History of India in Olympics: भारत ने ओलंपिक्स में कई रिकॉर्ड बनाए लेकिन कई बार खिलाड़ियों को निराशा भी मिली।

मनिका बत्रा ने 2020 के टोक्यो ओलंपिक्स में बेहतरीन परफॉर्म किया लेकिन मेडल तक का सफर नहीं तय कर पाई और ऐसे कई खिलाड़ी हैं जिनका इस साल के ओलंपिक्स का सफर खत्म हो गया।

हालांकि सब ने कुछ न कुछ सीखा और वापस आने का ऐलान किया है। अभी भी ओलंपिक्स में भारत की दौर जारी है और देखना बाकी है की इस बार कितने पदक और रिकॉर्ड देश के नाम आएंगे।

जानते हैं थोड़ा सा इतिहास और क्या था उन ओलंपिक्स में खास- History of India in Olympics

बीजिंग ओलंपिक्स में भारत को मिला पहला व्यक्तिगत स्वर्ण

History-of-India-in-Summer-Olympics

अभिनव बिंद्रा अब भी भारत के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक मिला। आपको बता दें कि अभिनव बिंद्रा वह महारथी हैं जिन्होंने राठौर के पदक को सोने के रंग से बदल दिया। उन्होंने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल श्रेणी में होने वाले खेल में 700.5 के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया था। हालांकि बीजिंग ओलंपिक में यह पदक भारत की ओर से जीता हुआ एकमात्र पदक नहीं था। बल्कि उस साल 2008 में देश दो और पदकों के साथ वापस लौटा था, दोनों मुक्केबाजी और कुश्ती में मिले कांस्य पदक थे।

और पूरे 56 साल के इंतजार के बाद, पुरुषों की फ़्रीस्टाइल (66 किग्रा) श्रेणी में सुशील कुमार ने कांस्य हासिल कर देश की कुश्ती की तालिका में एक पदक जोड़ दिया।

बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद विजेंदर सिंह भारत के घर घर में एक आम और प्रेरणा देने वाला नाम बन गया। इसी के बाद मुक्केबाजी को एक अलग दर्जा मिला। बता दें कि 2008 ओलंपिक्स में जीत हासिल करने पर विजेंदर और सुशील दोनों को ही उनकी उपलब्धियों के लिए उसी साल खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

लंदन 2012 एक ऐसा साल जब भारत ने कर दिया था कमाल

History-of-India-in-Summer-Olympics

2012 में लंदन में आयोजित हुए समर ओलंपिक के दौरान भारत ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, और यही वह साल है जिसमें देश के पास कुल छह पदक आए। History of India in Olympics, यह भारत के खिलाड़ियों के लिए एक बेहद ही ऐतिहासिक मील का पत्थर था क्योंकि इस ओलंपिक में शटलर साइना नेहवाल और लेजेंडरी मुक्केबाज मैरी कॉम ने कांस्य पदक हासिल किया था। यही वह साल था जब विश्व जूनियर चैंपियन साइना नेहवाल ओलंपिक में हुए महिला एकल में कांस्य पदक हासिल करने वाली पहली भारतीय एथलीट बनीं।

इतना ही नही यही वह साल है जब मैरी कॉम ने सेमीफाइनल के मैच में ग्रेट ब्रिटेन की निकोला एडम्स का सामना ऐसे किया था कि लोग आज भी उसकी चर्चा करते हैं। हालांकि वह मैच हार लेकिन यह पहली बार था कि महिलाओं की फ्लाईवेट की स्पर्धा में भारत को कांस्य पदक मिला।

यही वह साल था जब सुशील कुमार ने अपने कांस्य के रंग में सुधार करते हुए ओलंपिक्स में अपना दूसरा और भारत की ओर से पहला रजत पदक हासिल किया।

योगेश्वर दत्त ने भी इसी साल पुरुषों की फ्रीस्टाइल (60 किग्रा) श्रेणी में भारत के नाम कांस्य पदक हासिल किया था और वह ओलंपिक पदक अपने नाम करने वाले भारत के तीसरे पहलवान बन गए।

सात पुरुष और चार महिला यानी ग्यारह भारतीय निशानेबाजों ने इस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था। और इनमे से निशानेबाज विजय कुमार व गगन नारंग ने रजत और कांस्य पदक हासिल किए थे।

रियो 2016 में भारत को मिली पदक जीतने वाली पहली महिला पहलवान

History-of-India-in-Summer-Olympics
History-of-India-in-Summer-Olympics

साक्षी मलिक ने महिला फ्रीस्टाइल 58kg के वर्ग में कांस्य पदक हासिल कर पुरुष-प्रधान खेल में पदक जीतने वाली पहली भारत की महिला पहलवान बनीं।

2016 के ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय शटलर बनीं पीवी सिंधु । हालांकि उन्हें तब केवल रजत पदक से संतुष्ट होना पड़ा लेकिन वह पहली भारतीय महिला शटलर बनीं जिसने रजत पदक अपने नाम किया।

टोक्यो ओलंपिक्स 2020: मीराबाई चानू- History of India in Olympics

History-of-India-in-Summer-Olympics

सैखोम मीराबाई चानू एक भारतीय वेटलिफ्टर हैं जो अब भारत के कोने कोने में मशहूर हो चुकी हैं। आपको बता दें कि ओलंपिक्स के दूसरे ही दिन उन्होंने महिलाओं के 49 किग्रा में रजत पदक जीता और एक नया इतिहास रच दिया।

कई खेलों में निराशा मिली लेकिन कई नई राह भी दिखीं हैं, खेल अब भी जारी है और भारत को कई और मेडल्स का इंतजार है।

ये भी पढ़े :समर ओलंपिक में भारत का इतिहास: पदक के संग जाने कितने रिकॉर्ड हैं देश के नाम (1900-2004)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here