गायत्री मंत्र के ये हैं 4 फायदे जानकर आप भी प्रतिदिन करने लगेंगे इसका जाप

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Gayatri Mantra Ka Jaap- Your Voice Story

Gayatri Mantra Ka Jaap: आज की इस वैश्वीकरण और साथ ही साथ उदारीकरण और ध्रुवीकरण के इस युग में प्रत्येक व्यक्ति अपने निजी समस्याओं से परेशान है जैसे कि किसी का व्यवसाय अच्छा नहीं चल रहा है और किसी की घर गृहस्ती अच्छा नहीं चल रहा है और साथ ही साथ किसी को संतान की प्राप्त नहीं हो रही है और कोई अपनी पत्नी से परेशान है और कोई अपने पति से परेशान है। आदि समस्या व्यक्ति को ताउम्र घेरे रहती है। जिसके परिणाम स्वरूप वह इन सब समस्या से निजात पाने के लिए किसी बाबा की मजार पर या किसी मंदिर पर जाकर दुखों से मुक्ति पाने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता है।लेकिन वह तब भी दुखों से मुक्ति नहीं पा पाता है। आज हम चर्चा करने वाले हैं गायत्री मंत्र जो आपकी इन सारी समस्याओं को पल भर में दूर कर देंगी। गायत्री मंत्र का जाप (Gayatri Mantra ka Jaap) करने के लिए हनुमान बाहुक का पाठ जिस मुद्रा में बैठकर करते हो उसी मुद्रा में बैठकर गायत्री मंत्र का भी जाप करे।

गायत्री मंत्र क्या है? (Gayatri Mantra Kya Hai)

गायत्री मंत्र एक प्रकार का छंद है जो 24 मात्रा के योग से बना है। ऋग्वेद की तीसरे मंडल में इस मंत्र का उल्लेख है। गायत्री मंत्र को जनमानस में फैलाने का श्रेय ऋषि विश्वामित्र को दिया जाता है। क्योंकि ऋषि विश्वामित्र ने गायत्री मंत्र को सभी व्यक्तियों के लिए सुलभ बना दिया हैं। जिसके परिणाम स्वरूप सभी व्यक्ति गायत्री मंत्र का जाप करके अपनी सारी समस्याओं से निजात पा जाते हैं। यह एक शक्तिशाली मंत्र है क्योंकि प्राचीन समय से मानसिक व्याधियों और साथ ही साथ शारीरिक कष्टों को दूर करने के लिए इस मंत्र का उपयोग होता चला आ रहा है ।आज भी ग्रामीण परिवेश में इस मंत्र का उपयोग मानसिक सुख के लिए हो रहा है। गायत्री मंत्र देवी सविता को समर्पित है।

गायत्री मंत्र की रचना कैसे हुई? (Gayatri Mantra Ki Rachna Kisne Ki Thi)

ब्रह्मा जब सृष्टि की रचना कर रहे थे तब इसके साथ ही गायत्री मंत्र की भी रचना की थी। गायत्री मंत्र की उत्पत्ति का श्रेय ब्रह्मा को ही जाता है। क्योंकि गायत्री मंत्र को अपौरुषेय कहा जाता है, इसका कारण है कि ऋग्वेद भी अपौरुषेय हैं अर्थात किसी पुरुष ने इसे नहीं लिखा था इसे किसी निराकार ब्रह्म ने इसकी रचना की थी। इसकी रचना होने के बाद इस मंत्र का लाभ देवता लोग अपनी समस्याओं से निजात पाने के लिए करते थे। लेकिन कालांतर में ऋषि विश्वामित्र ने ब्रह्मा की घोर तपस्या करके गायत्री मंत्र को आम व्यक्तियों के लिए जन सुलभ बना दिया।

 गायत्री मंत्र का अर्थ क्या है? (Gayatri Mantra Ka Hindi Arth Kya Hai)

ॐ भूर् भुवः स्वः तत् सवितुर्वरेण्यं।

भर्गो देवस्य धीमहिधियो यो नः प्रचोदयात् ॥

इस मंत्र का अर्थ यह है कि सृष्टि की रचना करने वाले उस निराकार परमात्मा कि हमें ध्यान करनी चाहिए और साथ ही साथ उस निराकार परमात्मा कि प्रकाश का जो तेज है वह हमारी बुद्धि को उचित दिशा प्रदान करती है। जिसके परिणाम स्वरूप हम अच्छे मार्ग पर चलने के लिए अग्रसर होते हैं।

गायत्री मंत्र का जाप करने का समय क्या है ?

गायत्री मंत्र का जाप करने का सही समय ब्रह्म मुहूर्त का समय है अर्थात सूर्योदय से पहले का समय यदि इस समय आप गायत्री मंत्र का जाप करते हैं तब आपकी बुद्धि तीव्र होगी। जब आप सूर्योदय के बाद अर्थात दोपहर के समय गायत्री मंत्र का जाप करते हैं तब आपके अंदर तामसिक गुण और सात्विक गुणऔर राजसी गुण समायोजन बना रहेगा। और साथ ही साथ यदि आप सूर्यास्त के समय अर्थात गोधूलि की बेला में गायत्री मंत्र का जाप करते हैं तब आपके व्यवसाय में अच्छी तरक्की होगी।

गायत्री मंत्र जाप करने के फायदे क्या है? (Gayatri Mantra Jaap Karne Ke Fayde | Gayatri Mantra Jaap Benefits in Hindi)

(1) यदि आप एक विद्यार्थी हैं और प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त के समय गायत्री मंत्र का जाप करते हैं तो इसकी परिणाम स्वरुप आपकी बुद्धि तीक्ष्ण होगी ।और साथ ही साथ आपकी स्मरण क्षमता भी बढ़ेगी।

(2) यदि आप एक व्यापारी हैं और प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करते हैं। इससे आपके व्यापार में बढ़ोतरी होगी और साथ ही साथ आपको कभी भी व्यापार घाटा नहीं होगा आप हमेशा ट्रेड सर प्लस की स्थिति में रहेंगे।

(3) यदि आप एक हाउसवाइफ हैं और आपका कोई संतान नहीं है और आपको संतान की प्रबल इच्छा है। इसके लिए आप प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करिए जिससे आपको कुछ ही दिनों में संतान की प्राप्ति होगी। गायत्री मंत्र की तरह ही आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना भी निसंतान दम्पत्ति के लिए लाभकारी हैं।

(4) यदि आपको कोई ऐसी बीमारी हुई है जो एक लाइलाज बीमारी है। इसके लिए आप प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करिए ।इस मन्त्र का जाप करने के परिणाम स्वरूप आप देखेंगे कि आपकी वह बीमारी धीरे-धीरे ठीक हो जाएगी।

गायत्री मंत्र के जाप करने से क्या कोरोना की बीमारी ठीक हो जाएगी? (Gayatri Mantra Ka Jaap Karne Se Corona Bimari Thik Hoga)

ऋषिकेश एम्स में 2021 में एक शोध हुआ। शोध था कोरोना की  बीमारी से संबंधित। शोध करने के लिए डॉक्टर ने 20 कोरोना मरीजों को दो ग्रुप में डिवाइड कर दिया। एक ग्रुप A ग्रुप था ।और दूसरा ग्रुप B ग्रुप था। A ग्रुप के कोरोना मरीजो को दवा के साथ सुबह -शाम और  दोपहर गायत्री मंत्र का जप करवाया जाता था ।और ग्रुप B से संबंधित जो कोरोना थे उनको सिर्फ सामान्य मेडिसीन ही दी जाती हैं। ऐसा लगातार 1 महीने तक हुआ। इसका परिणाम यह निकला कि ग्रुप B की अपेक्षा ग्रुप A के मरीज के ठीक होने की प्रायिकता बढ़ गई और ग्रुप B कोरोना मरीज का इम्युनिटी सिस्टम ग्रुप A की अपेक्षा  कमजोर थी।

निष्कर्ष:

देवी सविता को समर्पित गायत्री मंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह जन सामान्य के लिए वर्तमान में सुलभ भी है। और इसका लाभ यह है कि यह हमारे हर एक रोगों  को चाहे वह मानसिक रोग हो या शारीरिक रोग हो उसको दूर करता है और इस मंत्र को सुबह दोपहर और शाम तीनो काल में ही जप किया जा सकता है।

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