रोग प्रतिरोधक क्षमता को कैसे बढ़ाए

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Rog Pratirodhak Kshamta ko Kaise Badhaye

Rog Pratirodhak Kshamta ko Kaise Badhaye: सन 2020 में कोरोनावायरस के दस्तक पर लोग रोग प्रतिरोधक क्षमता की ओर ज्यादा ध्यान देने लगे। प्रारंभ में कहा जा रहा था कि जिस व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रहती है। कोरोना उसी पर वार करता है। यह बात सही भी है। भारत सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार 60 साल से ज्यादा उम्र वाले व्यक्तियों के लिए कोरोना किसी काल से कम नही था इसलिए उन्हें घर से बाहर निकलने के लिए रिस्ट्रिक्शन लगा दिया गया था। अब आपके मन में प्रश्न उठ रहा होगा कि क्या जो 18 से 40 उम्र वाले व्यक्ति थे उनको कोरोना नहीं हो रहा था। उनको भी हो रहा था लेकिन उनकी रिकवरी रेट और ठीक होने की प्रायिकता ज्यादा थी। इसीलिए वृद्ध व्यक्तियों को घर में रहने की हिदायत दी गई थी। रोग प्रतिरोधक क्षमता हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक है। क्योंकि यह बाहर से आने वाले जो वायरस है उनके खिलाफ हमारे शरीर में प्रतिरोधक का काम करते हैं। यदि हमारा प्रतिरोधक क्षमता स्ट्रांग होगा तो हमें रोग नहीं होगा। कभी-कभी आप ऐसे व्यक्ति जरूर देखें होंगे जो वातावरण के प्रति संवेदनशील होते हैं। मौसम परिवर्तन के साथ ही उन्हें कोई न कोई बीमारी अवश्य हो जाती है। आज हम रोग प्रतिरोधक क्षमता के विषय में ही जानेंगे कि क्या होता है? कारण क्या है और उसका समाधान क्या है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता क्या होता है?

रोग प्रतिरोधक क्षमता जिसे इंग्लिश में इम्यूनिटी  कहते है। यह हमारे शरीर को अंदर से बीमारियों से लड़ने के लिए शक्ति प्रदान करता है। यदि हमारा रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रहेगा तो कोई भी बीमारी हमें आसानी से हो जाएगी। इसीलिए हमें अपने दिनचर्या में परिवर्तन के अलावा उसमें स्वास्थ्यवर्धक फूड को भी शामिल करना होगा तभी हमारा रोग प्रतिरोधक क्षमता स्ट्रांग रहेगा।

Rog Pratirodhak Kshamta ko Kaise Badhaye

रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर क्यों हो जाता है?

(1) रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने का जो मुख्य कारण है वह पान मसाला और गुटखा का सेवन करना है ।

(2) फास्ट फूड का सेवन करना जैसे समोसा, चाट, बर्गर डोसा, फाफड़ा आदि।

(3) आलस्य पूर्ण जीवन व्यतीत करना यह भी कारक है रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने का

(4) बहुत अधिक तनाव लेना

(5) रक्तचाप का अनियंत्रित होना

(6) खाना खाने से पहले हाथ का ना धोना।

(7) अल्कोहल का सेवन करना

रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने का लक्षण क्या है?

(1) थकान महसूस करना

(2) बार बार सर्दी जुकाम हो जाना

(3) एलर्जी की प्रॉब्लम

(4) ऑटोइम्यून डिजीज हो जाना

(5) मौसम परिवर्तन से प्रभावित हो जाना

Rog Pratirodhak Kshamta ko Kaise Badhaye

(1) किसी भी बात पर तनाव नहीं लेना है

तनाव लेना भी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने का मुख्य कारण है। इसीलिए तनाव नहीं लेना है। यदि तनाव लेने से बचना है तो आपको ध्यान करना है। ध्यान करने से आपके मन में सकारात्मक विचार आएंगे नकारात्मक विचार दूर होंगे और आपकी दिनचर्या पूरी तरह से सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण हो जाएगी। अमेरिका की एक जनरल पत्रिका में प्रकाशित एक शोध में खुलासा हुआ है कि जो व्यक्ति अधिक तनाव लेता है। वह किसी भी बीमारी की संपर्क में आम व्यक्तियों के मुकाबले में पहले आता है।

(2) फास्ट फूड के सेवन से बचना है

फास्ट फूड जैसे समोसा, चाट और टिक्की का सेवन नहीं करना है। इसके बजाय आप अनार, पपीता और अंडा चिकन और मटन का सेवन करना है क्योंकि इन सब में भरपूर मात्रा में विटामिन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स पाया जाता है जो हमारे इम्मयून सिस्टम के लिए बहुत ही लाभदायक है।

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(3) 7 से 8 घंटे की नींद ले

यदि हम प्रतिदिन 7 से 8 घंटे की नींद लेते हैं तो इसका प्रतिफल यह होता है कि हमारे शरीर में साइटोकींस नामक एक प्रोटीन रिलीज होता है जो बाहर से आने वाले संक्रमण से हमारे शरीर की रक्षा करता है। यदि हम पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेंगे तो हमारे शरीर में साइटोकींस प्रोटीन नहीं रिलीज होगा। जिसके परिणाम स्वरूप हम बार-बार मौसमी बीमारी से परेशान होते रहेंगे इसीलिए 7 से 8 घंटे की नींद अवश्य लें।

(4) अल्कोहल के सेवन से बचना है

अधिक अल्कोहल का सेवन करना भी इम्मयून सिस्टम के लिए घातक है क्योंकि अधिक अल्कोहल के सेवन से आपके आंत में मौजूद गुड बैक्टीरिया और बैड बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ जाता है। जिसके परिणाम स्वरूप आपके लीवर में सूजन की प्रॉब्लम होने लगती है यदि आप ज्यादा अल्कोहल कंज्यूम करेंगे तो आपको सर्दी जुखाम और वायरल इंफेक्शन होता रहेगा।

(5) प्रतिदिन के दिनचर्या में व्यायाम को शामिल करें

यदि आप एक स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो अपने जीवन में व्यायाम जरूर शामिल करें। व्यायाम करने से हमारे शरीर में खून का संचार अच्छी तरह से होता है और हानिकारक टॉक्सिंस शरीर से बाहर निकल जाते हैं। यदि आप अपने रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना चाहते हैं तो वह अवश्य करना चाहिए हर व्यक्ति को।

(6) योग का सहारा ले

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में योग भी काफी हद तक कारगर है। योग के अंतर्गत आप प्राणायाम, आसन और ध्यान कर सकते हैं। यदि आप अपने प्रतिदिन के दिनचर्या में प्राणायाम और आसन और ध्यान करते हैं इससे न केवल आप शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे अपितु मानसिक रूप से भी फिट रहेंगे 

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रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले कौन-कौन से विटामिन और मिनरल हैं?

(1) विटामिन सी

(2) विटामिन B6

(3) विटामिन ई

(4) जिंक

(5) सेलेनियम

निष्कर्ष:

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए अच्छी डाइट जिनमें विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में हो और अच्छी नींद और अपने प्रतिदिन के दिनचर्या में व्यायाम और योग को शामिल करें। इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता हंड्रेड परसेंट स्ट्रांग हो जाएगी।

FAQ:
(1) इम्यूनिटी कमजोर होने पर क्या करें?

इम्यूनिटी कमजोर होने पर पर्याप्त नींद लें और मेडिटेशन करें मल्टीविटामिन कैप्सूल का सेवन करें।

(2) रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला भोजन कौन कौन सा है?

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला भोजन, केला, शकरकंद, बदाम ,अखरोट, दही और गुड़ है।

(3) कौन सा फल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है?

अमरूद एक ऐसा फल है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सबसे कारगर है। इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं इसके अलावा संतरा भी विकल्प है।

(4) क्या पानी पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है?

रोज सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी में यदि नींबू मिलाकर पिया जाए इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

(5) शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति को क्या कहते हैं?

शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति को इम्यूनिटी कहते हैं या रोग प्रतिरोधक कहते हैं।

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