शादीशुदा महिलाएं बिछिया क्यों पहनती हैं

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Shadishuda Mahila Bichhiya kyu pahenti hai

Shadishuda Mahila Bichhiya kyu pahenti hai: एक सर्वे के मुताबिक भारत में हर वर्ष पूरी दुनिया की तुलना में 30 परसेंट से लेकर के 45% तक के सोने और चांदी से बने श्रृंगार के सामान को महिलाएं और पुरुष दोनों धारण करते हैं। इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि भारत में सोने और चांदी की मांग कितनी है इसके पीछे का कारण यह है कि भारत एक सांस्कृतिक विविधता वाला देश है। जहां पर प्राचीन काल की संस्कृति को आधुनिक युग में बढ़-चढ़कर माना जाता है श्रृंगार हर भारतीय महिलाओं का गहना होता है जिससे महिलाएं अत्यधिक सुंदर लग सके। आप देखेंगे कि हड़प्पा सभ्यता का एक स्थले चन्हूदड़ों जहां पर से लिपस्टिक का साक्ष्य प्राप्त होता है। इनसे साबित हो जाता है कि महिलाएं आज से लगभग 6000 वर्ष पहले भी इसी तरह से श्रृंगार करती थी। इनके श्रृंगार के क्रम में उनके एक श्रृंगार का समान है बिछिया जो पैरों में पहना जाता है। बिछिया वैसे तो एक कल्चर का भाग है लेकिन इसके वैज्ञानिक फायदे भी हैं क्योंकि इसको पहनने से शरीर में रक्त परिसंचरण अच्छे से होता है और गर्भाशय में संकुचन भी होता है। आज हम इसी बिछिया के विषय में चर्चा करने वाले हैं आखिरकार भारतीय महिलाएं बिछिया क्यों पहनती है।

आइए सबसे पहले जानते हैं कि बिछिया क्या होता है?-

बिछिया एक आभूषण होता है जो भारतीय शादीशुदा महिलाएं अपने पैर के दूसरी उंगली में पहनती हैं। इसे प्राचीन काल में अंगूठी भी कहा जाता था। माँ सीता का अपहरण जब दुष्ट रावण ने कर लिया तो माँ सीता राम को संकेत देने के लिए अपने पैर से बिछिया को नीचे गिरा दिया था। जिससे भगवान श्रीराम को यह मदद मिल सके की माता सीता का अपहरण करके रावण किस दिशा की ओर ले गया है। महाभारत के समय में भी देखेंगे द्रोपति से लेकर के गांधारी और सुभद्रा तक अपने पैरों में बिछिया पहनती थी, बिछिया पहनने के पीछे उनकी आस्था जुड़ी थी।

बिछिया पहनने के फायदे कौन-कौन से होते हैं?-

(1) बिछिया पहनने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि यह वैवाहिक जीवन को दर्शाता है अर्थात जिस भी महिला ने बिछिया को अपने पैर में धारण किया हुआ है आप आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं कि इस महिला की शादी हो गई है।

(2) शादीशुदा महिलाओं को बिछिया पहनने का सबसे बड़ा फायदा यह मिलता है कि उन्हें गर्भ धारण करने में मदद मिलती है।

(3) बिछिया पहनने का एक बड़ा फायदा यही होता है कि इससे शादीशुदा महिला का मन बहुत शांत होता है मन में नकारात्मक विचार नहीं आते हैं।

(4) बिछिया पहनने वाली महिलाओं को कभी आलस्य नहीं आता है उनके शरीर में फुर्ती बनी रहती है।

शादीशुदा महिलाएं बिछिया क्यों पहनती हैं

बिछिया ना पहनने से होने वाले नुकसान कौन-कौन से होते हैं?

(1) यदि कोई शादीशुदा महिला अपने पैर के अंगूठे में बिछिया नहीं पहनती है तो उसका पति कई बीमारियों की चपेट में आ सकता है।

(2) जिस घर में शादीशुदा महिलाएं बिछिया नहीं पहनती हैं उस घर की आर्थिक तरक्की रुक जाती है।

(3) जो शादीशुदा महिला बिछिया नहीं पहनती है उस महिला को संतान की प्राप्ति नहीं होती है।

बिछिया पहनते वक्त इन बातों को रखें ध्यान:

(1) शादीशुदा महिलाओं को चांदी धातु से बनी बिछिया को ही हमेशा अपने पैर के अंगूठे में पहननी चाहिए।

(2) बिछिया को हमेशा पैर की दूसरी उंगली या तीसरी उंगली में पहने।

(3) जब कोई विवाहित महिला बिछिया को अपने पैरों में धारण कर रही हो तब उसे यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि बिछिया का रंग काला नहीं होना चाहिए।

निष्कर्ष:

Shadishuda Mahila Bichhiya kyu pahenti hai: मनुस्मृति के अनुसार बिछिया जहां एक तरफ महिलाओं के पैरों की सुंदरता को बढ़ाता है वहीं दूसरी तरफ यह महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभकारी होता है।

Faq:

(1) क्या शादी के बाद बिछिया पहनना जरूरी है?

शादी के बाद बिछिया पहनना जरूरी होता है क्योंकि यह सुहाग की निशानी होती है।

(2) बिछिया कितनी पहननी चाहिए

शादीशुदा महिलाओं को अपने पैर की दूसरी और तीसरी उंगली में बिछिया पहननी चाहिए।

(3) बिछिया को कौन सी उंगली में पहनना चाहिए

बिछिया को हमेशा पैर की दूसरी उंगली में पहनना चाहिए।

(4) बिछिया टूटने का मतलब क्या होता है

बिछिया टूटने का मतलब यह होता है कि आपके घर से लक्ष्मी जी का पलायन हो रहा है अर्थात आपके घर से लक्ष्मी की कृपा खत्म हो गई है।

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