Make My Trip के संस्थापक दीप कालरा के संघर्ष की कहानी

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दीप कालरा

भारत के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शामिल मुकेश अंबानी और गौतम अडानी को तो आप सब जानते होंगे लेकिन क्या आपने यह जानने की कोशिश की है कि भारत के ऐसे- ऐसे भी छोटे उद्यमी है जो जमीन से उठकर ऊपर की ओर आगे बढ़े हैं। उन्होंने दिन-रात लगातार परिश्रम किया है और भारत का नाम भी रोशन किया है। इसके अलावा वह जीवन में दूसरों को मोटिवेट भी कर रहे हैं और रोजगार भी दे रहे हैं। ऐसे ही एक सफल व्यक्ति की कहानी आपको बताने जा रहा हूं जिसका नाम है दीप कालरा आप शायद नहीं जानते होंगे दीप कालरा के बारे में लेकिन उनकी कंपनी के बारे में लाखों लोग जानते होंगे उनकी कंपनी का नाम है Make My Trip आप इस ऐप का यूज करके हवाई जहाज का टिकट होटल की टिकट या बस का टिकट या सिनेमा घर का टिकट अपने जीवन काल में कभी ने कभी अवश्य बुक किया होगा। इसी Make My Trip का मार्किट केपीटलाइजेशन 2023 में 25000 करोड़ हो गया है।

Make My Trip के फाउंडर दीप कालरा का जन्म कब और कहां हुआ था?

मेकमायट्रिप के फाउंडर दीप कलर का जन्म आंध्र प्रदेश राज्य के हैदराबाद जिले में हुआ था। उनके डेट ऑफ बर्थ के बारे में अभी कोई जानकारी सोशल मीडिया पर नहीं आई है।

Make My Trip के फाउंडर दीप कालरा की एजुकेशन  किस यूनिवर्सिटी से हुई है?

Make My Trip के फाउंडर दीप कालरा ने सेंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली से इकोनॉमी में ग्रेजुएशन किया है। उसके बाद इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट अहमदाबाद से एमबीए किया है। दीप कालरा बचपन से ही एक मेधावी छात्र थे। वह अपने क्लास में प्रथम आते थे और उनका अप्रोच बिजनेस को लेकर के हमेशा पॉजिटिव रहता था वह हमेशा जानते थे की बिना रिस्क के कोई भी बिजनेस नहीं हो सकता है।

पढ़ाई पूरी करने के बाद दीप कालरा ने बैंकिंग सेक्टर से नौकरी की शुरुआत की

हमारे भारत देश में जब बेटा पढ़ लेता है तो पिताजी कहते हैं कि बेटा अब नौकरी करो और परिवार की जिम्मेदारी संभालो। अब मेरी जिम्मेदारी खत्म हो गई लेकिन वही बेटा यदि पढ़ाई पूरी करने के बाद कोई बिजनेस करना चाहता है और उसके लिए पैसा मांगे तो पिताजी बोलते हैं कि इतना पढ़ा लिखा ही क्यों जो तुम बिजनेस करना चाहते हो इसी परिस्थिति से गुजरे दीप कालरा। दीप कालरा का पढ़ाई के बाद बिजनेस का प्लान था लेकिन उन्हें यह भी पता था कि हमारे पिता अभी बिजनेस के लिए हमारा सपोर्ट नहीं करेंगे। उसके बाद उन्होंने सोचा कि पहले नौकरी किया जाए। एबीएन एमरो बैंक में नौकरी करना प्रारंभ की और नौकरी 3 साल तक की भी और उनका मन नहीं लगने के कारण इस नौकरी को 1995 को छोड़ दिया। फिर एएमएफ बोलिंग  कंपनी में काम करने लगे लेकिन यहां भी वह ज्यादा दिन काम नहीं कर पाए मात्र 4 साल ही काम किया और इस नौकरी को भी छोड़ दिए फिर अमेरिका की एक कंपनी जेई कैपिटल में काम करने लगे। वहां भी उनका मन नहीं लग रहा था। उनको ऐसा एहसास हो रहा था कि मैं नौकरी करने के लिए बना ही नहीं हूँ। मुझे वह किक नहीं मिल पा रही है की जिससे मैं अपने करियर को दिशा दे सकूं।

दीप कालरा ने ऐसी की Make My Trip की शुरुआत

दीप कालरा ने एक न्यूज इंटरव्यू में बताया कि मुझे Make My Trip का ख्याल तब आया जब मैं और मेरी पत्नी किसी ट्रिप पर गए हुए थे और वहां ऑफलाइन रूप से जाकर के होटल बुक कर रहे थे, लेकिन सारे होटल फुल थे। एक भी होटल नहीं मिल रहा था और जो होटल मिल भी रहा था उसमें वह फैसिलिटी भी नहीं थी और मोटे रकम मांग रहे थे। दीप कालरा को एहसास हुआ कि भारत में ऐसे बहुत सारे व्यक्ति हैं जो होटल के नाम पर ठगे जाते हैं। तब उन्होंने सुनिश्चित कर लिया कि मैं इसी फील्ड में कुछ करुंगा। उसके बाद दीप कालरा ने इंटरनेट पर खूब इसके विषय में रिसर्च किया। तब उनके मन में ख्याल आया कि क्यों ना मैं एक अपनी खुद की वेबसाइट शुरू करूं। जिसके माध्यम से लोग उस वेबसाइट पर आए और होटल और ट्रेन का टिकट और हवाई जहाज का टिकट और बस का टिकट आसानी से बुक कर पाए तो उन्होंने साल 2000 के Make My Trip की स्थापना की।

Make My Trip कंपनी का भारत में टूरिस्ट बढ़ाने में सबसे बड़ा योगदान है

सन 2000 से पहले भारत में टूरिस्ट आते थे। लेकिन बड़ी संख्या में नहीं आते थे क्योंकि यहां आकर उनके साथ लोग ठगी कर लेते थे। होटल वाले ज्यादा पैसे लेते थे और बस वाले भी पैसे ले लेते थे। उनको सबसे बड़ी समस्या यह भी होती थी कि उनको यदि किसी स्थान से किसी दूसरे स्थान पर जाना हुआ तो टिकट बुक करने में भी प्रॉब्लम आती थी। लेकिन मेकमायट्रिप के फाउंडर दीप कालरा ने यह सब आसान कर दिया। उसके बाद कोई अमेरिका में बैठा व्यक्ति आसानी से मेक माइक ट्रिप की वेबसाइट पर जाकर के भारत में होटल बुक कर ले रहा है और भारत के एक कोने से दूसरे कोने में जाने के लिए बस या ट्रेन या हवाई जहाज का टिकट बुक कर ले रहा है उसे यह सब सारी सुविधाएं ऑनलाईन रूप से आसानी से मिल जा रही है। इसके बाद भारत में 2000 सन के बाद टूरिस्ट की संख्या में 20% से लेकर के 30% का इजाफा देखने को मिला तो कहीं ना कहीं मेकमायट्रिप कंपनी का सबसे बड़ा योगदान है टूरिस्ट बढ़ाने में।

Make My Trip  देखते ही देखते 10 सालों में बन गई हजारो करोड़ की कंपनी

मेकमायट्रिप कंपनी देखते ही देखते 10 सालों के अंदर 2500 करोड़ की कंपनी बन गई। मेकमायट्रिप यदि हजार करोड़ की कंपनी बन पाई है। इसका कारण अपने दिए एक इंटरव्यू में दीपक कालरा बताते हैं कि मैंने टूरिस्ट को हॉलिडे पैकेज और डिस्काउंट देना प्रारंभ कर दिया जिससे विदेशी टूरिस्ट की संख्या में पहले की अपेक्षा अच्छा खासा इजाफा हुआ और मेरी कंपनी सफलता की राह की ओर निकल पड़ी। इस समय Make My Trip कंपनी का मार्केट केपीटलाइजेशन लगभग 25000 करोड रुपए का है। अब आप ही सोच सकते हैं कोई मीडियम फैमिली से आने वाला व्यक्ति कैसे 25000 करोड़ की कंपनी खड़ा कर सकता है बस आदमी के अंदर उसे काम करने की ललक होनी चाहिए क्योंकि कोई भी ऐसा काम नहीं है जो व्यक्ति नहीं कर सकता है इसके विषय में एक प्रसिद्ध वाक्य प्रचलित है कि “मानव जब जोर लगाता है पत्थर भी पानी पानी बन जाता है।”

निष्कर्ष:

Make My Trip के फाउंडर दीप कालरा ने अपने जीवन में थोड़े दिन के लिए संघर्ष भी किया और उसे संघर्ष से सीख करके कुछ बड़ा करने की सोची और ऐसा मार्केट में बूम मचाया कि आज सब के जुबां पर Make My Trip का नाम है।

Faq:

(1) मेकमायट्रिप किस देश का है?

मेकमायट्रिप भारत देश का है जो ऑनलाइन तरीके से होटल का टिकट और ट्रेन का टिकट और हवाई जहाज का टिकट बुक करने के लिए सुविधा प्रोवाइड कराता है।

(2) मेकमायट्रिप के फाउंडर का नाम क्या है?

मेकमायट्रिप के फाउंडर का नाम दीप कालरा है।

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