सहजन के फायदे

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Sahjan ke Fayde

Sahjan ke Fayde: भारत एक उष्णकटिबंधीय प्रदेश वाला राष्ट्र जहां पर सघन वनों से लेकर के विरल वन पाए जाते हैं। इन वनों में बहुत सारे ऐसे वनस्पति पाए जाते हैं जो जड़ी-बूटी के अलावा प्राचीन काल से भारतीय व्यंजन के अभिन्न हिस्सा भी रहे हैं। इन्हीं वनस्पतियों में से एक वनस्पति का नाम सहजन है। भारत में कश्मीर से कन्याकुमारी तक सहजन के वृक्ष पाए जाते हैं। जहां सहजन के वृक्षों का अभाव होता है। उस क्षेत्र में सहजन के वृक्ष का रोपण भी किया जाता है। इसका रोपण करने के पीछे का कारण यह है कि इसमें कई सूक्ष्म खनिज पोषक तत्व पाए जाते हैं।जो शरीर को बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार करते हैं। सहजन की सब्जी स्वाद में भी अच्छी होती है। 

आइए अब जानते हैं कि सहजन क्या होता है?

सहजन एक प्रकार का सब्जी है। जिसका वैज्ञानिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा है। सहजन के पेड़ की लंबाई न्यूनतम 20 फीट से लेकर के 60 फीट के बीच में होता है। सहजन की शाखाएं बहुत नरम होती है। सहजन में लगने वाले फली की लंबाई लगभग 1 फीट तक होता है। यदि वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो सबसे बड़ा उत्पादक देश सहजन का भारत है। भारत में सहजन उत्तर भारत के राज्यों के अलावा दक्षिण भारत के राज्य और पूर्वोत्तर भारत के राज्य सहजन की खेती बड़ी मात्रा में करते हैं। भारत में हर वर्ष लगभग 2 मिलियन टन से लेकर के 4 मिलियन टन तक सहजन का उत्पादन होता है। यह आंकड़ा हर वर्ष बदलता रहता है। इसका कारण यह है कि क्योंकि जिस वर्ष वर्षा और जलवायवीय दशा सहजन के अनुकूल हुई तो सहजन की की उत्पादकता बढ़ जाती है।

सहजन में पाए जाने वाला पोषक तत्व कौन कौन सा है?

(1)विटामिन A

 (2)विटामिन B1

 (3)विटामिन B2

(4)विटामिनB3

(5)विटामिन B6

 (6)विटामिन C

(7)पोटेशियम 

(8)आयरन

 (9)मैग्नीशियम

 (10)फास्फोरस

 (11)जिंक

 (12)कैल्शियम 

Sahjan ke Fayde कौन कौन से होते हैं?

(1) वेट लॉस में हेल्प करता है

यदि आप अपने डेली रूटीन के लिए सब्जियों की सूची बनाते हैं तो उस सूची में जरूर आप सहजन की फली को अवश्य शामिल करिए। इससे यह होगा कि आप जो मोटापे की प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं उन से निजात पाने में आपकी काफी हेल्प भी करेगा। सहजन में anti-obesity का गुण पाया जाता है जो वेट लॉस करने में आपका हेल्प करता है।

(2) कैंसर के जोखिम को कम करता है

सहजन की पत्तियों में पॉलीफेनोल्स और पॉलीफ्लोनोइड्स नामक गुण पाया जाता है जो कैंसर की बढ़ती अनियमित कोशिकाओं को न केवल नियंत्रित करती है। अपितु कैंसर के रोग से जो मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना झेल रहे हैं उन से निजात दिलाने में भी काफी अहम भूमिका निभाती है।

(3) मधुमेह के स्तर को नियंत्रित करता है

यदि आपका मधुमेह आपके अनियमित खान-पान के कारण बढ़ जा रहा है तो आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है। बस आपको प्रतिदिन सब्जियों के रूप में साजन को शामिल करना है। इससे यह होगा कि आपका मधुमेह रोग नियंत्रित हो जाएगा जो नियमित रूप से बढ़ रहा था। इसका कारण है सहजन में anti-diabetic का गुण भी पाया जाता है।

(4) हड्डियों को स्वस्थ्य बनाता है

सहजन में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस जैसे सूक्ष्म में पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह पोषक तत्व हड्डियों में होने वाली बीमारी जैसे अर्थराइटिस, ओस्टियोपोरोसिस और साइटिका से सुरक्षा प्रदान करता है। इंडियन काउंसिल मेडिकल रिसर्च के एक शोध के अनुसार सहजन में एंटी ओस्टियोपोरोटिक का भी गुण पाया जाता है।

(5) हार्ट को तंदुरुस्त रखता है

हार्ट की बीमारी बहुत ही खतरनाक होती है जो भी व्यक्ति इससे प्रभावित होता है उसका जीना दुश्वार हो जाता है। क्योंकि उसके भोजन पर कई प्रकार के रिस्ट्रिक्शन लग जाते हैं और सोशल गैदरिंग से उसे दूर रखा जाने लगता है।यह तमाम समस्याएं होने लगती हैं।यदि इन समस्याओं से डटकर सामना करना है तब आप सहजन की पत्ती का सेवन करिए। सहजन की पत्तियों में बीटा कैरोटीन नामक प्रोटीन पाया जाता है जो हार्ट को तंदुरुस्त रखता है।

(6) एनीमिया रोग में भी मदद करता है

सहजन की पत्तियों और फली में आयरन पाया जाता है। यह आयरन हीमोग्लोबिन के उत्पादन को बढ़ा देता है। जिससे शरीर में ब्लड बनने लगता है। यदि शरीर में आयरन की कमी हो जाए तब आपके शरीर में ब्लड बनना बंद हो जाएगा और आपके शरीर में खून की कमी हो जाएगी। यदि आप चाहते हैं कि आपको खून की कमी ना हो तो इसके लिए आप सहजन की पत्तियों या फली का सेवन करिए। क्योंकि सहजन की पत्तियों या फली में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। एक कहावत है कि “सहजन की सब्जी खाने वाले का जीवन सहजन की तरह लंबा हो जाता है”

(7) रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करता है

जिस भी व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता आवश्यक मापदंडों से कमजोर रहता है। उसको कोई न कोई बीमारी जरूर घेर लेती है। वह हर समय अपनी उपचार में ही लगा रहता है। यदि जिस व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता स्ट्रांग होती है। वह किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में अपना जीवन जी सकता है। यदि आप चाहते हैं कि आपका रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े। तब आप सहजन की पत्तियों या फली का सेवन करिए। इससे आपका रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगा और आप मौसमी बीमारियों से बचे भी रहेंगे।

सहजन के नुकसान कौन-कौन से होते हैं?

(1) सहजन के छाल का सेवन गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए इससे गर्भपात होने की प्रायिकता बढ़ जाती है।

(2) लो ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम होने लगती है।

(3) इसके ज्यादा सेवन से हीमोग्लोबिन का लेवल भी बढ़ सकता है।

(4) ग्लूकोज में कमी हो सकती है।

अब यह प्रश्न उठता है कि सहजन का उपयोग कैसे करें?

(1)सहजन की पत्तियों और फली का सब्जी बना करके इसको अपने डेली रूटीन का भाग बना सकते हैं।

(2) चिकित्सक परामर्श करने के बाद सहजन का टेबलेट भी उपयोग कर सकते हैं।

(3) सहजन की पत्तियों को पानी में उबालकर के इसका सूप भी बना सकते हैं।

(4) यदि आप चाहें तो सहजन की पत्तियों को धूप में सुखा करके उसका पाउडर बना ले। पाउडर बनाने के बाद आप उसका सेवन सब्जी, सलाद, दाल आदि में कर सकते हैं।

निष्कर्ष:

सहजन में विटामिन ए ,विटामिन बी और कैल्शियम मैग्नीशियम, फास्फोरस जैसे बहुमूल्य पोषक तत्व पाए जाते हैं  जो हमें हमारे शरीर में होने वाले विकारों से जैसे डायबिटीज, मोटापा, बालों का झड़ना, रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना आदि से सुरक्षा प्रदान करता है।

FAQ:

(1) सहजन कौन-कौन सी बीमारी में काम आता है?

सहजन मोटापा, डायबिटीज, साइटिका और कैंसर जैसी बीमारियों में काम आता है।

(2) क्या हम रोज सहजन खा सकते हैं?

सहजन को आप प्रतिदिन खा सकते हैं। प्रतिदिन खाने से इसके कोई दुष्परिणाम नहीं होते हैं। बस आप एक संतुलित मात्रा में ही सहजन का सेवन करें।

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