रात को सोते समय पसीना क्यों होता है

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Raat ko Sote Samay Pasina Kyon Aata Hai

Raat ko Sote Samay Pasina Kyon Aata Hai: गर्मी के मौसम में वातावरण का तापमान गर्म होने के कारण हम सबका शरीर भी गर्म हो जाता है। जिसके परिणाम स्वरूप गर्मी लगने लगती है और हमारे शरीर से पसीना निकलने लगता है। यह एक साधारण सी बात है। पसीना होना गर्मी के मौसम में कई बार ऐसा होता है कि गर्मी के साथ उमस भी होने लगती है। इससे भी पसीना होने लगता है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया कुछेक व्यक्ति ऐसे होते हैं जिनको उष्णकटिबंधीय मौसम के अलावा शीट कटिबन्धीय और शीतोष्ण कटिबन्धीय दोनों मौसम में पसीना होने लगता है। पसीना रात को भी होने लगता है। रात में पसीना होने की बहुत कारण है यह निर्भर करता है शरीर की संरचना पर कि शरीर किसी रोग से ग्रसित तो नहीं है या आपको कोई रोग हुआ है जैसे डायबिटीज वगैरह जिसकी आप दवा ले रहे हैं इन सबके कारण भी पसीना होता है आज हम इन्हीं कारणों के बारे में जानेंगे।

Raat ko Sote Samay Pasina Kyon Aata Hai

आइए जानते हैं कि Raat ko Sote Samay Pasina Kyon Aata Hai?

(1) हार्मोन का असंतुलित होना

हार्मोन का असंतुलित होना वह भी रात को सोते समय पसीने (Night Sweats) का कारण बन सकता है क्योंकि जिन महिलाओं की उम्र लगभग 40 वर्ष हो गई है और उन महिलाओं का अब मेनोपॉज होने वाला है तो मेनोपॉज की स्थिति में रात को पसीना होता है। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि 40 वर्ष की उम्र में ही मेनोपॉज हो अमूमन ऐसा देखा गया है कि शहरी इलाकों में रहने रहने वाली महिलाओं को लाइफस्टाइल में परिवर्तन के कारण मेनोपॉज 46 वर्ष की उम्र में होता है। अमेरिका की नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट के अनुसार कैंसर से लड़ चुकी महिलाओं को कैंसर के इलाज के कारण भी पसीना होता है।

(2) ट्यूबरक्लोसिस का होना

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार भारत में हर वर्ष लगभग 40000 व्यक्तियों की मृत्यु ट्यूबरक्लोसिस की वजह से हो जाता है। ट्यूबरक्लोसिस एक जानलेवा बीमारी है। यदि इसका समय उपचार ना हुआ तो वह प्राणघातक भी साबित हो सकता है। अक्सर यह देखा भी जाता है जो ट्यूबरक्लोसिस के रोगी होते हैं। उनको रात को सोते समय बहुत ज्यादा पसीना होता है। पसीना इसलिए होता है कि क्योंकि जो ट्यूबरक्लोसिस की मेडिसिन आती है वह बहुत हार्ड होती है जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है और पसीना होने लगता है।

(3) ब्लड शुगर लेवल का लो हो जाना

यदि किसी व्यक्ति के शरीर का ब्लड शुगर लेवल लो हो जाता है तो उसे हाइपोग्लाइसीमिया का रोग हो गया है। आपको बता दें कि हाइपोग्लाइसीमिया रोग भी रात में सोते समय पसीने (Night Sweats) के कारण बनता है क्योंकि जब हमारे शरीर में ब्लड शुगर लेवल बहुत कम हो जाता है तब हमारे शरीर में एड्रीनलीन हार्मोन रिलीज होने लगता है। जिसके परिणाम स्वरूप हमारी स्वेद ग्रंथि अभी एक्टिव जिससे पसीना होने लगता है।

(4) शरीर में इंफेक्शन हो जाना

रात में सोते समय यदि पसीना हो जाता है तो उसका एक कारण इंफेक्शन भी हो सकता है क्योंकि जब हमें वायरल फीवर हो जाता है जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, टाइफाइड तो हमारी इम्यूनिटी उस वायरस से लड़ती है और लड़कर के बचाने का प्रयास भी करती है और बचाती भी है। जिसके परिणाम स्वरूप उस समय भी हमें अधिक पसीना होने लगता है।

(5) मदिरापान का सेवन करना

यदि आप रात को सोते समय मद्यपान का सेवन करके सोते हैं। तब भी आपको पसीना हो सकता है क्योंकि शराब पीने के बाद हमारे हृदय की धड़कन की गति तेज हो जाती है जिससे पसीना आने लगता है।

Raat ko Sote Samay Pasina Kyon Aata Hai
(6) चिंता

रात में सोते समय पसीने आने का एक कारण चिंता भी है। जब हम किसी बात को लेकर के बहुत ज्यादा सोचते हैं तो हमारे शरीर का हार्ट रेट तीव्र गति से बढ़ जाता है और पसीना आने लगता है।

रात में सोते समय यदि पसीना हो जाता है तो उसका उपचार क्या है?

अक्सर डॉक्टर रात में सोते समय पसीने की समस्या से ग्रसित रोगियों को निम्नलिखित दवाएं प्रिसक्राइब करते हैं-

(1) एंटीबायोटिक

(2)एंटीडीपेंटेट

(3) हार्मोन थेरेपी( एक पसीना हार्मोन असंतुलन के कारण हो रहा है)

रात में सोते समय होने वाले पसीने का लक्षण क्या है?

(1) वायरल फीवर

(2) अनियंत्रित होकर के वजन का बढ़ जाना

(3) सपना आना

(4) डिप्रेशन

(5) थकावट

(6) मासिक धर्म में परिवर्तन

रात में सोते समय होने वाले पसीने को आप कैसे रोक सकते हैं?

(1) मद्यपान सेवन का निषेध करना है

(2) रात में सोते समय विंडो को ओपन कर दे

(3) सोने से पहले शावर ले।

(4) सोते समय ठंडा पानी जरूर पिएं

(5) स्लीप मेडिटेशन करें जब तक आपको नींद ना आ जाए

(6) कपड़े आरामदायक पहने ध्यान देने वाली बात यह है कि आपको सोते समय ढीले ढाले ही कपड़े पहनना है।

निष्कर्ष:

रात में सोते समय यदि पसीने की प्रॉब्लम है। तब आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए आप यह करें कि कहीं या पसीना आपकी जीवन में लाइफस्टाइल परिवर्तन के कारण तो नहीं हो रहा है। यह भी ध्यान दें कि क्या यह पसीना मेडिसिन के कारण तो नहीं हो रहा है। इन सब बातों को गौर करने के बाद यदि कोई निष्कर्ष ना निकल रहा हो तब आप डॉक्टर से परामर्श ले सकते हैं।

FAQ:
(1) पसीना आना और घबराहट होना

पसीना आमतौर पर हृदय का असामान्य गति से बढ़ जाना और घबराहट का कारण किसी सोशल पब्लिक प्लेस पर जाना इसको सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर भी कहते हैं।

(2) गर्दन में पसीना क्यों आता है?

गर्दन में पसीना इसलिए आता है क्योंकि जब मेनोपॉज की स्थिति है या तो ट्यूबरक्लोसिस या बहुत चिंता करना इन्हीं सब के कारण गर्दन में पसीना होता है।

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