आइए जानते हैं कस्तूरी के फायदे और नुकसान के बारे में

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Kasturi Ke Fayde

तेरा साँई तुझमें, ज्यों पहुपन में बास।

कस्तूरी का हिरन ज्यों, फिर-फिर ढ़ूँढ़त घास॥

Kasturi Ke Fayde: इस दोहे का सीधा सा अर्थ है आदमी की खुशी आदमी के अंदर निहित रहती है। लेकिन उसे वह बाहर के भौतिक वस्तुओं में तलाशता है। जिस प्रकार से हिरण की नाभि में कस्तूरी रहती है। लेकिन उस कस्तूरी की तलाश में वह वन- वन भटकता रहता है। आज हम इसी कस्तूरी के विषय पर चर्चा करने वाले हैं। कस्तूरी को संस्कृत भाषा में अंडकोष भी कहा जाता है। अंडकोष शब्द से ही कस्तूरी शब्द की व्युत्पत्ति हुई है। कस्तूरी एक दुर्लभ पदार्थ है जो नर हिरण के नाभि के नीचे थैलियों से प्राप्त किया जाता है। इसका उपयोग प्राचीन काल से परफ्यूम बनाने और कॉस्मेटिक्स के सामान बनाने जैसे लिपस्टिक क्रीम पाउडर और वैक्स बनाने में उपयोग होता रहा है। इसकी सुगंध बहुत तीक्ष्ण होती है इसी सुगंध तीक्ष्णता के कारण हिरन भी इसको पाने के लिए वन – वन भटकता है। लेकिन हिरण को नहीं पता है कि जिस सुगंध पदार्थ की तलाश कर रहा है वह उसके नाभि में छिपी हुई है। कस्तूरी में बहुत सारे खनिज तत्व भी पाए जाते हैं जैसे पोटैशियम, मैग्निशियम, कैलशियम आदि।

आइए जानते हैं कस्तूरी के बारे में:

कस्तूरी नर हिरण के नाभि के नीचे एक थैले में संचित होने वाला गाढ़ा पदार्थ है जिसका सुगंध मन को मंत्रमुग्ध कर देता है  इसके अलावा इसको प्राप्त करने के लिए नर हिरण को मार दिया जाता है। नर हिरण को मारने के परिणाम स्वरूप इसकी नाभि के नीचे थैली में संचित कस्तूरी सूख जाती है। जब कस्तूरी सूख जाती है सूखने के परिणाम स्वरुप वह दाने-दाने में बढ़ जाती है जिसका उपयोग बाद में परफ्यूम बनाने से लेकर के कॉस्मेटिक और वाइन बनाने में भी उपयोग बड़े स्तर पर किया जाता है। कस्तूरी की बढ़ती मांग को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अब इसके लिए कृत्रिम कस्तूरी का निर्माण भी किया जा रहा है। कस्तूरी भारत में नेपाल में चीन में साइबेरिया में पाए जाते हैं प्राकृतिक रूप से।

Kasturi Ke Fayde

कस्तूरी में पाए जाने वाला पोषक तत्व कौन- कौन सा है?

(1)पोटेशियम

(2)सोडियम

(3)क्लोराइड

(4) कैल्सियम

(5) अमोनिया

(6) फैट

कस्तूरी के प्रकार कौन-कौन से हैं?

(1) कश्मीरी कस्तूरी

कश्मीरी कस्तूरी भारत के इन शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में पाया जाता है इसका रंग अन्य कस्तूरी के रंगों की अपेक्षा अधिक गाढ़ा और चमकदार होता है।

(2) कामरूपी कस्तूरी

कामरूपीकस्तूरी भारत के असम राज्य के कामरुप क्षेत्र में पाया जाता है। कामरुपी कस्तूरी का रंग काला होता है यदि गुणों की दृष्टिकोण से देखा जाए तो कामरूपी कस्तूरी कश्मीरी कस्तूरी की अपेक्षा बहुत ही अच्छा माना जाता है।

(3) नेपाली कस्तूरी

नेपाली कस्तूरी नेपाल की तराई क्षेत्रों में पाई जाती है नेपाली कस्तूरी का रंग नीला होता है।

Kasturi Ke Fayde – कस्तूरी की सेवन के पश्चात इससे होने वाले फायदे क्या-क्या मिलते हैं?

(1) सर्दी जुकाम को करे छूमंतर

कस्तूरी में पाए जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट गुण और एंटीमाइक्रोबॉयल गुण सर्दी जुकाम की समस्या को खत्म करता है। कस्तूरी की तीक्ष्ण गंध इतनी तेज होती है कि इससे सूंघने मात्र से बंद नाक खुल जाता है और गले में जो खराश की समस्या है उस से भी निजात मिल जाता है।

(2) गर्भाशय को सही करता है

किसी किसी महिला का गर्भाशय अपने मूल स्थान से थोड़ा सा खिसक जाता है।जिसके परिणाम स्वरूप गर्भधारण करने में समस्या उत्पन्न होती है। यदि इस समस्या से राहत पाना है तो इसके लिए आप कस्तूरी और केसर को उचित अनुपात में मिलाकर के छोटी-छोटी गोलियां बना लें और पीरियड आने से पहले योनि मुख पर उस गोलियों को रखें आप कुछ दिन बाद देखेंगे कि आपका जो गर्भाशय है वह मूल स्थान पर आ जाएगा।

(3) दांत दर्द की समस्या से भी निजात दिलाता है

दांत में बैक्टीरिया और पायरिया लग जाने से दातों में दर्द होने लगता है। यदि इस दर्द से आपको निजात पाना है तो इसके लिए आप कस्तूरी में कुठ मिला करके दांत में मलने से दांत के दर्द की समस्या खत्म हो जाती है क्योंकि कस्तूरी में एंटीबैक्टीरियल का गुण पाया जाता है जो बैक्टीरिया को खत्म कर देता है और आपकी बात को स्वस्थ बनाता है।

(4) आंखों की रोशनी बढ़ाना है

जिस भी व्यक्ति को दूर दृष्टि दोष और निकट दृष्टि दोष की प्रॉब्लम रहती है। उसको कस्तूरी का सेवन करना चाहिए कस्तूरी में ऐसे ऐसे दुर्लभ गुण पाए जाते हैं जैसे एंटीऑक्सीडेंट और anti-inflammatory ए सब तत्व आंखों की रोशनी को बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं।

(5) हार्ट को तंदुरुस्त रखता है

कस्तूरी में मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे खनिज तत्व पाए जाते हैं जो हार्ड को तंदुरुस्त रखने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं।

(6) रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी करता है

जिस भी व्यक्ति का रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रहता है तो उसे  कस्तूरी का सेवन करना चाहिए क्योंकि कस्तूरी में anti-inflammatory का गुण पाया जाता है जो राधे रोग प्रतिरोधक क्षमता को स्ट्रांग करता है। जिससे आपको मौसम परिवर्तन के साथ कोई बीमारी ना हो।

(7) जहर के प्रभाव को कम करता है

जिस व्यक्ति ने चूहे मारने की दवा या कीटनाशक दवाओं का सेवन कर लेते हैं तो उन्हें तुरंत कस्तूरी का सेवन करना चाहिए इससे जहर का प्रभाव कम होगा और जिसके परिणाम स्वरूप रोगी की जान बच जाएगी।

कस्तूरी के सेवन के पश्चात इससे होने वाले नुकसान क्या- क्या है?

वैसे तू अभी तक रेयरेस्ट आफ रेयर केस में कस्तूरी का नुकसान दिखा है। वह भी नुकसान उन रोगियों में लिखा है जिनको पहले से एलर्जी की समस्या थी और वह किसी न किसी अनुवांशिक बीमारी से ग्रसित थे। इसीलिए यदि आप किसी अनुवांशिक बीमारी से ग्रसित हैं या एलर्जी की प्रॉब्लम है तब आपको कस्तूरी का सेवन करने से पहले डॉक्टर से अवश्य ही एक बार परामर्श कर लेना चाहिए।

कस्तूरी का सेवन कैसे करें?

कस्तूरी की तासीर बहुत गर्म होती है इसलिए इसका सेवन बताई गई खुराक से ज्यादा ना करें अन्यथा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है जब भी आपको कस्तूरी का सेवन करना है दूध या मलाई से ही कस्तूरी का सेवन करना चाहिए तब इसका 100% लाभ मिलता है।

शुद्ध कस्तूरी की पहचान कैसे की जाती है?

शुद्ध कस्तूरी की पहचान आप पानी में डालकर कर सकते हैं। आप कस्तूरी को पानी में डाल दीजिए और जब कस्तूरी एक अकर्षित सुगंध दे और पानी में ना खुले तब आप समझ लीजिए शुद्ध कस्तूरी है। अन्यथा जब यह पानी में घुल जाए और कीचड़ की तरह इसकी दुर्गंध आने लगे तो आप सतर्क हो जाइए की यह एक अशुद्ध कस्तूरी है जिसमें मिलावत हुई है।

निष्कर्ष:

Kasturi Ke Fayde: आयुर्वेद के अनुसार कस्तूरी का उपयोग प्राचीन काल से परफ्यूम और कॉस्मेटिक के उत्पाद को बनाने में उपयोग होता रहा है इसका कारण है इसमें पाया जाने वाला पोटेशियम मैग्नीशियम और फैट और कैल्शियम।

FAQ:

(1) 1 ग्राम कस्तूरी की कीमत कितनी होती है?

1 ग्राम कस्तूरी की कीमत ₹25000 से लेकर के ₹30000 तक होती है।

(2) कस्तूरी की असली पहचान क्या है?

कस्तूरी की असली पहचान यह है कि यदि पानी में डाल  दिए जाने पर वह घुलती नहीं है और साथ ही साथ एक आकर्षित सुगंध देती है तो समझ जाइए की यह एक असली कस्तूरी है।

(3) कस्तूरी का हिरण अपने ऊपर क्यों चढ़ता है?

कस्तूरी का हिरन अपने ऊपर इसलिए चढ़ता है क्योंकि उसे पता ही नहीं रहता है कि कस्तूरी उसके शरीर के अंदर ही है लेकिन भ्रम वश उसे वह जंगलों में ढूंढता रहता है।

(4) हिरण की नाभि से क्या निकलता है?

हिरण की नाभि से कस्तूरी नामक तरल गाढ़ा पदार्थ निकलता है।

(5) कस्तूरी मृग से क्या बनता है?

कस्तूरी मृग से परफ्यूम और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट बनता है।

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