जानिए किस तरह से खेली जाती है मथुरा-वृन्दावन में फूलों की होली

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phoolon ki holi in vrindavan

Phoolon ki Holi in Vrindavan: फूल हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि हम प्रभु की पूजा अर्चना करने के लिए उनके चरणों में फूल अर्पित करते हैं। जिससे वह प्रसन्न हो सके और मुझे आशीर्वाद मिल सके मैं सदा खुश रहूं मुझे किसी चीज की कमी नहीं हो। लेकिन वृंदावन में फूलों की होली ही मनाई जाती है। इस होली में फूलों का उपयोग किया जाता है। इस होली में फूलों का यूज इसलिए किया जाता है क्योंकि फूलों से रंग भी बनाया जाता है और साथ ही साथ फूलों को एक दूसरे के ऊपर फेककर होली भी खेली जाती है। यह कितना अच्छा होली है और प्रदूषण मुक्त होली है। क्योंकि इस होली में कहीं भी रसायनिक रंगों का उपयोग नहीं होता है। जिससे हमारी त्वचा खराब न हो सके। इस होली से रोजगार का सृजन भी होता है ।और साथ ही साथ इस से कोई पोलूशन भी नहीं होता है। इसलिए हमारे जीवन में इस होली का बहुत ही महत्व है।

वृंदावन होली की विशेषता क्या है? (Vrindavan Holi ki Visheshtayen | Speciality of Vrindavan Holi in Hindi)

(1) वृंदावन होली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि होलिका दहन के दिन श्री बांके बिहारी मंदिर का द्वार खोला जाता है। जिससे भक्तगण बांके बिहारी का आशीर्वाद प्राप्त कर सके।

(2) वृंदावन होली की एक सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पुजारी लोग भक्तगण पर फूल फेकते हैं। हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि जमीन पर गिरा हुआ फूल का यूज़ फिर रंग बनाने में किया जाता है ।जिससे आनंद भी मिल जाता है और फूलों का यूज भी हो जाता है।

(3) वृंदावन होली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस दिन बांके बिहारी मंदिर में बहुत बड़ा उत्सव होता है। और साथ ही साथ एक दूसरे को लोग गुलाल भी लगाते हैं ।जिससे उनके अंदर परोपकार करुणा और दया की भावना उत्पन्न हो सके और साथ ही साथ राग – द्वेष से मुक्त हो सके।

(4) वृंदावन होली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जो गुलाल में रंग का उपयोग किया जाता है। वह टेसू के फूलों से बनाया जाता है ।टेसू का फूल वृंदावन में सुलभ है। जिसका यूज़ करके गुलाल बनाया जाता है। गुलाल बनाने के लिए होली के एक महीने से पहले विधवा महिलाएं और साथ ही साथ ओल्ड एज होम में रहने वाली महिलाएं और परित्यक्त महिलाएं गुलाल बनाना प्रारंभ कर देती हैं।

(5) वृंदावन होली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस दिन श्री बांके बिहारी का भजन कीर्तन किया जाता है। और साथ ही साथ भव्य उत्सव  को अध्यात्मिक गीत से सजाया जाता है। जिससे उत्सव में  खुशी की लहरउत्पन्न हो सके। जिसके परिणाम स्वरूप भक्तगण बांके बिहारी भक्ति में डूब सके।

वृंदावन होली के लाभ क्या है? (Vrindavan Holi Ke Labh Kya Hai | Benefits of Vrindavan Holi in Hindi)

(1) रोजगार का सृजन होगा।

(2) यह इको फ्रेंडली होली हैं।

(3) इससे जैव – विविधता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नही पड़ेगा।

(4) इससे वृंदावन के लोगो की पर कैपिटल इनकम भी बढ़ेगी।

निष्कर्ष :

मैंने आज इस आर्टीकल में यह जानकारी दी है कि वृंदावन में फूलों की होली (Phoolon ki Holi in Vrindavan) के लाभ क्या है? और साथ ही साथ वृंदावन होली की विशेषता क्या है? आदि जानकारी को सविस्तार से बताया है। यदि आर्टीकल आपको अच्छा लगा हो तो इस आर्टिकल को अपने फ्रेंड रिलेटिव को सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप, लिंकडइन और टेलीग्राम पर शेयर करना ना भूले धन्यवाद।

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