जानिए सोंठ के लड्डू के फायदे के बारे में जो जन्म देने वाली माताओं के लिए किसी दुर्लभ आयुर्वेदिक औषधि से कम नहीं है

0
1369

Sonth ke Laddu ke Fayde: ठंडी के मौसम में यदि सर्दी जुखाम और आलस और वायरल इनफेक्शन जैसी समस्याओं से परेशान है। इसके लिए आप सोंठ के लड्डू का उपयोग कर सकते हैं। सोंठ के लड्डू में विटामिन और कई खनिज पोषक तत्व भी पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के विकास के लिए आवश्यक माने जाते हैं। सोंठ का वैज्ञानिक नाम जिंजीबर ऑफिसिनाले है। सोंठ के लड्डू में अनेक दुर्लभ गुण जैसे anti-inflammatory, anti-diabetic और एंटीमाइक्रोबियल्स इसके अलावा एंटीबैक्टीरियल । सोंठ का लड्डू खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होता है। उत्तर भारत में ठंडी के मौसम में हर घर आपको सोंठ का लड्डू आपको अवश्य मिल जाएगा। ठंडी के मौसम में आपको बड़ी सुलभता से आपको इसलिए मिल जाएगा क्योंकि इस लड्डू के अनोखे स्वाद का  लुफ्त उठाते हैं और सर्दी जुखाम इंफेक्शन से भी बचे रहते हैं। इतना ही नहीं यह लड्डू देखने में भी सुंदर लगता है। बस आप इसका सेवन ज्यादा मात्रा में मत करिए क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है। जिसके परिणाम स्वरूप आपको पेट की प्रॉब्लम हो सकती है। जीभ को नियंत्रित करके ही इसका सेवन करिए।

सोंठ के लड्डू में पाए जाने वाले पोषक तत्व कौन- कौन सा होता है?

(1)प्रोटीन

(2)विटामिन बी-6

(3) विटामिन सी

(4)विटामिन बी-12

(5)मैग्नीशियम

(6) कर्बोहायड्रेट

(7) सोडियम

(8)कैल्शियम

(9) जिंक

(10) कॉपर

(11)सेलेनियम

Sonth ke Laddu ke Fayde क्या -क्या होते हैं?

(1) सर्दी जुखाम होने से बचाता है

सोंठ के लड्डू की तासीर गर्म होती है। जिसके परिणाम स्वरूप आपको सर्दी जुखाम नहीं होगा। इसका एक और कारण यह है कि इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी का गुण भी पाया जाता है जो आपको सर्दी जुकाम से सुरक्षित रखता है।

(2) पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है

सोंठ के लड्डू में कई ऐसे विटामिंस और मिनरल्स पाए जाते हैं जो आपकी पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई एंजाइम्स और हारमोंस को स्रावित करने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं। जिससे आपकी पाचन क्रिया सुदृढ़ रहे और आप जो भी भोजन करें सुपाच्य भी हो जाए।

(3) रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है

सोंठ का लड्डू रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। इसका कारण यह है कि इसमें पाया जाने वाला एंटीबैक्टीरियल गुण जो वातावरण की बैक्टीरिया को आपके शरीर में परिवेश ना कर पाए। इसके लिए यह एक किला की  भांति कार्य करता है। यदि गलती से प्रवेश कर भी गया बैक्टीरिया तो उसके खिलाफ आपके ब्लड में एंटीबॉडी का निर्माण कर देगा। जिसके परिणाम स्वरूप वाह बैक्टीरिया स्वत्: ही आपके शरीर में नष्ट हो जाएगा।

(4) चेस्ट पेन का समाधान भी करता है

फास्ट फूड जैसे चाऊमीन, पिज्जा, बर्गर ,समोसा का सेवन करने से कभी कभार गैस की वजह से चेस्ट पेन की भी प्रॉब्लम होने लगती है। लेकिन यदि आप चाहते हैं आपको भविष्य में चेस्ट पेन ना हो तो इसके लिए आप सोंठ के लड्डू का सेवन करिए। इससे आपको भविष्य में कभी भी चेस्ट पेन की समस्या नहीं होगी।

(5) जन्म देने वाली माता के लिए भी फायदेमंद है

सोंठ का लड्डू जन्म देने वाली माताओं के लिए भी किसी चमत्कार से कम नहीं है। क्योंकि  सोंठ के लड्डू का तासीर गर्म होता है। जिसके परिणाम स्वरूप शरीर में वात पित्त और कफ का संतुलन बना रहता है। जिससे जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहते हैं। इतना ही नहीं सोंठ का लड्डू दुग्ध स्रावित करने वाले हारमोंस को भी कुछ हद तक प्रभावित करता है। इसके अलावा इससे जन्म देने वाली माता को ताकत भी मिलती है। क्योंकि सोंठ के लड्डू में ऐसे आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे प्रतिदिन के जीवन के लिए बहुत जरूरी है।

(6) हेयरफाल को कम करता है

सोंठ का लड्डू हेयर फॉल को भी कम करता है क्योंकि सोंठ के लड्डू में विटामिन सी पाया जाता है। विटामिन सी बालों के लिए बहुत ही आवश्यक विटामिन है। यदि शरीर में विटामिन सी की कमी हो जाए बाल पतले होकर की गिरने लगते हैं।

सोंठ के लड्डू के दुष्प्रभाव क्या-क्या है?

सोंठ के लड्डू के दुष्प्रभाव वैसे तो कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होता है। इसका कारण यह है कि क्योंकि इस लड्डू में कोई भी रसायनिक तत्व नहीं मिलाया गया है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि आप इसका सेवन ज्यादा करते हैं तो आपको निर्जलीकरण और इसके अलावा पेट में कब्ज गैस की भी समस्या हो सकती है। इसलिए इसका सेवन प्रतिदिन लड्डू से ज्यादा न करें।

सोंठ के लड्डू का सेवन कैसे करें?

सोंठ के लड्डू का सेवन आप दिन में किसी भी समय कर सकते हैं। लेकिन ज्यादा लाभप्रद यह तब होगा जब आप इसका सेवन सुबह ब्रेकफास्ट के रूप में करेंगे। इससे यह होगा कि आप अपने आप को एनर्जेटिक फील करेंगे।

सोंठ का लड्डू बनाने में प्रयुक्त होने वाली सामग्री कौन-कौन सी है?

(1) सोंठ पाउडर

(2) गन्ने का गुण

(3)सूखा नारियल

(4)गेंहू का आटा

(5) देशी घी

(6) बादाम

(7) पिस्ता 

(8) गोंद

Sonth ke Laddu ke Fayde

सोंठ के लड्डू बनाने की विधि क्या है?

(1) सबसे पहले बादाम को मिक्सी के माध्यम से  इसका पेस्ट बनाना है और उसके बाद पिस्ता को छोटे-छोटे भागों में काट दीजिए गोद का भी छोटे-छोटे भाग कर दीजिए।

(2) फिर इसके बाद कढ़ाई में दो चम्मच घी डालिए।घी  डालने के बाद गोद को डालिए और अच्छी तरह से गोद को चलाइए। तब तक चलाइए जब तक गोद फूल न जाए। फूलने के बाद गोंद को निकालकर के एक अलग प्लेट में रख लीजिये। उसके बाद बचे हुए घी में गेहूं का आटा डालिए और गेहूं के आटे को तब तक चलाइए मध्यम आंच पर रखकर करके जब तक आटे में ब्राउन रंग ना आ जाए।

(3) ब्राउन हुए आटे को निकाल कर के एक प्लेट में रख दीजिए। उसके बाद फिर से घी डालिए और घी डालने के बाद सोंठ पाउडर को डालिए और लगभग 2 मिनट तक चलाइए 2 मिनट तक चलाने के बाद सोंठ पाउडर को निकाल कर के उस ब्राउन हुए आटे में मिला दीजिए।

(4) इसके बाद गुड को कढ़ाई में डालिए। जब गुड कड़ाही में पिघल जाए। तब उसके बाद सारी सामग्री जैसे ब्राउन हुआ आटा और गोंद और सूखा नारियल और पिस्ता और इसके अलावा सोंठ पाउडर को डाल दीजिए उसके बाद गैस को बंद कर दीजिए और फिर 15 मिनट तक वेट करिए। वेट करने के बाद जब यह ठंडा हो जाए तब आप इसका लड्डू बना लीजिए और किसी डिब्बे मे प्रिजर्व करके रख दीजिए।

निष्कर्ष:

Sonth ke Laddu ke Fayde: सोंठ का लड्डू स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत ही फायदेमंद होता है। विशेष करके ठंडी के मौसम में जन्म देने वाली माताओं के लिए किसी दुर्लभ आयुर्वेदिक औषधि से कम नहीं है। क्योंकि यह जन्म देने वाली माताओं के अंदर दुग्ध श्रावण में भी अपना अहम योगदान देता है। इसके अलावा जन्म देने वाली मां के शरीर को भी गर्म रखता है जिससे सर्दी जुखाम ना हो।

FAQ:

(1) सोंठ के लड्डू की तासीर कैसी होती है?

सोंठ के लड्डू की तासीर गर्म होती है।

(2) सोंठ के लड्डू में कौन सा विटामिन पाया जाता है?

सोंठ के लड्डू में विटामिन B6 और विटामिन B12 और इसके अलावा विटामिन सी भी पाया जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here