हनुमान चालीसा सुनने के फायदे

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hanuman chalisa sunne ke fayde

Hanuman chalisa sunne ke fayde: तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा में 3 दोहे और 40 चौपाइयां हैं। प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू के अनुसार हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयां बहुत ही फायदेमंद है जो भी साधक श्रद्धा भाव से और निष्काम मन से हनुमान चालीसा का श्रवण करता है। उसके दुख दर्द दूर हो जाते हैं। बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के अनुसार हनुमान चालीसा मनुष्य के जीवन की प्राणवायु है। जिस प्रकार प्राणवायु की अनुपस्थिति के कारण मनुष्य की मृत्यु हो जाती है। उसी प्रकार हनुमान चालीसा के वाचन और श्रवण के बिना मनुष्य लोभ, काम, राग- द्वेष से भरा रहता है।

हनुमान चालीसा का इतिहास क्या है?

हनुमान चालीसा को गोस्वामी तुलसीदास ने जेल में लिखा था। अब आपके मन में प्रश्न यह उठ रहा होगा कि आखिरकार ऐसी क्या परिस्थिति उत्पन्न हो गई की गोस्वामी तुलसीदास को हनुमान चालीसा की रचना जेल में करनी पड़ गई। इसके पीछे का कारण यह है कि प्रसिद्ध मुगल शासक अकबर ने गोस्वामी तुलसीदास को जेल में कैद कर लिया था। गोस्वामी तुलसीदास को जेल में इसलिए कैद कर लिया गया था क्यूंकि अकबर ने गोस्वामी तुलसीदास से अपनी आत्मप्रशंसा कराने के लिए कुछ लिखने के लिए कहा था। तुलसीदास ने सरासर मना कर दिया की मैं सिर्फ राम भक्त हूं और राम के लिए लिखता हूं। जिसके परिणामस्वरूप गोस्वामी तुलसीदास को जेल में कैद कर लिया गया।

हनुमान चालीसा सुनने की विधि क्या है?

(1) ब्रह्म मुहूर्त के समय उठकर स्नान कर लेना है

(2) अपने मुख को पूर्व या दक्षिण दिशा में करके लाल कपड़े के आसन पर बैठ जाना है सुखासन की मुद्रा में।

(3) हनुमान जी की फोटो या मूर्ति को पूर्व या दक्षिण दिशा में लाल वस्त्र बिछाकर रख देना है।

(4) गाय का घी यदि उपलब्ध नहीं हो तब तिल के तेल का दिया जलाएं तदोपरांत तीन बार हनुमान चालीसा को सुनें।

(5) हनुमान जी को बूंदी के लड्डू का भोग अवश्य लगाएं।

हनुमान चालीसा को सुनने से पहले बरते निम्नलिखित सावधानियां:

(1) हनुमान चालीसा को जब भी सुने तो मन में उस समय क्रोध और अहंकार की भावना नहीं होनी चाहिए।

(2) मद्यपान का सेवन नहीं करना है।

हनुमान चालीसा

हनुमान चालीसा सुनने के फायदे कौन-कौन से होते हैं?

(1) बल और बुद्धि का विकास होता है

हनुमान चालीसा सुनने से बल और बुद्धि का विकास होता है। जिन बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता है और पढ़ाई करने से जी चुराते हैं। उन बच्चों के लिए हनुमान चालीसा के इस चौपाई “बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार” को प्रतिदिन 11 दिनों तक लगातार सुनना चाहिए। इससे बच्चों का जो पढ़ाई के प्रति अरुचि है। वह आरुचि खत्म हो जाएगी और बच्चों का पढ़ाई में मन लगने लगेगा।

(2) भूत पिशाच से रक्षा होती है

हनुमान चालीसा सुनने से सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इससे आपको भूत-प्रेत की बाधा नहीं होती है तुलसीदास जी लिखते हैं कि “भूत पिशाच निकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुनावे” जब किसी व्यक्ति को मन में किसी भी बात को लेकर संख्या भय उत्पन्न हो जाए तो उस व्यक्ति को हनुमान चालीसा की उपर्युक्त चौपाइयों को अवश्य ही सुनना चाहिए।

(3) हर काम सफल हो जाते हैं

हनुमान चालीसा सुनने से जो आपके काम असफल हो जा रहे है, वह काम अब सफल होने लगेंगे। हनुमान चालीसा में अद्वितीय शक्ति है। तुलसीदास लिखते हैं कि

“भीम रूप धरि असुर संघारे सियाराम जी के काज सवारे”

(4) वायरल इनफेक्शन या फीवर से मिलती है मुक्ति

वायरल इनफेक्शन या फीवर आपको बार-बार परेशान कर रहा है। इसके लिए आप सारे उपाय करके हार चुके हैं और तब भी आपको राहत नहीं मिल रहा है तो इसके लिए आप हनुमान चालीसा के इस चौपाई को सुनकर के “नासै रोग हरे सब पीरा जपत निरंतर हनुमत बीरा” आप वायरल इनफेक्शन फीवर से निजात पा सकते हैं

(5) जीवन जब संकट में हो

जीवन जब संकट में हो अर्थात किसी आपदा जैसे भूकंप चक्रवात और सुनामी की समस्या से लड़ रहे हो तो उस समय “संकट कटे मिटे सब पीरा जो सुमिरे हनुमत बलबीरा” इस चौपाई को सुनने से मन सबल होता है और मौत का भय भी खत्म हो जाता है जीवन सुरक्षित भी हो जाता है।

हनुमान चालीसा सुनने के फायदे

निष्कर्ष:

हनुमान चालीसा के सुनने के अनंत फायदे हैं। इसकी हर चौपाई अपने आप में रामबाण है। बस आपको इसको श्रद्धा भाव से सुनना है।

Faq:
(1) हनुमान चालीसा रोज सुनने से क्या होता है

हनुमान चालीसा रोज सुनने से मन में जो द्वंद की लड़ाई चल रही है वह खत्म हो जाती है और सकारात्मक विचार का वास होने लगता है।

(2) क्या मैं सोते समय हनुमान चालीसा सुन सकता हूं

हनुमान चालीसा को सोते समय नहीं सुनना चाहिए। जब भी आपको हनुमान चालीसा सुनना है। तब आप प्रतिदिन सुबह स्नान करने के बाद हनुमान चालीसा को सुनना है।

(3) हनुमान चालीसा को किसने लिखा था

हनुमान चालीसा को गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा था

(4) हनुमान चालीसा कहां लिखी गई थी

हनुमान चालीसा जेल में लिखी गई थी।

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