G20 सम्मेलन में अपनी संस्कारों की वजह से सुर्खियों में बने रहे ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक

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G20 Conference Rishi Sunak

G20 Conference Rishi Sunak:- भारतीय संस्कृत में जो अपनापन और करुणा का भाव है। वह किसी देश की संस्कृति में नहीं है। हमारे देश की संस्कृति में लोग एक दूसरे का सम्मान करते हैं। भारत की मिट्टी में जो परंपरा की खुशबू है उसकी खुशबू से अछूते नहीं रहे ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक, वह जैसे ही एयरपोर्ट पर पहुंचते हैं उनका स्वागत करने के लिए केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे पहुंचते हैं और ऋषि सुनक से जय सियाराम उद्घोष करते हुए मिलते हैं और ऐसा भी नहीं है भले ही ब्रिटेन में पढ़े लिखे हैं लेकिन उनके संस्कार पूरे भारतीय हैं। इसका कारण है उनके माता-पिता एक भारतीय हैं अर्थात वह भारतीय मूल के ब्रिटेन के पीएम है। जब ऋषि सुनक जी-20 के सम्मेलन में पहुंचे तो सम्मेलन के दौरान वह अक्षरधाम मंदिर गए थे उस दिन बारिश हो रही थी लेकिन ऋषि सुनक अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के बाहों में जिस सादगी के साथ हाथ डालकर के मंदिर की सीढिया चढ़ रहे थे उनकी इस सादगी को खूब पसंद किया गया। जहां यूरोप में महिलाओं को एक वस्तु से ज्यादा नहीं समझा जाता है वही ऋषि सुनक यूरोपीय कल्चर में पले-बड़े हैं उन्होंने अपने संस्कार से भारतीय जनमानस को अपनी ओर अट्रैक्ट किया है।

आईये अब जान लेते हैं कि भारतीय मूल के यूनाइटेड किंगडम के पीएम ऋषि सुनक के बारे में:

ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को इंग्लैंड के साउथैम्प्टन नमक सिटी में हुआ था। इनके पिता का नाम यशवीर सुनक है और माता का नाम उषा सनक है। ऋषि सुनक बचपन से ही जिज्ञासु और मेधावी प्रतिभा के थे ऋषि सुनक ने स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया हुआ है। उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी की शुरुआत 2015 से की 2015 में ऋषि शौनक रिचमंड सिटी से चुनकर के संसद में पहुंचे और उसके बाद कन्जर्वेटिव पार्टी में उनका कद दिन प्रतिदिन बढ़ता गया जिसके परिणाम स्वरुप अब वह यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री हैं। ऋषि सुनक की पत्नी का नाम अक्षता मूर्ति है अक्षता मूर्ति इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी भी है।

G20 Conference Rishi Sunak ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और अक्षता मूर्ति की प्रेम कहानी क्या है?:

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक अक्षता मूर्ति से स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एमबीए के दौरान दोनों मिले पहले तो दोनों एक दूसरे के दोस्त थे। लेकिन यह दोस्ती कब प्रेम में बदल गया यह ना तो अक्षता मूर्ति को ही पता था ना ऋषि सुनक को। ऋषि सुनक जब मूर्ति से दूर हुए उन्हें यह एहसास हुआ कि वह अक्षता मूर्ति को चाहने लगे हैं। ऋषि सुनक को यह भी भलीभांति से पता था कि अक्षता मूर्ति उनके हैसियत से बाहर है। अक्षता मूर्ति उस समय के जाने-माने उद्योगपति नारायण मूर्ति की बेटी है तो उन्हें इस बात का भय सता रहा था कि कोई उद्योगपति व्यक्ति अपनी बेटी की शादी एक साधारण व्यक्ति से क्यों ही करेगा। हालांकि आग तो दोनों तरफ लगी थी अक्षता मूर्ति ने एक दिन कॉफी शॉप पर कॉफ़ी की चुस्की लेते हुए ऋषि सुनक को प्रपोज कर दिया ऋषि सुनके आश्चर्यचकित हो जाते हैं और अक्षता मूर्ति से कहते हैं कि ऐसे प्रेम का क्या मतलब जब शादी ना हो। इसके बाद अक्षता मूर्ति अपने पिता नारायण मूर्ति को ऋषि सुनक के बारे में बताती हैं लेकिन नारायण मूर्ति नहीं चाहते थे कि ऋषि सुनक से अपनी बेटी की शादी करें क्योंकि ऋषि सुनक एक साधारण परिवार से थी अंततः बेटी की जिद के कारण वह ऋषि सुनक से मिलने गए और जब उनसे मिले और उन दोनों के बीच जितना कन्वर्सेशन हुआ उस कन्वर्सेशन से बहुत प्रभावित हुए और अपनी बेटी का हाथ ऋषि सुनक को सौंपने के लिए तैयार हो गए और कहा भी यह साधारण लड़का भविष्य में काफी आगे जाएगा क्योंकि ऋषि सुनक के विचार दूरदर्शिता पूर्ण थे दोनों की शादी हो गई उस शादी में अनिल कुंबले, सौरभ गांगुली और बड़े-बड़े उद्योगपति शिरकत किए थे उस समय यह शादी काफी चर्चित का विषय भी रहा था हालांकि 2023 में g20 सम्मेलन के दौरान उनकी प्रेम कहानी को देखकर के लोग यह अब जानने के लिए नेट पर सर्च कर रहे हैं कि आखिरकार ऋषि सुनक और अक्षता मूर्ति आपस में एक दूसरे से कैसे मिले हैं क्योंकि ऋषि सुनके अक्षता मूर्ति की प्रेम में जो आध्यात्मिकता का एहसास है वह भौतिकता से परे है।

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G20 सम्मेलन 2023 ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक के लिए क्यों विशेष रहा है?:

(1) g20 सम्मेलन 2023 ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक के लिए विशेष इसलिए रहा है क्योंकि जैसे ही वह हवाई जहाज से उतर करके भारत के सरजमीं पर अपना पैर रखते हैं वैसे ही केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे से जय सियाराम करते हैं इससे यह पता चलता है कि फिर ऋषि सुनक तन से भले विदेशी हो लेकिन दिल से वह एक हिंदू है।

(2) ऋषि सुनक अपने से बड़ों का सम्मान करते हैं इसका प्रमाण यह मिला कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के सामने गर्दन झुकाकर के बात की।

(3) भारत में पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले अक्षरधाम मंदिर जाने का प्लान बनाया और अक्षरधाम मंदिर जाकर के उन्होंने स्वामीनारायण की पूजा अर्चना की।

(4) ऋषि सुनक ने भारतीयों का यह भी संदेश दिया कि हम भले विदेश में रहते हैं लेकिन अपनी परंपरा को कभी नहीं भूलते हैं और अपने जीवनसाथी को हर परिस्थिति में खुश रखने का प्रयास करते हैं और कदम से कदम मिलाकर के एक दूसरे के साथ चलने के लिए प्रेरित भी होते हैं।

(5) ऋषि सुनक ने भारतीय लोगों को यह भी बतलाया कि लव मैरिज भी एक सफल शादी होती है जहां एक दूसरे के बीच शादी से पहले की तरह ही शादी के बाद भी प्रेम रहता है।

(6) ऋषि सुनक ने गर्व से कहा मैं हिंदू हूं मैंने हिंदू परिवार में जन्म लिया यह मेरा सौभाग्य है।

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