्न- सर आपके माता-पिता का नाम क्या है और उनका प्रोफेशन क्या है?

उत्तर- मेरी माता का नाम सरोजनी देवी है जो एक हाउसवाइफ हैं और पिता का नाम नित्यानंद मौर्य है जो एक किसान है।

प्रश्न- सर आप सिंगल है या मैरिड

उत्तर- मैं मैरिड हूं, मेरी वाइफ का नाम रेखा मौर्य है और मेरा एक बच्चा भी है उसका नाम कुमार गौरव है।

प्रश्न- सर जैसे कि मैंने सुना है और गांव के लोग बता भी रहे थे कि आपने सुधीर हाईटेक नर्सरी के माध्यम से लाखों की कमाई की हैं

उत्तर- यह बात आप सही सुने हैं हां मैं सुधीर हाईटेक नर्सरी के माध्यम से ₹800000 से लेकर के 10 लाख रुपए तक कमा लेता हूं।

प्रश्न- सर हाईटेक नर्सरी क्या होता है इसके विषय में आप कुछ बताएंगे

हाईटेक नर्सरी आम नर्सरी की तरह होता है बस अंतर यह है कि इसमें हाईटेक टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है जैसे कि इसमें टेंपरेचर और रिलेटिव ह्यूमिडिटी को कंट्रोल करने के लिए फैन पैड सिस्टम का यूज किया जाता है। इस सिस्टम के हाईटेक के एक एन्ड पर कूलिंग पैड्स लगे होते हैं जिसमें 24 घंटे लगातार पानी चलता रहता हैं और ऑपोजिट डायरेक्शन में एग्जास्ट लगे होते हैं जो गर्म हवा को बाहर निकाल देता है पानी और पेस्टिसाइड का कार्य बूम इरिगेशन से किया जाता है। जिसमें पेस्टिसाइड और पानी का डिस्ट्रीब्यूशन हर पौधे पर इक्वल रूप से हो पता है। पौधे उगाने के लिए soil less media का यूज़ किया जाता है। soil less media में यदि कंपोनेंट की बात करें तो इसमें होता है cocopeat, perlite और vermiculite। soil less media को तैयार करने के बाद plastic pro trays में रखा जाता है और फिर thermocol base trays मैं फिक्स किया जाता है। alluminated shade net की हेल्प से लाइट की डेंसिटी को कंट्रोल किया जाता है पौधे को कीड़े मकोड़े से बचने के लिए sticky traps लगाए जाते हैं।

Sudheer Maurya Success Story

प्रश्न- सर हाईटेक नर्सरी को लगाने में कितनी लागत आती है

उत्तर- देखिये यह डिपेंड करता है कि आप कितने हेक्टेयर पर हाईटेक नर्सरी को प्लांट करना चाहते हैं यदि कोई बड़ा किसान है जिसके पास 15 हेक्टेयर से लेकर के 20 हेक्टेयर तक का जमीन है तो उसकी लागत लगभग एक करोड़ के आसपास हो सकता है लेकिन जिस किसान के पास एक हेक्टेयर जमीन है तो उसकी लागत लगभग 10 लाख रुपए है।

प्रश्न- सर हमारे देश के किसानों के पास बहुत सारी समस्याएं हैं जिसमें से एक समस्या है इकोनामिक प्रॉब्लम अगर कोई किसान इस टेक्नोलॉजी को प्लांट करने के लिए सोच भी रहा है लेकिन वह 10 लाख रुपए कहां से लाएगा।

उत्तर- आपने बहुत अच्छा प्रश्न पूछा आपको बताना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईटेक नर्सरी स्कीम को चालू किया है जिसके तहत जो किसान हाईटेक नर्सरी को प्लांट करना चाहते हैं तो उनको बताना चाहता हूं कि उनको सरकार के द्वारा 40 लाख रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है। सब्सिडी लेने के लिए किसान भाइयों को उत्तर प्रदेश सरकार के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के ऑफिसियल वेबसाइट पर विजिट करके  सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन करने के बाद हाईटेक नर्सरी का एक प्रोजेक्ट तैयार करना पड़ेगा और उस प्रोजेक्ट को बैंक से लोन लेने के लिए सब्मिट करना पड़ेगा। उसके बाद आपका लोन अप्रूव्ड हो जाएगा लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि जॉइंट इंस्पेक्शन कमेटी उसे चेक करेगी और फिर उसका जियो टैगिंग करेगी। जॉइंट इंस्पेक्शन कमेटी का चेक करने का उद्देश्य यह रहता है कि आपको जो लोन अप्रूव हुआ है उस लोन का अमाउंट आप ड्रिप इरीगेशन, पाली हाउस, नेट हाउस के लिए यूज किए हैं कि नहीं।

प्रश्न- सर आप बताइए की उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईटेक नर्सरी स्कीम अभी तक किन-किन जिलों में चालू की हैं

उत्तर- उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईटेक नर्सरी स्कीम अभी तक 45 जिलों में चालू की है जिसमें प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, सुल्तानपुर और भदोही आगरा जैसे जिले शामिल है।

प्रश्न- सर जैसे की आप बीकॉम से ग्रेजुएशन किया है फिर आप बैंकिंग सेक्टर में ना जा करके एग्रीकल्चर सेक्टर में क्यों आ गये, थोड़ा बताएंगे आप

उत्तर- इसके पीछे बहुत इंटरेस्टिंग किस्सा है बात यह है कि जब मैं बीकॉम की पढ़ाई इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पूरी कर ली तब मैं सोच रहा था कि जैसे कि सब बच्चे किसी प्राइवेट बैंक में जॉब करते हैं वैसे मैं भी जॉब कर लेता हूं और मैंने जॉब भी किया लेकिन मुझे इस जॉब में सेटिस्फेक्शन नहीं मिला। मुझे लग रहा था कि मुझे ओ किक नहीं मिल रही है जिसके लिए मैं बना हूं। इसीलिए मैंने सोचा कि हमारे गांव की किसानों की हालत अच्छी नहीं है और उनके पास टेक्नोलॉजी का अभाव भी है क्यों ना मैं भी कुछ ऐसा करूं की मेरी आमदनी भी हो जाए और थोड़ा बहुत किसानों को टेक्नोलॉजी से अवगत भी कर दिया जाए जिससे किसान अपनी आय को दुगनी कर सके इसीलिए मैंने एग्रीकल्चर को ही अपना करियर मान लिया और इसी में दिन दूनी रात चौगुनी की रफ्तार से हार्ड वर्क करना शुरू कर दिया।

Sudheer Maurya Success Story प्रश्न- सर आप ये बताइए की हाईटेक नर्सरी को प्लांट करने के लिए आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा

उत्तर- शुरुआती स्तर पर मुझे हाईटेक नर्सरी को प्लांट करने में तरह-तरह की समस्याएं आए जैसे की एक प्रॉब्लम पैसे की थी और दूसरी प्रॉब्लम इंफ्रास्ट्रक्चर की थी और अनुकूल एटमॉस्फेयर भी नहीं था मेरे मन में यह भी प्रश्न उठ रहा था कि हाईटेक नर्सरी के लिए जो औसत टेंपरेचर होना चाहिए था वह अवसर टेंपरेचर मिनिमम 27 डिग्री सेल्सियस से लेकर के मैक्सिमम 30 डिग्री तक होना चाहिए था और औसत टेंपरेचर के लिए सबसे उपयुक्त क्षेत्र दक्षिण भारत का है क्योंकि दक्षिण भारत जैसे केरल तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में औसत टेंपरेचर 30 डिग्री प्लस ही रहता है और उत्तर भारत में औसत टेंपरेचर 30 डिग्री से नीचे ही रहता है इसीलिए हाईटेक नर्सरी के लिए उत्तर प्रदेश में तापीय विषमता के कारण मुझे भय लग रहा था कि हाईटेक नर्सरी सफल होगी या असफल। शुरुआती स्तर पर मुझे इकोनामिक लॉस हुआ जिससे मुझे लगभग ₹800000 का घाटा हुआ लेकिन मैं इस इकोनामिक लॉस को दरकिनार करते हुए फिर नए सिरे से टेक्नोलॉजी को सही तरीके से एग्जीक्यूट किया और आज मैं आसानी से ₹800000 से 10 लाख रुपए तक कमा लेता हूं।

Sudheer Maurya Success Story
प्रश्न- सर क्या खेती करके आजीविका चलाई जा सकती है

उत्तर- खेती करके आजीविका चलाई जा सकती है बस आपको टेक्नोलॉजी को अपने जीवन में शामिल करना होगा। यदि आप टेक्नोलॉजी के साथ खेती करेंगे तब आप एक अच्छा मुनाफा कमा सकेंगे ऐसे ही एक किसान है मध्य प्रदेश के जो जापान की एक आम की प्रजाति है मियाजाकी वह उस आम की खेती करते हैं और वह आम के सीजन में आसानी से 4 करोड रुपए से लेकर के 10 करोड रुपए तक कमा लेते हैं।

प्रश्न- सर आप बताइए की एग्रीकल्चर में प्रच्छन्न बेरोजगारी को कैसे खत्म किया जाए

उत्तर- आपने बहुत अच्छा क्वेश्चन किया आपको बताना चाहता हूं कि हमारे भारत देश मे प्रच्छन्न बेरोजगारी बहुत ज्यादा है क्योंकि बहुत सारे किसान जिनके पास एक हेक्टेयर जमीन है और उस एक हेक्टेयर जमीन पर काम करने के लिए यदि दो किसानो की आवश्यकता है तो उसमें 6 किसान काम कर रहे हैं और जो उत्पादकता दो किसानों से होती है वही उत्पादकता 6 किसानों से भी होती है तो चार किसानों का श्रम व्यर्थ में चला जाता है यदि प्रच्छन्न बेरोजगारी से हम सबको निजात भी पाना है तो टेक्नोलॉजी को अपनाना होगा और साथ ही साथ जो छोटे किसान हो उनको इसके विषय में अवगत कराना होगा कि परिवार के इतने सदस्यों की आवश्यकता नहीं है खेती करने के लिए सिर्फ दो सदस्यों की ही आवश्यकता होती है।

प्रश्न- सर आप किसानों के लिए कुछ संदेश देना चाहते हैं

उत्तर- मैं अपने किसान साथियों से यही कहना चाहता हूं कि हमारे देश की मिट्टी में जो उत्पादन क्षमता है उस उत्पादन क्षमता को पेस्टिसाइड का यूज करके नष्ट नहीं करना है बल्कि सभी किसान साथियों को खेती करने के लिए ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर की ओर उन्मुख होना चाहिए।

सर आप your voice story पर अपने विचार साझा किया इसके लिए आपका बहुत-बहुत आभार।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here