जायफल तेल के हैं बहुत फायदे, कई बीमारियां हो जाती है छूमंतर

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jaiphal tel ke fayde

Jaiphal Tel Ke Fayde: हमारा भौतिक शरीर बहुत ही संवेदनशील होता है। वह परिवेश के अनुसार यदि अनुकूलन नहीं कर पाता है तो हमें कई बीमारियां होने लगती है जैसे कि शरीर का तापमान गर्म हो जाता है। और साथ ही साथ हाथ, पैर दर्द करने लगता है और आलस आने लगता है और मांसपेशी में जकड़न आ जाती है। होंठ सूख जाते हैं।आदि बीमारियां हो जाती हैं। यदि अनुकूलन कर ले परिस्थिति के अनुसार तो अच्छी बात है। लेकिन आज मैं एक ऐसा तेल बताने वाला हूं जिसका उपयोग करके आप अपनी बीमारियों को छूमंतर कर सकते हैं। क्योंकि इस तेल में अनेक ऐसे औषधि गुण पाए जाते हैं। जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है। इसका उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है। तभी वर्तमान तक इसकी विश्वसनीयता कायम है। अब आपके मन में प्रश्न उठ रहा होगा। आखिर इस तेल का नाम क्या है? और कहां से प्राप्त होता है? आपको बता दें इस तेल का नाम है जायफल का तेल। आज मैं इसी के विषय में चर्चा करने वाला हूं बस आप पूरे लेख को पढियेगा बस आपसे यही आग्रह है।

जायफल क्या है? (Jaiphal Kya Hota Hai)

इंडोनेशिया के मोलूकास द्वीप से मिरिस्तिका नामक पौधे से जायफल प्राप्त होता है। इस पौधे से हमें जायफल के साथ ही साथ जावित्री भी प्राप्त होता है ।और यह पौधा चीन, ताइवान और साथ ही साथ मलेशिया और भारत के केरल में और श्रीलंका और दक्षिण अमेरिका में खूब उगाया जाता है। और साथ ही साथ अंतर्राष्ट्रीय देश में इसकी मांग होने के कारण इसका आयात निर्यात भी किया जाता है ।यह अपने औषधीय गुणों से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

जायफल के तेल में कौन-कौन सा पोषक तत्व पाया जाता है? (Jaiphal Ke Tel Me Kon kon Sa Poshak Tatva Hota Hai)

जायफल के तेल में विटामिन के साथ सूक्ष्म पोषक तत्व भी पाए जाते हैं जो इस प्रकार हैं-

(a) विटामिन बी -6

(b) मैग्नीशियम

(c) कॉपर

(d) फाइबर

(e) फोलेट

(f) थियामिन

जायफल तेल के फायदे क्या है? (Jaiphal Tel Ke Fayde)

यदि हम अपने दिनचर्या में प्रतिदिन जायफल तेल का उपयोग करते हैं तो हमें निम्नलिखित फायदा होता है।

(1) साँसों की बदबू को दूर करने में सहायक

यदि कोई भी व्यक्ति अपने सांसों की बदबू से परेशान है अर्थात वह जब किसी से बातचीत करता है। बातचीत के दौरान उसकी सांसों की दुर्गंध सामने वाले को परेशान करती है ,तो उस व्यक्ति को जायफल का तेल उपयोग करना चाहिए। क्योंकि जायफल का तेल एंटीमाइक्रोबियल और साथ ही साथ एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों से परिपूर्ण है। बस आपको हल्के गर्म पानी में जायफल के दो बूंद तेल को डालकर कुल्ला करना है। जिसके परिणाम स्वरूप आप देखेंगे कुछ दिनों बाद आप की मूंह से जो दुर्गंध आ रही है अर्थात बदबू आ रही है वह बदबू आना बंद हो जाएगी।

(2) वजन को बढाने में सहायक

जो व्यक्ति दुर्बल है अर्थात शरीर के सारे अस्थि पंजर स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं तो उनके लिए जायफल का तेल किसी वरदान से कम नहीं है। क्योंकि जायफल के तेल में फेनिलप्रोपेनाइड पाया जाता है ।जो आपके भूख को बढ़ा देता है ।और साथ ही साथ आप जो भी आहार लेते हैं वह आहार आपके शरीर में लगने लगता है। इसके सेवन से कुछ दिन बाद आपको यह महसूस होने लगेगा कि आप ऊर्जा से भरे हुए हैं। और साथ ही साथ आपका शरीर बलिष्ठ भी बनने लगा है ।ध्यान देने योग्य बात यह है कि यदि आप वजन बढ़ाने में इसका उपयोग करना चाहते हैं तो अपने नजदीकी किसी चिकित्सक से अवश्य संपर्क कर लें तभी इसका उपयोग करें।

(3) ब्रेन के लिए भी लाभकारी

यदि आप अपने स्मरण शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं तब आप जायफल का तेल का उपयोग करिए। इससे ना केवल आपकी स्मरण शक्ति बढ़ेगी ।बल्कि आपकी याददाश्त जो कमजोर थी। वह याददाश्त अब मजबूत हो जाएगी ।क्योंकि इसमें एन्टीकांवलसेट गुण पाया जाता है। जो हमारे ब्रेन के लिए बहुत ही लाभकारी है।

(4) दर्द को दूर करने में सहायक

यदि किसी व्यक्ति को जोड़ों का दर्द है ।और साथ ही साथ मांसपेशियों में अकड़न रहती है। तब उस व्यक्ति को जायफल का तेल अवश्य उपयोग करनी चाहिए ।क्योंकि जायफल का तेल एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों से भरा हुआ है। जो व्यक्ति जायफल का तेल का मालिश प्रभावित जगह पर करता है उसको आजीवन तक मांसपेशियों में जकड़न और जोड़ों का दर्द नहीं होता है ।यदि उसको जोड़ों का दर्द और मांसपेशियों जकड़न की समस्या है वह समस्या इस तेल की मालिश के परिणाम स्वरूप दूर हो जाएगी।

(5) यौन शक्ति को बढाने में सहायक

जायफल का तेल ना केवल बाहरी रूप से शरीर के अंगों की मरम्मत करता है बल्कि आंतरिक रूप से  यौन शक्ति को भी सुदृढ़ भी करता है अर्थात जिस व्यक्ति की कामेच्छा किसी कारणवश असमय ही समाप्त हो गई है तो उस व्यक्ति को जायफल का तेल का उपयोग करना चाहिए ।इससे यह होगा कि उस व्यक्ति की कामेच्छा फिर से बढ़ जाएगी ।ऐसा एक शोध में प्रकाशित हुआ है कि चूहे को जायफल का इथेनॉल अर्क दिया गया जिसके परिणाम स्वरूप चूहे के यौन शक्ति में वृद्धि देखी गई। हालांकि अभी यह शोध मनुष्य पर नहीं हुआ है। लेकिन यह कयास लगाया जा रहा है कि यदि यह चूहे पर सफल रहा है तो मनुष्य पर भी अवश्य सफल होगा ।क्योंकि चूहे का जीन और मनुष्य का जीन 99% मैच करता है।

(6) बॉडी को डिटॉक्स करने में सहायक

जायफल के तेल में हेप्टोप्रोटेक्टीव नामक गुण पाया जाता है। जो हमारे न केवल लीवर और किडनी को डिटॉक्स करता है बल्कि एक तरह से यह पूरे शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है। जिसके परिणाम स्वरूप हमारे शरीर में जो असमय होने वाली बीमारियां है ।वह उन्हें दूर करता है।

(7) स्किन डिजीज को दूर करने में सहायक

जायफल के तेल  स्किन डिजीज को भी दूर करने में सहायक है ।क्योंकि यह एंटीफंगल और एंट्री बैक्टीरियल होता है। जिसके परिणाम स्वरूप हमारे चेहरे पर जो पिंपल्स हो जाते हैं। इस तेल के उपयोग के परिणाम स्वरूप वह पिंपल हमारे चेहरे से गायब हो जाते हैं। और साथ ही साथ या चेहरे की ग्लो की भी बढ़ाता है और चर्म रोग और साथ ही साथ खाज खुजली की समस्या से भी काफी हद तक राहत देता है।

जायफल के तेल का उपयोग करने से हमारे शरीर पर हानिकारक प्रभाव क्या पड़ता है? (Jaiphal Tel Ke Nuksan)

यदि किसी चीज के लाभ होते हैं तो उसके दुष्प्रभाव भी होते हैं ।तो आइए  हम जानते हैं कि जायफल के तेल का हमारे शरीर पर क्या-क्या दुष्प्रभाव अर्थात हानिकारक प्रभाव पड़ता है।

(1) इसके उपयोग से चेस्ट पेन होने लगता है।

(2) और साथ ही साथ आंखों से धुंधलापन दिखाई देने लगता है।

(3) और इसके उपयोग से आपका मुंह भी सूखने लगता है

(4) और साथ ही साथ आंखों में जलन और  पेट में दर्द और डिहाइड्रेशन और बेचैनी और आलस जैसी  समस्या उत्पन्न होने लगती है।

जायफल का तेल उपयोग कैसे करे? (jaiphal ke tel ka upyog kaise karen | How to Use Jaiphal Oil in Hindi)

अब बात आती है कि जायफल का तेल किस प्रकार से उपयोग करें जिससे हमें लाभ हो ।उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है?

(1) डिफ्यूजर में डालकर इन्हेल करके इसका उपयोग किया जा सकता है।

(2) और इसके अलावा आप मसाज के रूप में भी इसका उपयोग कर सकते हैं।

(3) और माउथवॉश के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। और साथ ही साथ अपनी मनपसंद मिठाई बनाने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है।

निष्कर्ष

जायफल इंडोनेशिया के मोलूकास द्वीप पर पाया जाने वाला एक पौधा है। जिसमें कॉपर ,मैग्नीशियम और  फाइबर और साथ ही साथ फोलेट ,थियामिन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं ।यह हमारे शरीर के विभिन्न अंगों के लिए लाभकारी है जैसे भूख बढ़ाने में और साथ ही साथ सांस की बदबू दूर करने में और शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में सहायक है।

सामान्य प्रश्न

(1) जायफल कहां का पौधा है?

जायफल मूलतः इंडोनेशिया मोलूकास द्वीप  का पौधा है।

(2) जायफल का उत्पादन भारत के किस राज्य में सर्वाधिक होता है?

जायफल का उत्पादन भारत के केरल राज्य में सर्वाधिक उत्पादन होता है।

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