खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की मौत पर इतना बवाल क्यों

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Hardeep singh Nijjar

Hardeep Singh Nijjar:- सोशल मीडिया पर 3 दिन से सिर्फ हरदीप सिंह निज्जर ही ट्रेंड कर रहे हैं। अब सब सोच रहे होंगे आखिरकार हरदीप सिंह निज्जर कौन है जो इतने महत्वपूर्ण हो गए हैं कि वह भारत में पिछले तीन दिन से सुर्खियोंमें बने हुए हैं तो आपको बता दे कि हरदीप सिंह निज्जर खालिस्तान की मांग करने वाले समर्थक थे। जिनकी मौत 18 जून 2023 को हो गया और फिर उनके समर्थक भारत की ओर उंगली उठाते हुए कहने लगे की भारत के एजेंट ने हरदीप सिंह निज्जर को कनाडा में घुसकर के मारा तो इसके बाद अभी रेसेन्ट तीन दिनों पहले कनाडा के राष्ट्रपति जस्टिन ट्रूडो ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि “भारत के एजेंट ने एक कनाडा नागरिक को उसकी सीमा के अंदर घुस के मार दिया एक कनाडा की संप्रभुता का हनन है” इसके बाद भारत से अपना तात्कालिक राजनीतिक संबंध खत्म करने का संकेत देने के लिए रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के प्रमुख डिप्लोमेट पवन कुमार राय को निष्कासित कर दिया। अब भारत भी कैसे पीछे रहे तो भारत ने भी नई दिल्ली में स्थित दूतावास में कैमरून मैके को भी भारत से निष्कासित कर दिया। इसी बात को लेकर के पिछले तीन-चार दिन से भारत और कनाडा के बीच शीत युद्ध का माहौल बन गया है हालांकि इंटरनेशनल रिलेशन की वजह से भारत ने जो रवैया कनाडा को लेकर अपनाया है वह काफी काबिले तारीफ है।

हरदीप सिंह निज्जर खालिस्तान टाइगर फोर्स की स्थापना करने वाले कौन थे हरदीप सिंह निज्जर:

खालिस्तान टाइगर फोर्स की स्थापना करने वाले हरदीप सिंह निज्जर का जन्म 11 अक्टूबर 1977 भारत के पंजाब राज्य के जालंधर जिला में हुआ था। हरदीप सिंह निज्जर की मृत्यु 18 जून 2023 को 45 वर्ष की अवस्था में हो गई। कुछ लोग पूछ रहे हैं कि आखिरकार हरदीप सिंह निज्जर भारत से पलायन करके कनाडा कैसे पहुंचा तो आपको बता दे की भारत का पंजाब राज्य ऐसा इकलौता राज्य है जहां से हर वर्ष हजारों की संख्या में पंजाबी कनाडा जाते हैं अपनी करियर बनाने के लिए। कनाडा एक विकसित राज्य है जहां पर आजीविका चलाने के लिए पैसे आपको डॉलर में मिलते हैं। ऐसे में इसी डॉलर के चलते हरदीप सिंह निज्जर भी 1996 में कनाडा चला गया वहां जाकर के वह प्लंबरिंग का काम करने लगा। लेकिन उसका प्लंबरिंग के काम में मन नहीं लगता था तो उसने सिख फॉर जस्टिस नामक एक दल के साथ कार्यरत हो गया। उन्हीं के साथ काम करने लगा वह ऐसा नेता बन के उभरा कुछ दिनों में सिख फॉर जस्टिस का जिसकी प्रॉपर्टी में दुगनी रफ़्तार से भी वृद्धि हुई और साथ ही साथ भारत में कई लोगों को मरवाने में भी उसका हाथ है। वह खालिस्तान का प्रमुख समर्थको में से एक था इसके लिए उसने खालिस्तान टाइगर फोर्स की स्थापना की थी। जिसका उद्देश्य था भारत के पंजाब राज्य में खालिस्तान की स्थापना करना इसके लिए वह ट्रेनिंग भी और फंड भी देता था।

Hardeep Singh Nijjar: पर एनआईए ने रखा 10 लाख का इनाम:

जब साल 2018 में जस्टिन ट्रूडो भारत की यात्रा पर आए थे। उस समय के तत्कालीन मुख्यमंत्री पंजाब के अमरिंदर सिंह ने आतंकवादियों की एक लिस्ट सौपी। उस आतंकवादी की लिस्ट में हरदीप सिंह निज्जर का भी नाम था। इसके बाद 2020 में गृह मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से हरदीप सिंह निज्जर को आतंकवादी घोषित कर दिया। जिसके बाद एनआईए ने हरदीप सिंह निज्जर की प्रॉपर्टी कुर्क कर ली और हरदीप सिंह निज्जर पर 10 लख रुपए का इनाम रख दिया कि जो भी व्यक्ति हरदीप सिंह निज्जर को पकड़वाने में मदद करेगा उसे ₹10 लाख का इनाम दिया जाएगा।

Hardeep singh Nijjar

हरदीप सिंह निज्जर: खालिस्तान मांग को पूरा करने के लिए पंजाब में वह हत्या भी करवाता था

हरदीप सिंह निज्जर के खालिस्तान की मांग में जो भी व्यक्ति पंजाब से हस्तक्षेप करता था तो वह कनाडा से ही बैठे-बैठे उस व्यक्ति को मरवा देता था। इतना ही नहीं वह सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, व्हाट्सएप और यूट्यूब के माध्यम से अपने ऑडियो और वीडियो जारी करता था। जिसमें उसका भड़काऊ भाषण रहता था। वह भारत की संप्रभुता पर कड़ा प्रहार करता था और इतना ही नहीं वह जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस और रूस में भी जाकर के भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाता था कि भारत जो है हमारे सिख भाइयों को जीने नहीं दे रहा है। उनके साथ अन्याय कर रहा है और अपनी बनाई गई तानाशाही नीतियों के माध्यम से सिख धर्म को खत्म करना चाह रहा है। भारत अपने आप को हिंदू राष्ट्र घोषित करना चाह रहा है ऐसे भाषणों की वजह से वह सुर्खियों में बना रहता था।

आखिरकार खालिस्तान क्या है? जिसकी मांग के लिए विगत वर्षों से एड़ी का जोर लगा रहा था हरदीप सिंह निज्जर:

खालिस्तान का अर्थ होता है “शुद्ध भूमि” यहां शुद्ध भूमि से आशय यह है कि एक ऐसी भूमि जहां पर सिर्फ सिख धर्म के अनुयाई रहे और किसी अन्य धर्म के नहीं। खालिस्तान शब्द की उत्पत्ति खालिस्तान बुक से हुई है उसी में सबसे पहले शुद्ध भूमि का जिक्र हुआ था। तब से ही सिख धर्म को मानने वाले कुछ लोग अलग से सीख राज चाहते थे। उनके जो सिख राज्य का क्षेत्र था वह क्षेत्र भारत के पंजाब का कुछ क्षेत्र और पाकिस्तान के पंजाब का कुछ क्षेत्र और राजस्थान के भाग का कुछ क्षेत्र को मिलाकर के एक सिख राज्य की स्थापना करना चाह रहे थे। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत में राज्यों का जो विभाजन हुआ है वह विभाजन धर्म के आधार पर ना हो करके भाषाई आधार पर और क्षेत्रीय आधार पर हुआ है। लेकिन यह बात खालिस्तान मानने को तैयार ही नहीं हो रहे हैं। वह अब तो ऐसा भी मांग कर रहे हैं कि उन्हें खालिस्तान नाम का राष्ट्र चाहिए और जहां पर सिख धर्म से संबंधित गतिविधियां होंगी 1984 में अमृतसर में जो दंगा हुआ था आज भी लोगों के जेहन से नहीं उतर पा रहा है कैसे भिंडरावाला ने खालिस्तान मांग के लिए भारतीय सरकार से टकरा गया था लेकिन भारत सरकार ने ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाकर के इस खालिस्तानी आंदोलन को दबा दिया लेकिन यह आंदोलन पूरी तरह से दबा नहीं था।

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