गोंद कतीरा खाने के नुकसान

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2011
Gond Katira Khane ke Nuksan

Gond Katira Khane ke Nuksan: चरक संहिता में गोंद कतीरा को प्राकृतिक औषधि का खजाना कहा गया है। इसका कारण है इसके अनेकों ऐसे फायदे हैं जो शरीर के कई प्रॉब्लम से छुटकारा दिलाता है। हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेदिक पद्धति पर आधारित थी। जिसमें प्रकृति द्वारा दिए गए औषधि का उपयोग बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता था। उन्हीं में से एक औषधि है गोद कतीरा। गोंद कतीरा जिसे उत्तर भारत में गुध के नाम से भी जाना जाता है। यह एक चिपचिपा पदार्थ होता है जो पेड़ों से प्राप्त किया जाता है जैसे बबूल के पेड़, आम के पेड़ और नीम की पेड़ इन्हीं सब वृक्षों से प्राप्त किया जाता है। अभी भी न जाने कितनी बीमारियों को दूर करने के लिए आदिवासी समुदाय इसका उपयोग कर रहे हैं। लेकिन आम नागरिक जो शहरों और ग्रामीण में निवास करते हैं उनका झुकाव एलोपैथिक की ओर हो गया है। हालांकि आयुर्वेद का कोई तोड़ नहीं है भले ही विदेशों में हमारा उपहास किया जाता है कि आयुर्वेद घास -पूस से ज्यादा कुछ भी नही है। लेकिन यही आयुर्वेद प्रकृति का सबसे नजदीक है जो प्रकृति के नजदीक रहता है वही पंचतत्व को साध सकता है।

आइए जानते हैं कि गोंद कतीरा क्या है?

भारत को छोड़ कर के शेष विश्व में गोंद कतीरा को ट्रैगेकैन्‍थ गम के नाम से जाना जाता है। गोंद कतीरा का निर्माण वृक्षों के द्वारा किया जाता है। इसमें मनुष्य का कोई योगदान नहीं होता है। यह रसायन से मुक्त है। जिससे इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। मूलतः गोंद कतीरा को आम की कटी हुई टहानियों से और बबूल के पेड़ से और नीम के पेड़ से प्राप्त किया जाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इनमें से सबसे अच्छा गोंद कतीरा बबूल के पेड़ का है। बबूल के पेड़ का अच्छा गोंद कतीरा इसलिए है क्योंकि इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल्स और एंटीपायरेटिक गुण पाए जाते हैं। जो इसे आम के गोंद कतीरा और नीम के गोंद कतीरा से अलग करते हैं। गोंद कतीरा एक चिपचिपा पदार्थ है इसका उपयोग औषधि के अलावा प्राचीन काल में कई चीजों को चिपकाने के लिए भी किया जाता था जैसे मिट्टी के बर्तन में कोई चटकन आ गई हो या कोई बहुमुल्य वस्तु टूट या फट गई हो।

गोंद कतीरा में पाया जाने वाला पोषक तत्व कौन -कौन सा है?

(1) सोडियम

(2) मैग्नीज

(3) मैग्नीशियम

(4) फोलिक एसिड

(5) प्रोटीन

(6) कैल्शियम

गोंद कतीरा के सेवन के पश्चात इससे होने वाले नुकसान (Gond Katira Khane ke Nuksan) कौन-कौन से है?

(1) पेट में दर्द की समस्या

गोंद कतीरा सेवन के पश्चात अधिक से अधिक पानी पिए जिससे गोंद कतीरा पेट की आंत में चिपकने न पाए। यदि आप कम पानी पीते हैं तो गोंद कतीरा आपके पेट की आंत में चिपक जाता है। जिसके परिणाम स्वरूप कब्ज, गैस और पेट दर्द की प्रॉब्लम होने लगती है इसीलिए भरपूर मात्रा में जब भी पानी पिए आप, गोंद कतीरा का सेवन करें।

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(2) गर्भवती महिलाएं और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाएं गोंद कतीरा का सेवन ना करें

गर्भवती महिलाएं और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं को गोंद कतीरा का सेवन नहीं करना चाहिए। यदि गोंद कतीरा का सेवन करना है तो उसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श कर ले।उसके बाद ही सेवन करें। हालांकि जन्म देने वाली माताएं बिना किसी झिझक के गोंद कतीरा का सेवन कर सकती हैं।

(3) खून की आवागमन में अवरोध उत्पन्न करता है

कई केस में देखा गया है कि गोंद कतीरा का सेवन करने वाले पुरुषों के अंदर नस ब्लॉक की प्रॉब्लम पाई गई है इसीलिए जो भी पुरुष किसी बीमारी से ग्रसित हैं उनको गोंद कतीरा का सेवन नहीं करना चाहिए।

(4) जी घबराने की प्रॉब्लम

कई दफा यह भी देखा गया है कि जो व्यक्ति गोंद कतीरा का ज्यादा सेवन कर लेते हैं। उनका जी घबराने लगता है जिसके परिणाम स्वरूप उनकी सर में सनसनाहट की आवाज भी सुनाई देती है।

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(5) पेट फूलने की प्रॉब्लम

जिस भी व्यक्ति को नेचुरल एक्सटर्नल फूड इंफेक्शन है उन्हें कोई भी नेचुरल एक्सटर्नल फूड खाने से पहले डॉक्टर से राय सलाह कर लेना चाहिए क्योंकि यदि आप गोंद कतीरा का सेवन करते हैं जिससे आपको पेट फूलने की प्रॉब्लम हो सकती है।

गोंद कतीरा के सेवन के पश्चात इससे होने वाले फायदे क्या- क्या है?

(1) गोंद कतीरा की तासीर ठंडी होती है। यदि आपको अधिक गर्मी लगती है। तब आप रात को गोंद कतीरा भिगो दीजिए। उसके बाद सुबह उसमें मिश्री मिलाकर के उसका शरबत बना लीजिए और उसको पी लीजिये इससे आपका पेट ठंडा रहेगा और आपको गर्मी कम लगेगी।

(2) गोंद कतीरा पतले खून को गाढ़ा भी करता है क्योंकि इसमें फोलिक एसिड पाया जाता है जो पतले खून को गाढ़ा खून बनाने में हेल्प करता है।

(3) थकान, कमजोरी और सिर दर्द की भी समस्या से निजात दिलाता है क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है जो शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक पोषक तत्व है।

Gond Katira Khane ke Nuksan

(4) गर्मी के मौसम में यदि किसी व्यक्ति को बहुत पसीना आता है और वह बहुत परेशान है। तब उसे गोंद कतीरा का सेवन करना चाहिए क्योंकि गोंद कतीरा का तासीर ठंडी होती है जो आपके शरीर के तापमान को कंट्रोल करके रखेगी।

गोंद कतीरा का सेवन कैसे करें?

(1) गोंद कतीरा का सेवन करने के लिए आप इसका सेवन दूध के साथ कर सकते हैं।

(2) गोंद कतीरा सेवन पानी के साथ भी किया जा सकता है।

(3) गोंद कतीरा का सेवन मिश्री के साथ भी किया जा सकता है।

(4) मेहंदी के फूल के साथ गैस का उपयोग किया जाता है।

निष्कर्ष:

गोंद कतीरा के सेवन की पश्चात इससे पेट फूलने की बीमारी और जी घबराने की समस्या और सर में सनसनाहट की समस्या हो सकती है इसलिए गोंद कतीरा का सेवन करने से पहले अपनी मेडिकल हिस्ट्री को डॉक्टर से एनालेसिस कराने के बाद ही गोंद कतीरा का सेवन करें।

FAQ:
(1) गोंद कतीरा कौन सी बीमारी में काम आता है?

गोंद कतीरा खून को गाढ़ा करने और टॉन्सिल की बीमारी से छुटकारा दिलाने में उपयोग किया जाता है।

(2) गोंद कतीरा का सेवन कितने दिनों तक किया जा सकता है?

गोंद कतीरा का सेवन नियमित रूप से किया जा सकता है।

(3) गोंद कतीरा की तासीर कैसी है?

गोंद कतीरा की तासीर ठंडी होती है

(4) सबसे अच्छा गोंद कतीरा कौन सा है?

सबसे अच्छा गोंद कतीरा बबूल के वृक्ष का है।

(5) गोंद कतीरा के नुकसान क्या है?

गोंद कतीरा के नुकसान पेट फूलना और जी घबराना है।

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