करमुआ के साग के फायदे

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Karemua ke Saag ke Fayde

आइये जानते है कि उत्तर भारत मे नारी सब्जी के नाम से प्रसिद्ध करमुआ के साग के फायदे और नुकसान के बारे में

Karemua ke Saag ke Fayde: उत्तर भारत जैसे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश आज राज्यों में गर्मी के मौसम में करेमुआ का साग हर घर में बनता है क्योंकि करमुआ की तासीर ठंडी होती है। जिसके सेवन के पश्चात पेट में ठंडक मिलता है और बीमारी से निजात भी मिलता है। करमुआ के साग में फास्फोरस ,विटामिन सी, कैल्शियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के संचालन के लिए बहुत ही आवश्यक माने जाते हैं और कई प्रकार के अमीनो एसिड भी पाए जाते हैं जो एंजाइम  के  स्रावण को प्रेरित करते हैं जिससे शरीर में हाइड्रोक्लोरिक एसिड और एसिटिक एसिड का सन्तुलन बना रहे।

आइए जानते हैं कि करेमुआ के बारे में:

करेमुआ एक उष्णकटिबंधीय पौधा है। इसकी लताएं न्यूनतम 2 मीटर लेकर के 3 मीटर तक की लंबी होती हैं। इसका तना अंदर से खोखला होता है। इसके पत्तों का रंग हरा होता है। करेमुआ उत्तर भारत में मई- जून के महीने से लेकर के सितंबर -अक्टूबर तक पाया जाता है लेकिन आपको बता दें कि यह बरसात के मौसम में तालाबों में अपने आप उगता है। लेकिन इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए अब इसकी खेती भी की जाती है। खेती करने से इससे यह प्रतिफल होता है कि मार्केट में इसकी अच्छी कीमत भी मिल जाती है और लोग शौक से खाते भी हैं इसकी सब्जी।

करेमुआ के साग में  पाया जाने वाला पोषक तत्व कौन कौन सा है?

(1)प्रोटीन

(2)कार्बोहाइड्रेट

(3)फाइबर

(4)आयरन

(5)पोटेशियम

(6)कैल्शियम 

(7)मैग्नीशियम

(8)फास्पोरस

(9)जिंक

(10) विटामिन ए

(11) विटामिन सी

करमुआ के अन्य भाषाओं में नाम क्या- क्या है?

भाषानाम
हिंदीकलंबी शाक
संस्कृतकलम्बी
तेलगूतोमे वच्चलि
तमिलकोईलंगु
पंजाबीनली
मराठीनालीची भाजी

Karemua ke Saag ke Fayde – करमुआ के साग के सेवन के पश्चात इससे होने वाला फायदा क्या-क्या है?

(1) शरीर में खून की कमी की पूर्ति करता है

करेमुआ के साग का सेवन जो भी व्यक्ति करता है। उसको सबसे बड़ा लाभ यह मिलता है कि उसके शरीर में खून की कमी कभी नहीं होती है क्योंकि बता दें कि करेमुआ में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। आयरन पाए जाने के कारण शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा में वृद्धि होती है। जिसके परिणाम स्वरूप हीमोग्लोबिन में भी वृद्धि होती है और हमारे शरीर में रक्त की आपूर्ति होने लगती है और शरीर एनीमिया की बीमारी जिसे खून की कमी से होती है उससे बचा रहता है।

Karemua ke Saag ke Fayde

(2) वेट लॉस करने में भी हेल्प करता है

जो भी व्यक्ति मोटापा की बीमारी से परेशान है। उसके लिए वह डाइट भी करते हैं। लेकिन उसका प्रतिफल कुछ भी नहीं मिलता है। यदि आपको मोटापा की बीमारी से बचना है। तब आप अपने प्रतिदिन के आहार में शामिल करिए करेमुआ के साग। करेमुआ के साग में फाइबर पाया जाता है जो आपके पेट को भरा- भरा सा रखता है जिससे आपको भूख कम लगती है और खाने को मन भी नहीं करता है इससे आप अपना वेट लॉस आसानी से कर सकते हैं।

(3) कोलेस्ट्रॉल लेवल को मेंटेन करता है

करमुआ में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। जिससे कोलेस्ट्रॉल लेबल मेंटेन रहता है और व्यक्ति का हृदय भी स्वस्थ रहता है। जिस भी व्यक्ति को कोलेस्ट्रोल की प्रॉब्लम है अर्थात कोलेस्ट्रोल बढ़ जा रहा है। उसको अपने आहार में करमुआ का साग का सेवन करना चाहिए यह हरी पत्तेदार वाली सब्जी आपके कोलेस्ट्रॉल लेबल को मेंटेन करके रखती है जिससे आपका हृदय सही ढंग से कार्य कर सकें।

(4) आंखों की प्रॉब्लम दूर करता है

आंखों से पानी गिरना आंखों से अस्पष्ट दृश्य नहीं दिखाई पड़ना। इसके अलावा आंखों का दर्द करना यह सब समस्या विटामिन ए की कमी से होती है। यदि शरीर में विटामिन ए की कमी हो जाती है।जिससे रतौंधी रोग भी हो जाता है। यदि आपको विटामिन ए के लिए आहार के विषय में सोच रहे हैं। तब आप कम कीमत पर सब जगह उपलब्ध करमुआ के साथ का सेवन करिए। इससे आपकी आंखों की प्रॉब्लम जितनी भी है वह खत्म हो जाएगी और आपका आंख स्वस्थ भी हो जाएगा इसके अलावा आपकी आंखों पर चश्मा भी कभी नहीं लगेगा।

Karemua ke Saag ke Fayde
(5) मधुमेह रोग को नियंत्रित करता है

बहुत सारे व्यक्ति जेनेटिक डिजीज मधुमेह रोग से परेशान है और मधुमेह रोग को नियंत्रित करने के लिए प्रतिदिन इंसुलिन लेना पड़ता है। आपको बता दें कि मधुमेह रोग ऐसा रोग होता है। जिसमें शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे आपको तरह- तरह की समस्या जैसे बीपी हाई- लो और सीने में जलन आदि समस्याएं होने लगती है। यदि इन समस्याओं से बचना है तब आप करमुआ के साग का सेवन करिए।करमुआ के साग में एंटी डायबिटिक का गुण पाया जाता है जो इंसुलिन के स्रावण को नियंत्रित करता है जिसके परिणाम स्वरुप आप मधुमेह के रोग से बचे रहते हैं।

(6) रोग प्रतिरोधक क्षमता को इनक्रीस करता है

जबसे कोविड-19 फैलाह है तब से रोग प्रतिरोधक शब्द बहुत सुर्खियों में रहता है। आपको बता दें रोग प्रतिरोधक एक ऐसा शब्द है जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बहुत ही उत्तम माना जाता है। यदि आपका प्रतिरोधक क्षमता स्ट्रांग रहता है। तब बाहर से कोई भी वायरस आपके शरीर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाता है आसानी से। यदि वहीं पर आपका प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रहता है तब आपको तरह-तरह के वायरल इंफेक्शन एलर्जी की प्रॉब्लम होने लगती है। यदि आपको अपना रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी करना है तो इसके लिए आप करमुआ के साग का सेवन करिए इसमें एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी पाया जाता है जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को ना केवल इंक्रीज करता है अपितु इसे बूस्ट करने का भी कार्य करता है।

(7) पाचन संबंधी बीमारियों को दूर करता है

कब्ज गैस और बदहजमी जैसी तरह-तरह की बीमारियां गलत खान-पान के कारण  असमय ही हो जाती है। जिसके परिणाम स्वरूप तरह-तरह की मेडिसिन एलोपैथिक मेडिसिन, आयुर्वेदिक मेडिसिन और एक्सरसाइज और योगा को अपने जीवन में शामिल करते हैं। तब भी इसका मनोनुकूल परिणाम नहीं मिलता है। यदि आपको कब्ज गैस से छुटकारा पाना है तब आप करमुआ के साग का सेवन करिए क्योंकि करमुआ के साग में फाइबर पाया जाता है वह भी भरपूर मात्रा में। फाइबर पाए जाने के कारण आपके पेट में जो कब्ज गैस की समस्या है उसको ठीक करता ही है और भविष्य में कब्ज गैस की समस्या ना हो इसके लिए भी वह इंतजाम करके भी रखता है जिससे आपको भविष्य में कोई तकलीफ ना हो अर्थात कहने का मतलब यह है कि यदि जो भी व्यक्ति करमुआ के साग का  सेवन करता है उसकी पाचन क्रिया सुदृढ़ रहती है आम व्यक्ति के मुकाबले।

Karemua ke Saag ke Fayde

करमुआ के साग के सेवन के पश्चात इससे होने वाला नुकसान क्या-क्या है?

(1) यदि करमुआ के साग को अधिक मात्रा में सेवन किया जाए इससे पेट फूलने की बीमारी और कब्ज की बीमारी और गैस की बीमारी हो सकती है।

(2) किसी जेनेटिक डिजीज के कारण कोई व्यक्ति यदि दवाओं का सेवन करता है तो करमुआ का साग का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श कर लेना चाहिए उसके बाद ही कर्मियों के साथ का सेवन करना चाहिए।

(3) गर्भवती महिलाओं को करमुआ के साग का सेवन उचित मात्रा में ही करना चाहिए क्योंकि इसमें आयरन पाया जाता है। यदि शरीर में आयरन की मात्रा अधिक हो जाएगी तो इससे शरीर में झुनझुनी पन और खुजलाहट की प्रॉब्लम हो जाएगी।

(4) जो भी व्यक्ति एलर्जी की प्रॉब्लम से ग्रसित हैं। उनको  करमुआ के साग का सेवन नहीं करना चाहिए। करमुआ के साग का का सेवन करना है तो किसी प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य से परामर्श कर ले उसके बाद ही सेवन करें।

करमुआ का सेवन किस किस रूप में किया जा सकता है

(1) करमुआ का सेवन आप सब्जियों के रूप में कर सकते हैं गर्मी के मौसम में। उत्तर भारत में करमुआ की सब्जी हर घर में अवश्य बनती है। इसका कारण यह है कि इस की तासीर ठंडी होती है जो पेट को ठंडक प्रदान करती है गर्मी के मौसम में।

(2) यदि आप सब्जियों के रूप में करमुआ का सेवन नहीं करना चाहते हैं। तब आप करमुआ का जूस भी बना सकते हैं इसका जूस भी बहुत ही लाभप्रद होता है इसको पीने से शरीर में खून की कमी कभी नहीं होती है।

निष्कर्ष:

करेमुआ के साग में विटामिन सी, विटामिन ए, फास्फोरस ,पोटैशियम ,मैग्निशियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के संचालन के लिए आवश्यक माने जाते हैं।

FAQ:

(1) करमुआ के साग की तासीर कैसी होती है?

करेमुआ की साग की तासीर ठंडी होती है।

(2) नारी साग किसे कहा जाता है?

नारी साग करमुआ के साग को कहा जाता है।

(3) करेमुआ का वैज्ञानिक नाम क्या है?

करेमुआ का वैज्ञानिक नाम बेसेला अल्बा है।

(4) करमुआ की नई किस्में काशी मनु किस संस्थान द्वारा विकसित की गई है?

करमुआ की नई किस्में काशी मनु भारतीय सब्जी संस्थान वाराणसी के द्वारा विकसित की गई है।

(5) करेमुआ की नई किस्में काशी मनु की विशेषता क्या है?

काशी मनु की विशेषता यह है कि इसको एक बार खेत में बो देने से इसे कई बार काटा जा सकता है।

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