मृत व्यक्ति के शरीर में प्राण ला देती है हिमालयन बेरी जूस

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Himalayan Berry Juice ke Fayde

Himalayan Berry Juice ke Fayde: भारत एक ऐसा देश है जहां परंपरागत चिकित्सा की पद्धति आयुर्वेद है। आयुर्वेद से लेकर के सुश्रुत सहिंता चरक सहिंता आदि ग्रंथ है जो आयुर्वेद का गुणगान करते हैं। आयुर्वेद का उपयोग करने का सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। इसका दुष्प्रभाव इसलिए नहीं होता है क्योंकि यह प्रकृति के  खुले प्रांगण में पाया जाता है जहां ना कोई केमिकल होता है और ना ही कोई प्रदूषण होता है। यह कश्मीर के लेह – लद्दाख क्षेत्र में पाया जाता है। मैं जिस बेर की बात कर रहा हूं ये लद्दाख में पाए जाने वाला उसका नाम है हिमालयन बेरी। इसका स्वाद हल्का खट्टा और मीठा होता है लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें आंवला के मुकाबले 20 गुना विटामिन सी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। आप जानकर हैरान हो गए होंगे लेकिन यही सत्य है। इसमें ऐसे – ऐसे सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं और विटामिन पाए जाते हैं जो इसे हर आयुर्वेदिक औषधि से अनूठा बनाता है। हिमालयन बेरी के विषय में यह भी प्रचलित है कि यह वही बेरी है जिसने लक्ष्मण के प्राण को बचाए थे। आज हम इसी हिमालयन बेरी के विषय में चर्चा करने वाले हैं। बस आप पूरी आर्टिकल को ध्यान पूर्वक से पढ़ियेगा। यदि आप एक भी पार्ट को स्किप करेंगे या लाइन को स्किप करेंगे तो आप हिमालयन बेरी से संबंधित जानकारी अधूरी ही प्राप्त करेंगे। तब आप इसका उपयोग सही ढंग से नहीं कर पाएंगे। इसीलिए आप हिमालयन बेरी का यदि उपयोग करना चाहते हैं तो प्रयोग करने से पहले इस आर्टिकल को पढ़ना अनिवार्य है

विटामिंस और सूक्ष्म पोषक तत्वों का खजाना हिमालयन बेरी क्या है?

Himalayan Berry Juice ke Fayde: हिमालयन बेरी एक शीतोष्ण कटिबन्धीय पौधा है। यह पौधा मुख्यतः ठंडे प्रदेशों में पाया जाता है जैसे एशिया के हिमालय वाले भाग और यूरोप के भागों में पाया जाता है। इसका प्रचलित नाम सीबकथोर्न है।यह एलएग्नेसी परिवार के फूल वाला पौधा है। इसका वैज्ञानिक नाम हिप्पोफे रमनोइड्स है। इस पौधे की ऊंचाई न्यूनतम 2 मीटर और अधिकतम 4 मीटर होती है। इस पौधे की विशेषता यह होती है कि यह 2000 मीटर से लेकर के 4000 मीटर की ऊंचाई पर भी उग सकता है। हिमालयन बेरी का फल अधिक रसीले और पौष्टिक वाले होते हैं। इसके फल देखने में दूर से अंगूर के फल के तरह लगते हैं।

Himalayan Berry Juice ke Fayde

हिमालयन बेरी में पाया जाने वाले पोषक तत्व कौन- कौन सा है?

(1) विटामिन ए

(2) विटामिन बी2 

(3) विटामिन बी 3

(4) विटामिन सी

(5) विटामिन ई

(6) फोलिक एसिड

(7) ओमेगा 3

(8) ओमेगा 6

(9) ओमेगा 9

हिमालयन बेरी जूस के फायदे क्या- क्या होते हैं?

(1) अवसादग्रस्तता से मुक्ति

हिमालयन बेरी में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो शरीर में सेरोटोनिन को संतुलित करके रखता है। सेरोटोनिन एक ऐसा हार्मोन है जो शरीर को रिलैक्स देता है। यदि इसकी कमी हो जाए तो इससे आप  अवसादग्रस्तता की चपेट में आ जाएंगे। यदि यह बैलेंस में रहेगा तब आपका मूड अच्छा होगा और आपका चेहरा खुशनुमा होगा और आपको कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। इसलिए यदि आप अवसादग्रस्तता से मुक्ति पाना चाहते हैं तब आप हिमालयन बेरी जूस का सेवन करिये।

(2) वृद्धावस्था को धीमा करने में सहायक

यदि आप सदैव जवान बना रहना चाहते हैं। तब आप हिमालयन बेरी जूस का सेवन करिए। इससे आप हमेशा जवां बने रहेंगे क्योंकि इससे आपकी त्वचा खिलखिलाती रहेगी। इतना ही नहीं हिमालयन बेरी के जूस में ओमेगा फैटी 3 एसिड पाया जाता है जो आपके क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को मरम्मत करता है। साथ ही साथ विटामिन सी भी पाया जाता है जो आपके चेहरे की झुर्रियों को ठीक कर देता है आप 50 साल की उम्र में भी 20 साल की नजर आएंगे।

(3) इम्यूनिटी को स्ट्रांग करता है

यदि आप बार-बार मौसमी बीमारी से परेशान हो जाते हैं तो अब आपको डरने की जरूरत नहीं है। बस आपको प्रतिदिन अपने आहार में हिमालयन बेरी जूस का सेवन करना है। इससे आपका इम्यूनिटी स्ट्रांग रहेगा और आपको कोई भी वायरल इनफेक्शन छू भी नहीं पाएगा। वह कोसों दूर से आपको नमस्कार करके निकल जाएगा क्योंकि आपकी इम्यूनिटी इतनी स्ट्रांग हो जाएगी। आपके अंदर यदि कोई वायरस प्रवेश कर भी गया है तो हिमालयन बेरी का जूस इसे अंदर ही अंदर नेस्तनाबूद कर देगा।

(4) आंखों की नमी को बरकरार रखने में सहायक

यदि आपके आंखों में बार-बार पानी आ जाता है और आप जब सुबह सोकर उठते हैं तब आपकी आंखों में कीचड़ आ जाता है तब आपको को डरने की आवश्यकता नहीं है। बस आपको हिमालयन बेरी जूस का सेवन करना है। हिमालयन बेरी जूस में ओमेगा फैटी 3 पाया जाता है जो आपकी आंखों की हर तरह की समस्या से आपको बचाता है। यदि आप इसका सेवन करते हैं तब आपकी आंखें निरोग रहेंगी। ऐसा कहा भी जाता है कि मछली खाने वाले व्यक्तियों की आंखें निरोग होती है क्योंकि मछली में ओमेगा3 फैटी एसिड और ओमेगा 7 फैटी एसिड पाया जाता है जो हमें आंखों की रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है। यदि आप शाकाहारी है तब आपके लिए हिमालयन बेरी के जूस से अच्छा कोई विकल्प नहीं हो सकता है।

(5) लीवर को करता है तंदुरुस्त है

Himalayan Berry Juice benefits in Hindi

हिमालयन बेरी के जूस में एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाता है जो लीवर को डिटॉक्सिफाई करता है जिसके परिणाम स्वरूप आपकी लीवर से विषाक्त पदार्थ निकल जाते हैं और आपका लीवर स्वस्थ हो जाता है और इतना ही नहीं यह पित्त के स्रावण को भी नियंत्रित करता है।

हिमालयन बेरी जूस के सेवन के पश्चात इससे शरीर पर होने वाला दुष्प्रभाव क्या-क्या है?

हिमालयन बेरी जूस के कोई दुष्प्रभाव नहीं होते हैं। यदि आप इसका अधिक मात्रा में सेवन करते हैं तो इससे आपको ओमिटिंग की समस्या हो सकती है। यदि आप इसे किसी बीमारी में उपयोग करना चाहते हैं तो इसका विशेष लाभ पाने के लिए आप किसी प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य से परामर्श करें। तब उसके बाद ही उपयोग करें तभी आपको इसका उचित फल मिल पाएगा।

हिमालयन बेरी जूस का सेवन कैसे करें?

हिमालयन बेरी जूस का सेवन यदि आपको करना है तब आप सुबह में 10ml जूस 250ml पानी में मिलाकर पीजिये और रात में खाना खाने से पहले फिर यही प्रक्रिया को दोहराइये।

हिमालयन बेरी का उपयोग रामायण काल में भी हुआ था

क्या आप जानते हैं लक्ष्मण जी का प्राण कैसे बचा था? यदि नहीं जानते तो मैं आपको बताना चाहता हूं कि लक्ष्मण जी के प्राण को बचाने के लिए हनुमान जी ने जो संजीवन बूटी लाया था वह संजीवन बूटी कुछ और नहीं हिमालयन बेरी ही था। जिसके सेवन के पश्चात लक्ष्मण के शरीर में प्राण फिर से वापस आ गए। हिमालयन बेरी लेह में पाया जाता है। लेह का तापमान माइनस 35 डिग्री से लेकर के -40 डिग्री तक होता है और ऑक्सीजन की कमी होती है। लेकिन इस फल में भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन पाया जाता है।यदि आपके शरीर में ऑक्सीजन की कमी है तो आप इस फल को तोड़ कर खाइए इससे ऑक्सीजन की आपूर्ति भी हो जाएगी।

निष्कर्ष:

हिमालयन बेरी का जूस ना केवल शारीरिक रोगों को ही दूर करता है बल्कि यह अंदर से नकारात्मक विचारों को भी दूर करता है। यह अध्यात्म से जुड़ा हुआ है। अध्यात्म से इस संदर्भ में जुड़ा हुआ है क्योंकि इस बेरी के उपयोग के परिणाम स्वरूप लक्ष्मण जी के प्राण पुनः वापस आ गए थे। जिसके परिणाम स्वरूप इस हिमालयन बेरी को श्री राम प्रभु ने नतमस्तक होकर के कोटि-कोटि धन्यवाद दिया था।

FAQ:
(1) हिमालयन बेरी जूस में कौन-कौन सी विटामिन पाया जाता है?

हिमालयन बेरी जूस में विटामिन ए विटामिन बी विटामिन सी विटामिन ई पाया जाता है।

(2) हिमालयन बेरी पौधा कितना वर्ष पुराना है?

हिमालयन बेरी पौधा 30000000000 पुराना है क्योंकि इसका साक्ष्य रामायण, मत्स्य पुराण, शिव पुराण, वामन पुराण और इसके अलावा मार्कंडेय पुराण में भी मिलता है।

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