आप लीवर की बीमारियों से परेशान हैं तो इससे निजात पाना चाहते हैं तो इसके लिए उपयोग करें लिव-52 टैबलेट

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2028
Liv 52 Tablet

Liv 52 Tablet: विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार वैश्विक स्तर पर लीवर की बीमारी से मरने वाले व्यक्तियों की संख्या 11 लाख 60हजार है। भारत में लगभग 3 लाख व्यक्ति लीवर की समस्या से असमय मृत्यु को प्राप्त कर लेते हैं। लिवर सिरोसिस और फैटी लिवर ,लिवर कैंसर जैसे रोग व्यक्ति को गलत खान-पान के कारण हो जाता है। जिससे व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के पीछे बहुत पैसे खर्च कर देता है। अमेरिका फैटी लीवर की बीमारी से जूझ रहा है वहां हर 10 अमेरिकी नागरिकों में से दो व्यक्तियों को फैटी लीवर की समस्या है। लीवर की बीमारी होने से हमारे शरीर का फंक्शन सुचारू रूप से कार्य नहीं करपाता है। जिसके परिणाम स्वरूप हम अस्वस्थ हो जाते हैं। हेपेटाइटिस जैसे रोग भी हमारे जीवन के लिए किसी घातक से कम नहीं है। लेकिन यदि हम सबको लिवर की बीमारी से बचना है तो हमें लिव-52 टेबलेट का उपयोग करना चाहिए।इस टेबलेट को यूज करने के परिणाम स्वरूप हमारा लीवर स्वस्थ रहता है और हमारा लीवर अच्छी तरह से कोशिकाएं बना पाता है। जिससे लिवर में जो समस्याएं हैं। वह भी ठीक हो जाती है और भविष्य में लिवर सिरोसिस और हेपिटाइटिस फैटी लीवर की समस्या से बचा जा सकता है। आज हम इस लेख में इसी विषय में चर्चा करने वाले हैं लिव-52 फायदे क्या- क्या है?

लीवर की समस्याओं से निजात दिलाने वाला Liv 52 Tablet क्या है?

लिव-52 टेबलेट का निर्माण हिमालय ड्रग कंपनी द्वारा किया गया है। लिव-52 टैबलेट एक हर्बल औषधि है। यह शरीर के आंतरिक भागों में कार्य करता है जैसे कि हमारा लीवर यदि सही तरीके से काम नहीं कर रहा है तो इसके लिए हम Liv 52 Tablet का यूज़ करके अपने लिवर कि बीमारी से निजात पा सकते हैं। जिससे हमारे लिवर की कोशिकाएं सही ढंग से कार्य कर सकें और साथ ही साथ हेपेटिक कोशिका को लिव-52 में पाए जाने एंटी ऑक्सीडेंट स्थिर रखने में अपनी अहम भूमिका निभाता है।

कौन-कौन से कंपोनेंट्स का उपयोग करके लिव-52 टेबलेट का निर्माण किया गया है?

(1) हिमस्त्रा

(2) झावुका

(3) बिरंजासीफा

(4) कसमादरा

(5) काकामाची

(6) कसानी

(7) टर्मिनलिया अर्जुना

(8) मंडूर

लिव-52 टेबलेट के लाभ क्या -क्या है?

(1) बिलरुबिन के उच्च स्रावण को सामान्य बनाने में सहायक

यदि अपने प्रतिदिन के दिनचर्या में लिव-52 टेबलेट का उपयोग कर रहे हैं। इससे यह लाभ होगा कि बिलरुबिन का स्तरजो उच्च हो गया है, वह सामान्य हो जाएगा। क्योंकि बिलुरुबिन के अत्यधिक स्रावण से पीलिया रोग होता है। बिलरुबिन का स्रावण यदि सामान्य रहेगा।तब आपको कोई भी समस्या नहीं होगी। आपको बता दे की। यदि आप पीलिया रोग से पीड़ित हैं। तब आप Liv 52 Tablet का उपयोग करते हैं तब आपको इससे कोई भी लाभ नहीं मिलेगा यह बहुत महत्वपूर्ण बात है ध्यान रखने वाली। इसका उपयोग आप तब कर सकते हैं जब आप को पीलिया ना हुआ हो यह पीलिया के होने वाले जो कारण है बिलीरुबिन उसके ऊपर प्रहार करता है जिसके उच्च स्रावण को सामान्य कर देता है जिससे आपको पीलिया नहीं होने देता है।

(2) हेपेटाइटिस ए के इलाज में सहायक

जिस भी व्यक्ति को हेपिटाइटिस ए की बीमारी हुआ है। उसे अवश्य ही डॉक्टर द्वारा लिव-52 टेबलेट या सिरप का उपयोग करने के लिए कहा जाता है हेपिटाइटिस ए की बीमारी से निजात दिलाने के लिए सबसे ज्यादा लिव-52 टेबलेट या सिरप डॉक्टर द्वारा मरीजों को प्रेस्क्रिब किया जाता है।

(3) वेट गेन करने में भी सहायक है

Liv 52 Tablet Benefits

किसी -किसी व्यक्ति को खाया पिया कुछ भी नहीं लगता है। वह कुछ भी खा ले। लेकिन उनके शरीर को लगता ही नहीं है। इसका प्रमुख कारण है उनके पाचन क्रिया का अच्छा ना होना। ऐसे में इन रोगियों के लिए वेट गेन करने में सबसे बड़ी सहायता Liv 52 Tablet करता है। इस टेबलेट के यूज़ से ना केवल आपकी पाचन क्रिया ठीक होती है। अपितु आप कुछ दिनों में यह महसूस करने लगेंगे कि आपका वजन भी बढ़ रहा है।

(4) सुस्त पड़ी लीवर को सुचारू ढंग से कार्य करने के लिए प्रेरित करता है

किसी- किसी व्यक्ति को पेट दर्द ,शरीर से बदबू आना और शरीर से अधिक मात्रा में पसीना आना। लिवर दर्द जैसी समस्याओं से यदि निजात पाना है तो इसके लिए Liv 52 Tablet सबसे अच्छा विकल्प है। क्योंकि इस टेबलेट के उपयोग के परिणाम स्वरूप सुस्त पड़ा लीवर एक्टिव हो जाता है जिसके परिणाम स्वरूप उपर्युक्त समस्या का निदान समय के साथ हो जाता है।

नोट- उपर्युक्त पैराग्राफ में आपको लिव 52 टैबलेट के मुख्य लाभ बताए गए हैं। लेकिन आपको बता दे की लिव-52 टेबलेट हीमोग्लोबिन के स्तर को मेंटेन करता है। और साथ ही साथ गैल मूत्राशय के सूजन को भी कम करता है। फैटी लीवर की समस्या से निजात दिलाता है। लीवर को एक्टिव करने के लिए यह एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी कार्य करता है।

लिव-52 टेबलेट के उपयोग के परिणाम स्वरूप शरीर में होने वाले इसके दुष्प्रभाव क्या -क्या है?

लिव-52 टेबलेट का दुष्प्रभाव सामान्यता नहीं देखा जाता है। हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि इसके डोज का उपयोग सही अनुपात में किया जाए तो आपको कोई भी समस्या नहीं होगी। आपको बताना चाहता हूं कि लिव-52 टेबलेट के दुष्प्रभाव कुछ भी नहीं है बस आप इसका उपयोग डॉक्टर के निर्देशानुसार ही करें।

लिव-52 टेबलेट का सेवन कैसे करना है?

(1) जिन बच्चों की उम्र 5 वर्ष से ज्यादा है या 5 वर्ष है उन बच्चों को लिव-52 के एक टेबलेट का सेवन करना चाहिए।

(2) वयस्क व्यक्तियों को प्रतिदिन दो टेबलेट का सेवन करना चाहिए।

नोट- लिव-52 टेबलेट का सेवन करने से पहले अपने किसी नजदीकी डॉक्टर से परामर्श अवश्य कर ले तदोपरांत इसका सेवन करें।

निष्कर्ष:

लिव-52 टेबलेट एक अचूक रामबाण औषधि इसके उपयोग के परिणाम स्वरूप लीवर की बीमारी जैसे लिवर सिरोसिस, फैटी लिवर ,लिवर कैंसर से निजात पा सकते हैं। इतना ही नहीं यह आपके लीवर को स्वस्थ रखता है जिससे आपको भविष्य में पीलिया जैसे रोग ना हो।

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FAQ

(1) लिव-52 टेबलेट कब लेना चाहिए?

सामान्यता लिव-52 का सेवन भोजन पर से पहले किया जाता है। हालांकि यदि आप लीवर की समस्या से परेशान है। तब आप डॉक्टर से परामर्श कर ले। तब इसके बाद आप भोजन से पहले या भोजन के बाद इसका सेवन करना है तो डॉक्टर के अनुसार ही करें।

(2) Liv 52 Tabletक्या काम करता है?

लिव-52 टैबलेट लीवर के इलाज के लिए किया जाता है।

(3) क्या Liv 52 Tablet मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी है?

आपको बता दें कि लिव-52 टेबलेट का उपयोग यदि मधुमेह रोग के लिए करना है तो इसका उपयोग करने से पहले आप डॉक्टर से परामर्श कर ले। तब उसके बाद ही उपयोग करें। इसका कारण यह है कि डॉक्टर आपको उचित खुराक लेने के लिए कहेंगे। जिसके परिणाम स्वरूप आप डॉक्टर के कथनुसार लिव-52 टेबलेट का उचित खुराक का उपयोग करके मधुमेह रोग को कंट्रोल किया जा सकता है।

(4) लीवर कमजोर होने के लक्षण क्या है?

जिस भी व्यक्ति को नींद नहीं आती है। कमजोरी महसूस करता है और इसके अलावा एकाएक उसका वजन कम हो गया हो और लीवर में सूजन रहता है तब आपको सतर्क हो जाना चाहिए क्योंकि आपका लीवर कमजोर हो गया है।

(5) फैटी लीवर से पीड़ित व्यक्ति क्या चावल का सेवन कर सकता है?

फैटी लीवर से पीड़ित व्यक्ति को चावल के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि चावल किसी वन के पश्चात ब्लड शुगर बढ़ता है और ब्लड शुगर बढ़ने से फैटी लीवर भी इंक्रीज होता है।

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