PPC क्या है?

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PPC Kya Hai

PPC Kya Hai: हर व्यक्ति अपने ऑनलाइन बिजनेस को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना चाहता है। जिससे कि उस व्यक्ति द्वारा जो बिजनेस चलाया जा रहा है उस बिजनेस के विषय में लोग जान सके। इसे जानने के लिए लोग अपनी वेबसाइट या बिजनेस को प्रमोट करने के लिए गूगल में ऐड देते हैं। जिससे उनका वेबसाइट का प्रचार प्रसार हो सके। ऑनलाइन मार्केटिंग डिजिटल मार्केटिंग का एक भाग है। जिसके माध्यम से बैठे-बैठे कहीं भी जाने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए अपनी ऑडियंस को ट्रैक करना जिससे कि ऑडियंस उनकी वेबसाइट या बिजनेस के विषय में जान सके इन्हीं सब उद्देश्यों की पूर्ति के लिए पीपीसी लाया गया है। पीसी का मतलब होता है पे पर क्लिक आज हम इस आर्टिकल में इसी विषय पर चर्चा करने वाले हैं पीपीसी क्या होता है कितने प्रकार का होता है और इसकी बेनिफिट क्या है जैसे जानकारी साझा करने वाले हैं?

PPC Kya Hai?

आप सब को साधारण भाषा में बताएं तो पीपीसी एक ऐसा माध्यम है जिससे कोई व्यक्ति किसी वेबसाइट के ऐड पर जब क्लिक करता है। उस क्लिक करने के परिणाम स्वरूप उसे कितना पैसा मिलता है। एक क्लिक पर जैसे कि मान लीजिए कमलेश नाम का व्यक्ति अपनी साड़ी की खुद का ब्रांड का प्रचार प्रसार करना चाहते हैं तब इसके लिए कमलेश ने गूगल को ऐड दीया और उसमें यह निर्धारित कर दिया कि यदि साड़ी के इस ब्रांड के लिंक पर कोई भी व्यक्ति क्लिक करता है तो उसे एक रुपए मिलेगा एक क्लिक पर। उस व्यक्ति ने जब गूगल को ऐड दे दिया तब गूगल ने ऐड को जिन जिन व्यक्तियों की वेबसाइट पर ऐडसेंस अप्रूवल है उनकी वेबसाइट पर वह साड़ी दिखने लगा। उस व्यक्ति की वेबसाइट पर कोई व्यक्ति  विजिट करता है और विजिट करने के परिणाम स्वरूप जब वह कमलेश की साड़ी की ब्रांड देखता है उसे साड़ी पसंद आती है और जब वह साड़ी के विकल्प पर क्लिक करता है क्लिक करते ही एक रुपए उस वेबसाइट को ऑनर के पास चला जाता है या एडसेंस खाते में चला जाता है। कमलेश ने यह टारगेट किया था कि गूगल को ऐड देते समय यह ऐड सिर्फ 18 से 40 साल की महिलाओं को ही दिखे तो गूगल का जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है वह क्षेत्र विशेष की 18 से 40 साल की महिलाओं को टारगेट करता है और उन्हीं महिलाओं के सामने वह वेबसाइट पर साड़ी बार-बार शो करने लगता है इससे कमलेश की साड़ी का प्रचार प्रसार हो गया और लोग कमलेश के साड़ी के विषय में जानने भी लगे यही पीपीसी का काम होता है।

पीपीसी कितने प्रकार का होता है?

(1) सर्च  ऐड (Search Ads in Hindi)

Search Ads: सर्च एड किसी भी कीवर्ड पर गूगल के होम पेज पर रन कराए जाते हैं अर्थात मान लीजिए कि आपने क्रोम ब्राउजर पर सर्च किया डिजिटल मार्केटिंग जैसे ही आप डिजिटल मार्केटिंग सर्च करते हैं वैसे ही डिजिटल मार्केटिंग कीवर्ड का ऐड आपकी वेबसाइट पर शो करने लगता है जैसे ही आप उस डिजिटल मार्केटिंग की वेबसाइट को ओपन करते हैं। तब उसके साथ ही वेबसाइट भी ओपन होगा और उसके ऐड पर भी आप क्लिक कर दिए हैं यही सर्च ऐड होता है।

(2) डिस्प्ले ऐड (Display Ads in Hindi)

Display Ads: डिस्प्ले ऐड किसी ब्लॉगर की वेबसाइट होम पेज या आर्टिकल के अंदर सो करते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि डिस्प्ले एड यूजर के मनपसंद ही चलाए जाते हैं। जिस प्रकार का कंटेंट रहता है उसी प्रकार का ऐड भी तो कराया जाता है। डिस्प्ले एड जो छोटे-मोटे ब्लॉगर रहते हैं वह डिस्प्ले में लगाते हैं।

(3) नेटिव ऐड (Native Ads in Hindi)

Native Ads: अधिकतम न्यूज़ वेबसाइट अपनी वेबसाइट कि नीचे नेटिव एड्स शो कराते हैं जैसे कि आज तक का न्यूज़ वेबसाइट, इंडिया टीवी की वेबसाइट और साथ ही साथ दैनिक जागरण का भी वेबसाइट, वेबसाइट नेटिव ऐड शो कराते हैं।

वीडियो ऐड (Video Ads in Hindi)

Video Ads: किसी प्रोडक्ट का प्रचार प्रसार करने के लिए वेबसाइट पर वीडियो ऐड भी रन कराया जाता है। गौरतलब यह है कि वीडियो ऐड उसी वेबसाइट पर रन कराए जाते हैं जिस वेबसाइट की ट्रैफिक बहुत ज्यादा रहती है और साथ ही साथ स्पीड भी अच्छी रहती है वेबसाइट की सभी वीडियो ऐड रन कराए जाते हैं।

(5) सोशल मीडिया ऐड (Social Media Ads in Hindi)
PPC Kya Hai

Social Media Ads: सोशल मीडिया में फेसबुक और इंस्टाग्राम का उपयोग बहुत ज्यादा होता है। फेसबुक में विभिन्न सर्विस देने वाले कंपनियां या मैन्युफैक्चरिंग करने वाली कंपनियां अपने प्रोडक्ट का ऐड जरूर रन कराते हैं और सोशल मीडिया एड इस समय बहुत कारगर है क्योंकि अधिकतर लोग बहुत ज्यादा समय सोशल मीडिया पर देते हैं इससे आसानी से एक विशेष ऑडियंस को लक्षित किया जा सकता है उस प्रोडक्ट के लिए।

PPC के माध्यम से ऑडियंस को कैसे टारगेट किया जाता है?

(1) ऑडियंस को टारगेट करने के लिए सबसे पहला उपकरण है लोकेशन आप किस स्टेट या डिस्टिक या नेशन में अपना ऐड रन कराना चाहते हैं।

(2) एड को मोबाइल डिवाइस में दिखाना चाहते हैं या लैपटॉप में या टेबलेट में यह भी डिसाइड किया जाता है।

(3) एड को रात को किस समय दिखाना है और साथ ही साथ दिन के किस समय दिखाना है एक विशेष समय पर जब ऑडियंस वेबसाइट पर विजिट करते हैं उसको टारगेट किया जाता है।

(4) जेंडर और ऐज को भी ध्यान रखा जाता है।

PPC Benefits in Hindi | PPC के फायदे क्या है?

(1) क्षेत्रीय उत्पाद का वैश्वीकरण

(2) विश्व स्तर पर अपने प्रोडक्ट को प्रमाणित करना

(3) जेंडर और एज के अनुसार प्रोडक्ट का सही उपयोग

(4) और मोटा मुनाफा करना

निष्कर्ष:

पीपीसी के माध्यम से हमे क्षेत्र विशेष के ऑडियंस को टारगेट करके अपने प्रोडक्ट को भेज सकते हैं और साथ ही साथ ऑडियंस की इंटरेस्ट को भी जान सकते हैं।

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