मोशन सिकनेस क्या होता हैं? जानिए इसके कारण और घरेलू उपाय

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Motion Sickness in car

Motion Sickness Kya Hota Hai: क्या आप भी मोशन सिकनेस की वजह से यात्रा का मजा नहीं उठा पाते हैं जानिए इसके कारण और घरेलू उपचार के बारे में

एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 10 लाख के आसपास लोग मोशन सिकनेस की प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं। जिसके कारण वह यात्रा करने से कतराते हैं। अब प्रश्न यह उठता है कि मोशन सिकनेस आखिरकार क्या बला है? क्या यह हर व्यक्ति को होता है? तो इसके विषय में आपको बता दे कि हर मनुष्य ने अपने जीवन काल में कभी न कभी मोशन सिकनेस का अनुभव अवश्य किया होगा न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार मोशन सिकनेस “यात्रा का मजा किरकिरा तो करता ही है और व्यक्तित्व के विकास में रुकावट का भी काम करता है”।

आइए जानते हैं कि आखिरकार क्या बला है मोशन सिकनेस-

मोशन सिकनेस जिसे इंटरनेशनल लेवल पर ट्रेवल सिकनेस के नाम से भी जाना जाता है। कभी-कभी न्यूज़पेपर वाले इसे सी सिकनेस के नाम से भी संबोधित करते हैं। मोशन सिकनेस मस्तिक से जुड़ी एक डिजीज है। जिसमें व्यक्ति को यात्रा के दौरान चक्कर आना, असहज महसूस करना और थकान महसूस करना आदि प्रॉब्लम होती है। इस प्रॉब्लम को आप नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं यदि आपको बार-बार सफर के दौरान उपर्युक्त प्रॉब्लम होती है तब आपको मनोचिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

मोशन सिकनेस किसी व्यक्ति को क्यों हो जाता है इसके पीछे का कारण क्या है?-

(1) मोशन सिकनेस का प्रमुख कारणों में से एक कारण है हार्मोन का डिसबैलेंस होना।

(2) गर्भावस्था भी मोशन सिकनेस का कारण है।

(3) माइग्रेन से पीड़ित रोगी को भी मोशन सिकनेस हो सकता है

(4) यदि आपको कान से जुड़ी कोई बीमारी है जैसे कम सुनाई देना या ज्यादा सुनाई देना यह भी कारण मोशन सिकनेस का है।

(5) मासिक धर्म भी मोशन सिकनेस का एक प्रमुख कारण है।

मोशन सिकनेस क्या होता हैं

कैसे किसी व्यक्ति को एहसास होगा कि वह मोशन सिकनेस से प्रभावित है?-

(1) यात्रा के दौरान यदि कोई व्यक्ति पसीने से भीग जाता है तो यह संकेत मोशन सिकनेस का है।

(2) यात्रा के दौरान चक्कर आना भी मोशन सिकनेस का लक्षण है।

(3) यात्रा के दौरान जब आप अपने आप को बहुत कमजोर सा महसूस करने लगते हैं तो आप सतर्क हो जाइए यह लक्षण मोशन सिकनेस का है।

(4) यदि यात्रा के दौरान आप अपने आप को चिड़चिड़ापन पाते हैं तो यह भी लक्षण मोशन सिकनेस का ही है।

(5) यदि यात्रा के दौरान आपकी त्वचा पीली पड़ जाती है तो यह भी मोशन सिकनेस का लक्षण है।

(6)बेचैनी

(7)सिरदर्द

(8)अंगड़ाई

मोशन सिकनेस से प्रभावित व्यक्तियों को यात्रा करने से पहले या यात्रा के दौरान निम्नलिखित चीजों को नहीं करना चाहिए-

(1) यदि कोई व्यक्ति मोशन सिकनेस की बीमारी से प्रभावित है तो उस व्यक्ति को अल्कोहल का सेवन करके यात्रा नहीं करना चाहिए।

(2) मोशन सिकनेस से पीड़ित व्यक्तियों को कभी भी यात्रा के दौरान डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध, दही, छाछ, लस्सी का सेवन नहीं करना चाहिए।

(3) स्मोकिंग नहीं करनी चाहिए।

(4) मोशन सिकनेस से प्रभावित व्यक्तियों को परफ्यूम का भी उपयोग नहीं करना चाहिए।

(5) मोशन सिकनेस से प्रभावित व्यक्तियों को यात्रा के दौरान मसालेदार भोजन नहीं खाना चाहिए।

यात्रा के दौरान यदि कोई व्यक्ति मोशन सिकनेस की प्रॉब्लम से जूझ रहा हो तो इस समस्या से निदान पाने के लिए निम्नलिखित गतिविधियां करनी चाहिए-

(1) यात्रा के दौरान यदि आपको चक्कर या थकान या फिर दर्द की प्रॉब्लम हो रही है तो आपको उसी वक्त एकटक तक निगाहों से क्षितिज की ओर देखना चाहिए।

(2) यदि आप रात्रि के समय कार में सफर कर रहे है या जहाज से सफर कर रहे हैं और तब आपको मोशन सिकनेस का लक्षण का अनुभव हो रहा है तो उसी वक्त आपको 5 सेकंड के लिए एक छोटी सी झपकी ले लेनी है इससे आपको बहुत हद तक राहत मिलेगा।

Travel sickness

आइए जानते हैं कि मोशन सिकनेस का घरेलू उपचार क्या -क्या है?-

(1) यदि आप मोशन सिकनेस की प्रॉब्लम से जूझ रहे हो तब आपको अदरक का सेवन करना चाहिए। अदरक का सेवन करने के लिए या तो आप अदरक को कुचल करके उसका रस निकाल कर के शहद मिलाकर के चाटिये या चाय में अदरक मिलाकर के पीजिये इससे आपको मोशन सिकनेस की प्रॉब्लम नहीं होगी।

(2) मोशन सिकनेस में सबसे उपयोगी मुलेठी की जड़ है इसके जड़ में एंटी मोशन सिकनेस का गुण पाया जाता है इसके सेवन के पश्चात आपको मोशन सिकनेस के प्रॉब्लम से निजात मिल जाएगी।

(3) कैमोमाइल चाय भी मोशन सिकनेस के लिए रामबाण है। आप इस चाय का प्रतिदिन सेवन करिए इससे आपको शत प्रतिशत लाभ मिलेगा।

(4) मोशन सिकनेस से पीड़ित व्यक्तियों को अपने पास में था लौंग रखना चाहिए। जब उन्हें सफर के दौरान मोशन सिकनेस का लक्षण दिखे। तुरंत उन्हें एक लौंग निकाल कर के अपने मुंह में रख लेना चाहिए और उसे घंटों तक चूसना चाहिए इससे मोशन सिकनेस की प्रॉब्लम से राहत मिलेगी।

(5) तुलसी का पौधा हर घर में पाया जाता है। यह पौधा बहुत गुणकारी है। सफर के दौरान आपको तुलसी के कुछ पत्तों को अपने पास रखना चाहिए और उन पत्तों को हर 30 – 40 मिनट के अंतराल पर चबाना चाहिए ऐसा करने से आपको मोशन सिकनेस की प्रॉब्लम नहीं होगी।

(6) मोशन सिकनेस से प्रभावित व्यक्तियों को यात्रा के दौरान अपने पास नींबू रखना चाहिए। जब उन्हें मोशन सिकनेस का लक्षण सताए तो तुरंत नींबू को छीलकर के सूंघ लेना चाहिए इससे प्रभावित व्यक्ति का मूड फ्रेश हो जाएगा।

निष्कर्ष:

Motion Sickness Kya Hota Haiमोशन सिकनेस एक ऐसी बीमारी है जो 2 वर्ष से लेकर के 12 वर्ष के बच्चों में प्रायः देखा जाता है और इसके अलावा गर्भवती महिला और जिस महिला को मासिक धर्म आ रहा हो उन महिलाओं को मोशन सिकनेस का लक्षण किसी न किसी रूप में देखने को मिलता है।

Faq:

(1) किस व्यक्ति को मोशन सिकनेस होने का खतरा ज्यादा रहता है?

गर्भवती महिला और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी लेने वाले व्यक्तियों को मोशन सिकनेस होने का खतरा ज्यादा रहता है।

(2) मोशन सिकनेस कितने टाइम तक रहता है

मौसम सिकनेस पर्सन तो पर्सन डिपेंड करता है हालांकि अधिकतर मामलों में देखा गया है कि मोशन सिकनेस का लक्षण लगभग 4 घंटे तक रहता है।

(3) क्या मोशन सिकनेस बेहोशी का कारण भी बन सकता है

यदि मोशन सिकनेस से प्रभावित व्यक्ति का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है तो इस स्थिति में वह बेहोश भी हो सकता है।

(4) क्या चिंता मोशन सिकनेस का कारण बन सकता है?

चिंता करने वाले व्यक्तियों को मोशन सिकनेस होने की प्रायिकता ज्यादा रहती है क्योंकि उनके शरीर में हारमोंस असंतुलित हो जाते हैं।

(5) मोशन सिकनेस से कितने पर्सेंट लोग प्रभावित हैं

मोशन सिकनेस से लगभग 80% लोग प्रभावित हैं।

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