केसर के फायदे | Kesar ke Fayde

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Kesar Ke Fayde

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन के अनुसार केसर अल्जाइमर की बीमारी से निजात दिलाने में सहायक

Kesar ke Fayde: केसर हमारे दिनचर्या का एक अहम हिस्सा बन चुका है। केसर का उपयोग आजकल चाय में भी हो रहा है। इसके अलावा केसर का उपयोग भारतीय मिठाइयों में भी होता है। केसर एक ऐसा  मसाला है जिसकी दुनिया में मांग बहुत ज्यादा होने के कारण इसकी कीमत भी ज्यादा है। सबसे ज्यादा केसर उत्पादन क्रमशः स्पेन और ईरान द्वारा किया जाता है। बाकी उत्पादक देशों की तुलना में लगभग 80% का उत्पादन यही दो देश करते हैं। वैसे तो केसर खाने में इसका स्वाद कड़वा है। लेकिन इसका स्वाद तब अच्छा लगता है। जब इसको किसी खाद्य पदार्थ में उपयोग किया जाता है। हमारे भारत में एक  मिथक भ्रम कोसर को लेकर फैला हुआ है कि इसका उपयोग सिर्फ कामोत्तेजक औषधि के रूप में भी होता है। लेकिन आपको बता दें कि केसर का उपयोग कामोत्तेजक के अलावा बहुत सारी ऐसी बीमारियां हैं जैसे कि शरीर में यदि वात- पित्त और कफ का संतुलन नहीं रहता है तो केसर शरीर मे वात और पित्त और कफ का संतुलन बनाता है। आज हम सब इसी विषय पर चर्चा करने वाले हैं। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन ने केसर के ऊपर एक शोध प्रकाशित किया अपनी वेबसाइट पर। इसके अनुसार यदि आप अपने डेली रूटीन में केसर का उपयोग करते हैं तो इसे काफी हद तक अल्जाइमर से निजात पाया जा सकता है।

आखिरकार केसर क्या होता है ?

क्रोकस सैटाइवस नामक लाल रंग के फूल या बैंगनी रंग के फूल या लाल -नारंगी रंग के फूल में वर्तिकाग्र होते हैं उसे ही कहते कहते हैं। केसर का वैज्ञानिक नाम क्रोकस सैटाइवश है। केसर देखने में पतले धागे सा प्रतीक होता है और साथ ही साथ इसका उपयोग मिष्ठानों में रंग के रूप में भी किया जाता है जिससे मिष्ठान का रंग सुंदर प्रतीक हो।

केसर का उत्पादन किन-किन देशों में होता है?

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में केसर की मांग बहुत ज्यादा है। इसकी मांग के अनुरूप इसकी पूर्ति नहीं की जा पा रही है। क्योंकि कुछ सीमित देश ही इसका उत्पादन कर पा रहे हैं। और साथ ही साथ इसके लिए जो आदर्श जलवायविक दशा चाहिए वह शीतोष्ण कटिबन्धीय जलवायु से संबंधी होनी चाहिए।

(1) फ्रांस

(2) स्पेन

(3) भारत

(4) ईरान

(5) इटली

(6) ग्रीस

(7) जर्मनी

(8) जापान

(9) रूस

(10) आस्ट्रिया

(11) तुर्किस्तान

(12) चीन

(13) पाकिस्तान के क्वेटा एवं

(14) स्विटज़रलैंड

ध्यान देने वाली बात यह है कि स्पेन और ईरान मिलकर के कुल उत्पादन का 80% उत्पादन करते हैं लगभग 300 मिलियन टन। भारत में केसर का उत्पादन जम्मू के किश्तवाड़ में होता है और कश्मीर के पम्पोर नामक स्थान पर होता है।

केसर में कौन- कौन सा पोषक तत्व पाया जाता है?

केसर पोषक तत्वों की खान है। इसमें बहुत सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के लिए बहुत लाभप्रद हैं। यदि आप अपने प्रतिदिन के दिनचर्या में केसर का  उपयोग करते हैं तो आप अपने आपको तरोताजा महसूस करेंगे और आपको कोई रोग छू भी नहीं पाएगा लेकिन वर्गीकरण के दृष्टिकोण से केसर में निम्नलिखित पोषक तत्व पाया जाता है

(1) वसा

(2) सोडियम

(3) पोटैशियम

(4) कार्बोहायड्रेट

(5) आहारीय रेशा

(6) प्रोटीन

(7) विटामिन सी

(8) कैल्सियम

(9) आयरन

(10) विटामिन डी

(11) विटामिन बी६

(12) mg

(13) विटामिन बी१२

(14) मैग्नेशियम

विश्व और भारत के स्तर पर केसर को अन्य भाषाओं में क्या- क्या नाम है?

“कोस कोस पर बदले पानी चार कोस पर बदले बानी” हम सब यह अवश्य सुने होंगे कि जैसे -जैसे हम किसी महानगर या किसी अन्य राज्य  या अंतर्राष्ट्रीय कंट्री में जाते हैं वहां नाम बदल जाते हैं।

भाषानाम
हिंदीकेशर, केसर, जफरान
उर्दूजापैंरान
इंग्लिशसैप्रैंन क्रोकस,  सैपैंरन
संस्कृतकुंकुम, केशर, घुसृण, रक्त, काश्मीरज, बाह्लीक  
कन्नड़कुंकुम केसर
कश्मीरीकोंग
तमिलकुंगमपु
गुजरातकेशर
तेलगूकुन्कुमापुवु
बंगालीजापैंरान
अरबीकुर्कम,जांपैरान, जंहापैरं
पंजाबीकेशल
नेपालीकेशर
मराठीकेसर
पारसीलरकीमासा

(Kesar ke Fayde) शरीर में होने वाले किन-किन विचारों को ठीक करने में अपनी अहम भूमिका निभाता है केसर:

शरीर में जितने भी प्रकार के विकार होते हैं उन विकारों को दूर करने के लिए आप किसी सुप्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य से परामर्श लेकर के अपनी विशेष बीमारी के लिए केसर का उपयोग कर सकते हैं आइए जानते हैं कि केसर के फायदे क्या- क्या है?

(1) कैंसर की बीमारी में लाभकारी

केसर में क्रॉकेटिन नामक एक तत्व पाया जाता है जो कैंसर के लिए जिम्मेदार कोलोरेक्टल कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च के एक शोध के अनुसार यह कुछ हद तक ब्रेन ट्यूमर को भी बढ़ने से रोकता है स्किन कैंसर और प्रोटेस्ट कैंसर में भी काफी हद तक लाभदायक है।

(2) नींद ना आने की बीमारी को भी दूर करता है

यदि रात को हम सब सही से सो नहीं पाते हैं तो पूरा दिन का कार्य नहीं कर पाते हैं, सही ढंग से क्योंकि शरीर और मन थका थका सा रहता है। यदि नींद अच्छी आए तो इसके लिए केसर का उपयोग कर सकते हैं। केसर में जो क्राकेंटिन तत्व पाया जाता है वह अवसाद ग्रस्त को खत्म करता है और साथ ही साथ नीद के लिए जिम्मेदार हार्मोन को एक्टिव करता है। जिससे आपको समय से नींद आ जाए और आपकी जैविक घड़ी को भी ठीक करता है।

(3) ब्रेन के लिए भी लाभकारी है

सिजोफ्रेनिया और अल्जाइमर रोग को ठीक करने में काफी हद तक लाभकारी सिद्ध हुआ है। केसर में एंटी डिप्रेस्ड का भी गुण पाया जाता है जो अवसाद ग्रस्त मरीजों को यदि 15 मिलीग्राम केसर प्रतिदिन दिया जाए तो उन्हें अवसादग्रस्तता से मुक्ति मिल सकती है। याददाश्त के क्षमता को भी बढ़ाता है।

(4) कब्ज गैस की समस्या से भी निजात दिलाता है

केसर में एक यूपेप्टिक नामक तत्व पाया जाता है जो हमारे भोजन को अच्छी तरह से बचाता है। यदि आप अपने डेली रूटीन में केसर का उपयोग करते हैं। तब आपको कब्ज गैस की समस्या नहीं होगी। क्योंकि आप जो भी खाएंगे वह आसानी से पच जाएगा और साथ ही साथ इसका एक लाभ यह भी है कि यह पेट में अम्ल के पीएच मान को भी बैलेंस करता है।

(5) गर्भवती महिलाओं के लिए भी लाभकारी है (Kesar Khane ke Fayde in Pregnancy)

केसर गर्भवती महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी है। प्रसव के दौरान जो रक्त स्राव होने लगता है। उस रक्त स्राव को यदि नियंत्रित करना है। महिला को केसर का सेवन कराना चाहिए। इससे रक्त स्त्राव काफी हद तक नियंत्रित रहेगा। गर्भवती महिला को सबसे बड़ा लाभ यह मिलता है कि केसर खाने का इससे डिलीवरी जो होती है नॉर्मल डिलीवरी होती है आपको किसी हॉस्पिटल में जाने का आवश्यकता नहीं है डिलीवरी के लिए।

(6) आंखों के रोग के लिए भी लाभकारी है

प्रोलिफेरेटिव विटेरियोनेटिनोपैथी नामक रोग आंखों की रेटिना में हो जाता है। यदि इससे निजात पाना है तो केसर का सेवन करिए। क्योंकि केस्ट में क्रोसेटिन पाया जाता है। क्रोसेटिन हमारे आंखों के लिए बहुत ही लाभकारी है।रेटिनोब्लास्टोमा को भी नियंत्रित करने में कारगर है।

(7) मांसपेशियों के अकड़न को भी दूर करने में सहायक है

समय के साथ साथ हमारे शरीर में हड्डियां क्षणभंगुर होने लगती हैं जिससे हमारे मांसपेशियों में अकड़न सी आने लगती है यदि से बचना है तो आप केसर का सेवन करिए क्योंकि केसर anti-inflammatory और साथ ही साथ एंटीपायरेटिक गुणों से परिपूर्ण है।

(8) नपुंसकता को भी दूर करने में सहायक है (Kesar Benefits for Male in Hindi)

केसर में क्रॉकेटिन निकोटीन नामक गुण पाया जाता है। जो हमारे शरीर में बेहतर रक्त परिसंचरण करता है और साथ ही साथ शरीर मैं ऊर्जा का प्रवाह भी करता है इसके अलावा यह निकोटीन शरीर के अंदर कामोत्तेजना भी पैदा करता है और साथ ही साथ फर्टिलिटी रेट में भी सुधार करता है।

केसर के सेवन के पश्चात हमारे शरीर पर इसका दुष्प्रभाव क्या पड़ता है?

(1) यदि केसर का अत्यधिक मात्रा में आप सेवन करते हैं तो इससे कब्ज की समस्या हो सकती है क्योंकि केसर में कैल्शियम की मात्रा बहुत अधिक रहती है।

(2) जी मिचलाना सर का भारीपन और ओमिटिंग की भी समस्या हो सकती है क्योंकि केसर में पोटेशियम पाया जाता है। यदि आप केसर का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं तो समस्या उत्पन्न हो सकती है।

(3) जिन महिला का गर्भ अभी 3 महीना से ठहरा हुआ है उन्हें केसर का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे गर्भपात की समस्या हो सकती है।

केसर को अपने प्रतिदिन की दिनचर्या में कैसे शामिल कर सकते हैं?

(1) रात को सोते समय के दूध में केसर डालकर पी सकते हैं।

(2) केसर का उपयोग मिष्ठान में भी कर सकते हैं।

(3) इसके अलावा पुलाव बनाने में और साथ ही साथ नॉनवेज में भी इसका उपयोग हो सकता है।

अच्छे केसर का चुनाव कैसे करें?

अच्छे केशर का चुनाव करने के पहचान निम्नलिखित है

(1)गहरा लाल रंग

(2) सिरा नारंगी

(3) सुगन्ध मीठी

ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि बाजार में केसर अन्य दुकानदारों की अपेक्षा में किसी दुकान पर सस्ता मिल रहा हो। तब आप उसे लेने से बचियेगा।क्योंकि केसर की कीमत मार्केट में बहुत हाई है। यदि कोई खराब केसर बेच रहा है वह अवश्य सस्ता दाम पर ही देगा।

निष्कर्ष:

शीतोष्ण कटिबंध जैसे जलवायु में पैदा होने वाले केसर हमारे शरीर के बहुत सारे बीमारियों को ठीक करता है। इसके अलावा इसमें से पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर की जरूरत की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं। जिससे हम एक अच्छा जीवन जी सके।

FAQ:

(1)केसर दूध में मिलाकर पीने से क्या होता है?

यदि हम अपने डेली रूटीन में दूध में केसर मिलाकर पीते हैं तो इससे हमारे चेहरे पर निखार रहेगी और साथ ही साथ पेट से संबंधित कोई बीमारी भी नहीं होगी क्योंकि केसर एंटीमाइक्रोबॉयल होता है और साथ ही साथ यह anti-inflammatory जैसे गुणों से भी परिपूर्ण होता है इसके अलावा हम एक अच्छी गुणवत्ता की नींद के मालिक भी बन सकते हैं।

(2)पुरुष को केसर खाने से क्या फायदा होता है?

यदि कोई पुरुष डेली रूटीन में केसर का सेवन करता है तो इससे उसके बायसेप्स स्ट्रांग होते हैं और साथ ही साथ यदि किसी को कमजोरी की वजह से चक्कर आ जाता है वह चक्कर नहीं आएगा केसर के सेवन के पश्चात।

(3) केसर की शुद्धता की जांच कैसे करें?

केसर की शुद्धता की जांच करने के लिए एक गिलास पानी में बेकिंग सोडा डालिये। उसके बाद केसर मिलाइए यदि केसर का रंग पीला हो जाता है तो समझ लीजिए केसर शुद्ध है अन्यथा यदि रंग पीला रंग के विपरीत आता है तो वह केसर अच्छी गुणवत्ता का नहीं है।

(4) केसर का  वैज्ञानिक नाम क्या है?

केसर का वैज्ञानिक नाम क्रोकस सैटाइवश है।

(5) 1 ग्राम केसर तैयार करने में कितने फूलों की आवश्यकता होती है

1 ग्राम केसर तैयार करने में लगभग 300 फूलों की आवश्यकता होती है।

(6) अंतरराष्ट्रीय मार्केट में केसर का प्राइस क्या है?

अंतरराष्ट्रीय मार्केट में केसर ₹300000 किलोग्राम से लेकर के 500000 रुपये किलोग्राम तक मिलता है।

(7) केसर कितने प्रकार के होते हैं?

(a)काश्मीरज केसर

(b)बाल्हीकज केसर

(c)पारसीकज-पारस केसर

(8) केसर का सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाला देश कौन सा है?

केसर का सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाला देश ईरान है ईरान में केसर की खेती लगभग 60000 हेक्टेयर में की जाती है एक हेक्टेयर में 1.7 किलोग्राम केसर पैदा होता है ध्यान देने वाली बात यह है कि 2010-11 में यह आंकड़ा 2.7 किलोग्राम था।

(9) प्रतिवर्ष आंकड़ों के अनुसार केसर कितना पैदा होता है ईरान में

सन 2019 के आंकड़ों के अनुसार लगभग 480 टन केसर पैदा होता है ईरान में।

(10) केसर उत्पादन के लिए कौन सी जलवायू उपयुक्त है

केसर उत्पादन के लिए शीतोष्ण कटिबंध जलवायु उपयुक्त है अर्थात ना ज्यादा गर्मी हो ना ज्यादा ठंडी हो इसके अलावा इस को लगभग 40 सेंटीमीटर तक की बारिश की आवश्यकता होती है।

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