चरक संहिता के अनुसार पान का पत्ता है औषधीय गुणों की खान

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Paan Khane Ke Fayde

चूना और कत्था और सुपारी के सहयोग से पान का बीड़ा तैयार किया जाता है। और उत्तर भारत में बनारसी पान बहुत ही प्रसिद्ध है। आज के इस युग में हर व्यक्ति पान से अछूता नहीं है। वह कभी न कभी पान अवश्य ही खाता है। क्योंकि विवाह शादी में और किसी अन्य कार्यक्रम में पान का उपयोग किया जाता है। विवाह शादी में आये मेहमान पान का बीड़ा उठाकर अपने मुंह में डालकर पान को चबाते हुए जब बात करता है। तब उसके चेहरे को देखने लायक बनता है। वह हाथ में चूना लगाया रहता है जैसे जैसे पान को चबाता है वैसे वैसे हाथ में लगा चूने को भी खाता रहता है। इससे पान के रंग में और ज्यादा लाल रंग आता है। और विशेष बात यह है कि पान का उपयोग यज्ञोपवीत संस्कार में भी होता है। और साथ ही साथ पूजा पाठ के कार्यक्रम में भी पान का उपयोग होता है। पान शुभ मुहूर्त में भी उपयोग होता है। और आपको बता दें कि पान खाने के फायदे (Paan Khane Ke Fayde) भी हैं।

पान का पत्ता क्या होता है? (Paan Ka Patta Kya Hota Hai)

पान का पत्ता तांबूली नामक लता का पत्ता है। इसकी उत्पत्ति मलाया द्वीप से माना जाता है। और साथ ही साथ पूरे भारत में इसका उपयोग होता है। भारत में पान की बहुत सारी प्रजातियां हैं जैसे कि बंगाली पान, सांची पान और मगही पान और कपुरी पान और जगन्नाथी पान आदि। आप ध्यान से पान के पत्ते को देखेंगे तो उसमें आपको मनुष्य के हार्ट जैसा रहता है वैसा आपको हार्ट दिखेगा और मनुष्य के हाथ के नसों की भांति उसमें हरा रंग का बीच में मोटी नस भी रहती है।

पान की पत्ते में पाए जाने वाला कौन-कौन सा पोषक तत्व है? (Paan Ke Patte Me Paye Jane Vala Poshak Tatva Kya Hai)

(1) आयोडीन

(2) पोटेशियम

(3) विटामिन ए

(4) विटामिन बी1

(5 ) विटामिन बी2

(6) निकोटिनिक एसिड

पान के पत्ते के सेवन से हमारे शरीर को क्या लाभ होता है? (Paan Ke Patte Ke Sevan Se Sharir Ke Fayde | Paan Khane Ke Fayde)

(1) डायबिटीज रोग को नियंत्रण करने में सहायक

पान की पत्ती में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है और किसी भी व्यक्ति को डायबिटीज हुआ हो यदि वह सूखे हुए पान का सेवन करता है तब कुछ हद तक डायबिटीज की समस्या से निजात पाया जा सकता है क्योंकि पान के पत्ते में एंटीऑक्सीडेंट गुण के साथ anti-inflammatory गुड़ भी पाया जाता है जो टाइप 2 डायबिटीज को ठीक करता है।

(2) उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर को कम करने में सहायक

जिस भी व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल का स्तर बहुत कुछ रहता है उसे पान का सेवन करना चाहिए क्योंकि पान में यूजेनॉल नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करता है जिससे हमारा हृदय स्वस्थ रहता है।

(3) सर्दी खांसी को ठीक करने में इसकी अहम भूमिका है

पान में सर्दी खांसी को ठीक करने के लिए एंटीमाइक्रोबियल और साथ ही साथ एंटीबैक्टीरियल और anti-inflammatory गुण पाया जाता है। आपको बता दें कि यदि आपको सर्दी खांसी हुआ हो तो तब आप पान में सरसों का तेल लगाइए फिर उसके बाद पान को हल्की आंच पर गर्म कर दीजिए। फिर उसके बाद रोगी के सीने के ऊपर उस गर्म पान को रख दीजिए इससे सर्दी खांसी में जल्दी राहत मिलेगी।

(4) वजन बढ़ाने में सहायक

जिस भी व्यक्ति का लीवर नहीं ठीक रहता है। और साथ ही साथ खाया पिया शरीर में नहीं लगता है। उस व्यक्ति को पान का जूस निकालकर दूध में मिलाकर पीना चाहिए। इससे उस व्यक्ति का भूख खुल जाएगा। और भूख लगने वाले हार्मोन्स को ज्यादा मात्रा में स्रावित करता है। और तब आप देखेंगे कि आप एक बलिष्ठ शरीर के मालिक भी बन जाएंगे। और साथ ही साथ आपको भूख भी लगने लगेगी।

(5) कब्ज गैस की समस्या से राहत देता है

आजकल गलत दिनचर्या के कारण हर व्यक्ति कब्ज गैस की समस्या से परेशान है। और कब्ज गैस से छुटकारा पाने के लिए वह तरह-तरह की इलाज करवाता है। लेकिन तब भी वह कब्ज गैस से छुटकारा नहीं पा पाता है। लेकिन सुश्रुत संहिता के अनुसार पान में ऐसा गुण पाया जाता है। जो न केवल कब्ज गैस की समस्या को ठीक करता है। बल्कि भविष्य में कब्ज गैस होने भी नहीं देता है। यदि प्रतिदिन पान का सेवन किया जाए तो यह अम्ल के स्तर को कम करके ph को संतुलित करता है जिससे हमें कब्ज गैस की समस्या नहीं होती है।

(6) सिर दर्द से छूटकारा

यदि पान को कान के बगल रखकर बांधा जाए तो इससे फिर सिर में  होने वाला दर्द जड़ से खत्म हो जाएगा। और साथ ही साथ भविष्य में सिर में दर्द भी नहीं होगा। क्योंकि पान में एंटीपायरेटिक का गुण भी पाया जाता है।

पान के पत्ते का नुकसान क्या है? (Paan Ke Patte Ke Nuksan)

यदि ज्यादा मात्रा में पान के पत्ते का सेवन किया जाए तो वह नुकसान करता है जैसे कि जब हम सब पान खाते हैं और दिन भर में लगभग 5 पान खाते हैं। इससे हमारे मुंह में से दुर्गंध आने लगती है। और साथ ही साथ हमारा दांत भी खराब हो जाता है और हमारा दांत समय से ही पहले से ही टूटकर गिर जाता है।

पान के पत्ते का उपयोग करने की विधि क्या है? (Paan Ke Patte Ka Upyog Karne Ki Vidhi | Tarika)

पान का पत्ता यदि आप अपने प्रतिदिन के दिनचर्या में उपयोग करना चाहते हैं। तब आप इसका उपयोग पान का रस निकालकर और साथ ही साथ पान का काढ़ा बनाकर कर सकते हैं। और इसका उपयोग आप पान के रूप में भी कर सकते हैं। लेकिन दिन भर में एक ही पान खाए। तब सही है अन्यथा एक से ज्यादा पान खाएंगे लाभ से ज्यादा हानि होगा।

निष्कर्ष

पान एक ऐसा औषधि पौधा है जो सिर के दर्द और साथ ही साथ वजन बढ़ाने और डायबिटीज को नियंत्रित करने में उपयोग किया जाता है और साथ ही साथ इसमें विटामिन, मिनरल और फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है।

सामान्य प्रश्न

(1) भारत में पान की कितनी प्रजातियां पाई जाती हैं?

भारत में लगभग पान की 100 से लेकर 500 तक की प्रजातियां पाई जाती है।

(2) पान में कौन सा विटामिन पाया जाता है?

पान में विटामिन ए और विटामिन बी पाया जाता है।

(3) पान बेचने वाली जाति का नाम क्या है?

पान बेचने वाली जाति का नाम बरई है।

(4) वैज्ञानिक आधार पर पान को कितने प्रजातियों में वर्गीकृत किया गया है?

वैज्ञानिक आधार पर पान को पांच प्रजातियों में वर्गीकृत किया गया है सांची, मगही ,कपूरी और साथ ही साथ बंगाली और जगन्नाथी।

(5) पुरुषों को पान के पत्ते का सेवन किस प्रकार से करना चाहिए?

पुरुषों को यदि अपनी प्रतिदिन दिनचर्या में पान के पत्ते का सेवन करना है तो इसके लिए पान के पत्ते को छोटे-छोटे टुकड़े में विभाजित कर लेना है। उसके बाद एक गिलास पानी में उस विभाजित टुकड़े को डाल देना है। और सुबह तड़के उठ कर उस पानी को पी लेना है।

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