आयुर्वेद में ज्वरनाशक के नाम से प्रसिद्ध गिलोय के विषय में जानिए फायदे और नुकसान

0
1529
Giloy ke Fayde

Giloy ke Fayde: राजस्थान के राज्य सरकार के द्वारा निरोगी राजस्थान अभियान के के तहत घर -घर औषधि योजना चलाई जा रही है। जिसके तहत राजस्थान की हर व्यक्तियों को निरोगी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा मुफ्त में गिलोय का का पौधा और अश्वगंधा का पौधा और तुलसी का पौधा और पीपल का पौधा का एक किट दिया जा रहा है जिसके माध्यम से राजस्थान के निवासियों के अंदर स्वास्थ्य के प्रति सचेत किया जा सके। हर घर औषधि योजना में गिलोय बहुत ही महत्वपूर्ण औषधि है जो एक ज्वर नाशक औषधि है। डाबर गिलोय घनवटी के फायदे भी बहुत है। इसमें पाए जाने वाले विटामिन और मिनरल्स से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता स्ट्रांग होती है और शरीर ऊर्जा का पावर हाउस बन जाता है। शरीर की सारी गतिविधियां नियंत्रित रहती है जिसके परिणाम स्वरूप व्यक्ति पूर्णतः स्वस्थ रहता है।

Giloy ke Fayde

ज्वरनाशक गिलोय क्या है?

गिलोय का वैज्ञानिक नाम टीनोस्पोरा कार्डीफोलिया है। भारत के अलग-अलग राज्यों में इसे अलग-अलग नाम जैसे- अमृता, गुडुची, छिन्नरुहा, चक्रांगी से पुकारा जाता है। गिलोय एक झाड़ीय पौधा है। इसकी लताएं किसी न किसी वृक्ष के माध्यम से अपना विस्तार करती हैं और जिस वृक्ष पर इसकी लताओं का विस्तार होता है। उसका गुण भी गिलोय के अंदर आ जाता है सबसे अच्छा गिलोय नीम पर चढ़ने वाला गिलोय माना जाता है अर्थात जिस गिलोय की लताएं नीम के पेड़ पर चढ़ती है क्योंकि उसके अंदर नीम का गुण भी आ जाता है गिलोय का पत्ता देखने में पान के पत्ते की भांति दिखता है कुछ विशेष अंतर नहीं है।

डाबर गिलोय घनवटी में पाया जाने वाला पोषक तत्व कौन- कौन सा है?

(1) कॉपर

(2)आयरन

(3)फास्फोरस

(4)जिंक

(5)कैल्शियम

(6)मैंगनीज

(7)पॉलीफेनोल्स

(8) क्विनोन्स

(9) फ्लेवेनॉइड

(10) कुमैरीन्स

(11) एसेंसियल ऑयल

Giloy ke Fayde

डाबर गिलोय घनवटी के सेवन के पश्चात उससे होने वाला फायदा क्या-क्या होता है?

(1)डायबिटीज के सिम्टम्स को कम करता है

डाबर गिलोय घनवटी कि इस्तेमाल करने वाले टाइप टू डायबिटीज के रोगियों के अंदर अमूमन देखा गया है कि उसके अंदर कुछ सीमा तक शर्करा की मात्रा नियंत्रित रहती है। गिलोय घनवटी में हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट पाया जाता है जो टाइप टू डायबिटीज के सिम्टम्स को कम करता है।

(2) वायरल फीवर से भी निजात दिलाता है

डाबर गिलोय घनवटी में एंटीमाइक्रोबियल्स और एंटीबैक्टीरियल का गुण पाया जाता है जो वायरल फीवर होने से बचाता है और यदि वायरल फीवर हो गया है तू से भी राहत प्रदान करता है गिलोय घनवटी ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या को बड़ा करके खतरनाक से खतरनाक बुखार को जड़ से निकाल कर फेंक देता है अर्थात यह टाइफाइड और डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया में भी काफी हद तक लाभप्रद है।

(3) पाचन तंत्र के लिए भी लाभदायक है

पेट में कब्ज गैस की समस्या का होना, पेट का फूलना यह समस्या आजकल की भारतीयों में अमूमन देखी जाती है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान समय में भारत में 1000 व्यक्तियों में लगभग 300 व्यक्तियों ने अपने जीवन काल में कब्ज गैस और पेट फूलने की समस्या को कभी न कभी जीवन में एक बार जरूर झेला है। आपको बता दें कि गिलोय घनवटी कब्ज गैस की समस्या को जड़ से खत्म कर देता है और जो पेट फूल जाता है उससे भी राहत प्रदान करता है।

Giloy ke Fayde
(4) बवासीर भगंदर की समस्या को जड़ से खत्म करता है

ज्यादा फास्ट फूड का सेवन करना या मसालेदार भोजन का सेवन करना इससे बवासीर की समस्या हो जाती है। जिसके परिणाम स्वरूप मल का त्याग करते समय जलन और पीड़ा होती है। यदि इस जलन और पीड़ा से आपको मुक्ति चाहिए। तब आप डाबर गिलोय घनवटी और हरण और धनिया को आपस में मिला लेना है मिलाने के बाद आधा लीटर पानी में उबाल लेना है। उबालने के बाद जब यह काढ़ा तैयार हो जाए। इस काढ़े को आप गन्ने के गुड़ के साथ इसका सेवन करिए। इससे आपको एक हफ्ता के अंदर ही राहत मिल जाएगी और आपका बवासीर भी जड़ से ठीक हो जाएगा।

(5) एनीमिया में भी लाभप्रद है

शरीर में खून की कमी होने को एनीमिया कहते हैं। यह बीमारी गर्भवती महिलाओं को ज्यादा होती है। इसके अलावा प्रौढ़ पुरुष और वृद्ध पुरुष में भी एनीमिया की बीमारी प्रायः देखी जाती है। यदि इसी बीमारी से बचना है तो डाबर गिलोय घन वटी का सेवन करें। इससे खून की बीमारी से संबंधित जो रोग है एनीमिया की। वह ठीक हो जाएगी। आपके अंदर नया खून बनने लगेगा क्योंकि गिलोय घनवटी में फास्फोरस और आयरन जैसे तत्व पाए जाते हैं। आयरन हीमोग्लोबिन के स्राव को बढ़ाता है जिससे पूरे शरीर में रक्त की आपूर्ति शब्द रूप से बनी रहती है।

(6) रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है

यदि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है तो इससे हम कभी भी बीमार नहीं पड़ेंगे क्या होता है, जब मौसम परिवर्तन होता है तो हम बीमार पड़ जाते हैं। इसका कारण यह है कि हमारा रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना। यदि रोग प्रतिरोधक क्षमता स्ट्रांग रहेगी तब हम मौसम परिवर्तन होने पर भी स्वस्थ रहेंगे। यदि आपको रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना है तो इसके लिए गिलोय घनवटी का सेवन करे। गिलोय घनवटी में ऐसे-ऐसे विटामिन पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देते हैं जिसके परिणाम स्वरूप आप जीवन भर फिट रहते हैं।

Giloy ke Fayde

डाबर गिलोय घनवटी के सेवन के पश्चात उससे होने वाला दुष्प्रभाव क्या है?

(1) डाबर गिलोय घनवटी का सेवन टाइप वन डायबिटीज के रोगियों को भूल कर के भी नहीं करनी चाहिए। इसका कारण यह है कि या ब्लड में रक्त की शर्करा को कंट्रोल करता है या कहे तो कम करता है इसलिए यह टाइप वन डायबिटीज के रोगियों के लिए हितकर नहीं है।

(2) डाबर गिलोय घनवटी का डोज यदि ज्यादा हो जाता है तो पेट में जलन, पेट में दर्द आदि की समस्या हो जाती है।

(3) प्रेग्नेंट महिला और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिला को डाबर गिलोय घन वटी का सेवन नहीं करना चाहिए यदि उनको डाबर गिलोय घनवटी का सेवन करना है इसके लिए वह किसी चिकित्सक से परामर्श ले- ले उसके बाद ही सेवन करें।

(4) जिस भी व्यक्ति को एलर्जी की प्रॉब्लम हो उससे भी डाबर गिलोय घन वटी का सेवन नहीं करना चाहिए यदि डाबर गिलोय घन वटी का सेवन करना ही है तो पहले डॉक्टर से राय सलाह कर ले उसके बाद ही सेवन करें।

डाबर गिलोय घनवटी का सेवन कैसे करना है?

(1) डाबर गिलोय घनवटी का सेवन जूस के रूप में किया जा सकता है। 

(2) डाबर गिलोय घन वटी का सेवन पाउडर के रूप में भी किया जा सकता है।

निष्कर्ष:

डाबर गिलोय घनवटी में पाए जाने वाला फास्फोरस कैल्शियम मैग्नीज और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व हमारे शरीर को हेल्दी बनाए रखने में काफी अहम भूमिका रहते हैं।

FAQ:

(1) गिलोय से क्या नुकसान हो सकता है?

गिलोय से पेट में दर्द और पेट में जलन से संबंधित नुकसान हो सकता है।

(2) क्या गिलोय घनवटी रोज खा सकते हैं?

यदि आपको गैस की और पेट फूलने की समस्या हो। तब आप प्रतिदिन गिलोय घनवटी का सेवन करें। जीवन भर आप तंदुरुस्त बने रहेंगे और आपको भविष्य में पेट फूलने की समस्या भी नहीं होगी कभी भी।

(3) गिलोय की गोली खाने से क्या होता है?

गिलोय की गोली खाने से टाइप टू डायबिटीज नियंत्रित रहता है और पाचन क्रिया सुदृढ़ रहती है।

(4) क्या गिलोय से खून भी बढ़ता है?

गिलोय से खून भी पड़ता है क्योंकि गिलोय में आयरन पाया जाता है जो अधिक मात्रा में हीमोग्लोबिन का स्राव करता है जिससे शरीर में खून बढ़ जाता है।

(5) गिलोय की तासीर कैसी होती है?

गिलोय की तासीर गर्म होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here