यदि हम पर मां दुर्गा का आशीर्वाद रहा तो हम अपने प्रत्येक कार्य को कर सकते हैं। वह भी बिना किसी बाधा के अब आप सोच रहे होंगे कि मां दुर्गा को कैसे खुश किया जाए? इसके लिए उनकी पूजा की क्या विधि विधान है? और दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से क्या फायदा मिलता है? (Durga saptashati ke Fayde) आदि की चर्चा इस आर्टिकल में की जाएगी ।

बस आपको आर्टिकल के किसी भी पार्ट को छोड़ना नहीं है। यह आप आर्टिकल के  किसी भी पार्ट को  स्किप करते हैं। तब आप दुर्गा सप्तशती के फायदे से वंचित हो जाएंगे ।इसलिए आपसे विनम्र निवेदन है पूरी आर्टिकल को पढ़िए। जिससे आपको कोई समस्या ना हो।

दुर्गा सप्तशती के बारे में : (Durga Saptashati kya hai | What is Durga Saptashati)

श्री वेदव्यास द्वारा रचित मार्कंडेय पुराण में दुर्गा सप्तशती का वर्णन है। मार्कंडेय पुराण में ही मां दुर्गा को 700 श्लोक समर्पित है। इसमें 700 श्लोकों का समावेश होने के कारण इसका नामकरण सप्तशती किया गया। इसमें 700 श्लोकों को तीन भागों में बांटा गया है। मार्कंडेय पुराण में महाकाली महालक्ष्मी और महासरस्वती की महिमा का वर्णन है।

दुर्गा सप्तशती के फायदे क्या है ? ( Durga Saptashati ke Fayde | Benefits of Durga Saptashati)

(1) दुर्गा सप्तशती के यदि आप प्रतिदिन पहले अध्याय का पठन करते हैं। तब आपको कोई चिंता नहीं होगी। आप चिंता मुक्त हो जाएंगे। आपका जीवन खुशहाल हो जाएगा अर्थात आप अवसाद ग्रस्त से मुक्त हो जाएंगे।

(2) यदि आप दुर्गा सप्तशती के दूसरे अध्याय का प्रतिदिन पाठन करते हैं। तब आपको कोई भी शत्रु आपके मार्ग में  बाधा नहीं पहुंचा पाएगा। क्योंकि देवी दुर्गा के इस अध्याय का पाठन करने से भविष्य में कोई भी व्यक्ति आपको शारीरिक और मानसिक रूप से नहीं पीड़ित कर सकता है।

(3) यदि आप दुर्गा सप्तशती का तीसरे अध्याय का प्रतिदिन पाहन करते हैं तब आपके दुश्मनों का नाश होगा। जिन्होंने आपके बिजनेस और परिवार के लिए कोई हानि करने के लिए सोचे थे। क्योंकि दुर्गा माता शत्रुओं का नाश कर ही देते हैं।

(4) यदि आप दुर्गा सप्तशती के चौथे अध्याय का प्रतिदिन  पाठ करते हैं। तब आपको मां जगदंबे का दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा ।जिससे आप माता जगदंबा का दर्शन प्राप्त करके आप अपने जीवन को धन्य बना पाएंगे। जिसके परिणाम स्वरूप आप सकारात्मक ऊर्जा से लबालब हो जाएंगे ।इसलिए माता दुर्गा का यह चौथा अध्याय बहुत ही लाभकारी और गुणकारी है।

(5) यदि आप दुर्गा सप्तशती के पांचवें अध्याय का प्रतिदिन पाठ करते हैं ।तब आपको भक्ति शक्ति और मां जगदंबा का दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा। जिसके परिणाम स्वरूप आप माता दुर्गा के भक्ति में डूब जाएंगे आपको देश दुनिया से कोई मतलब नहीं रहेगा अर्थात आप मोह से मुक्त हो जाएंगे ।आपके अंदर बंधन का कोई भाव नहीं रहेगा।

(6) यदि आप दुर्गा सप्तशती के छठे अध्याय का पठन करते हैं। तब आप दुखों से मुक्त हो जाएंगे और साथ ही साथ आपकी गरीबी खत्म हो जाएगी ।आप अमीर व्यक्ति बन जाएंगे क्योंकि यह छठा अध्याय बहुत ही लाभकारी है। क्योंकि बहुत सारे व्यक्ति इस अध्याय का पठन करके लाभ प्राप्त किए हैं।

(7) यदि आप दुर्गा सप्तशती के सातवें अध्याय का पठन करते हैं तब माता दुर्गा आपकी मनोकामना को पूरी करेंगे। जैसे आपको किसी स्त्री से प्रेम है और साथ ही साथ आपको किसी धन की लालसा है। इन सब की पूर्ति होगी।

(8) यदि आप दुर्गा सप्तशती के आठवें अध्याय का पठन करते हैं। तब आप जिसे दोस्त बनाना चाहते हैं वह आपका दोस्त बन जाएगा। और जिस भी लड़कियों को पाना चाहते हैं वशीकरण के माध्यम से लड़की को प्राप्त कर सकते हैं।

(9) यदि आप दुर्गा सप्तशती के नवे अध्याय का पठन करते हैं तब आपको सम्मान मिलेगा अर्थात लोग आपका सम्मान करेंगे ।

(10) यदि आप दुर्गा सप्तशती के दसवें अध्याय का प्रतिदिन पाठ करते हैं तब आप को सबसे बड़ा लाभ है यह मिलेगा जो स्त्री मां नहीं बन पा रही है वह स्त्री मां बन पाएगी अर्थात उसे संतान की प्राप्ति होगी।

(11) यदि आप दुर्गा सप्तशती के 11वें  अध्याय का पठन करते हैं तब आप भौतिक सुविधाओं को प्राप्त कर सकते हैं। जैसे आप आलीशान घर को खरीद सकते हैं और स्विमिंग पूल को खरीद सकते हैं अपनी कंपनी को आगे बढ़ा सकते हैं ।और साथ ही साथ किसी स्टार्टअप के मालिक बन सकते हैं। यह सब आपको  सुविधाएं मिलेंगी। और आप  कार में घूम सकते हैं। यह सब सुविधा आपको तब मिलेगी जब आप प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती के 11वें अध्याय का पठन करेंगे।

(12) यदि आप दुर्गा सप्तशती के 12 वे अध्याय का पठन करते हैं। तब समाज में आपकी मान प्रतिष्ठा बढ़ेगी ।लोग आपका सम्मान करेंगे। आपसे कोई व्यक्ति व्यक्ति घृणा नहीं करेगा। जो व्यक्ति आपसे घृणा करेगा वह भी आप से प्रेम करने लगेगा। क्योंकि यह अध्याय  आपके शत्रु को भी मित्र बना देती है। आपके शब्द उस समय शब्द नहीं रह जाते हैं वह ब्रह्म के वाक्य बन जाते हैं।

(13) यदि आप दुर्गा सप्तशती के 13वे अध्याय का पठन करते हैं। तब आप मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं। अर्थात आप धर्म अर्थ काम का निर्वाह करते हुए मोक्ष की ओर अग्रसर हो सकते हैं। यह बहुत ही कल्याणकारी है। यदि आप इस अध्याय को प्रतिदिन पाठन करते हैं। तब आप दुखों से मुक्त हो जाएंगे। आपके अंदर ना राग रहेगा ना द्वेष रहेगा। सब का विनाश हो जाएगा। सिर्फ आपके अंदर वात्सल्य और करुणा का प्रेम रहेगा। और आप प्रत्येक पशु पक्षी से प्रेम करेंगे और आप अपने अहंकार को नष्ट कर देंगे।

निष्कर्ष :

मैं आशा करता हूं। दुर्गा सप्तशती के फायदे (Durga saptashati ke Fayde) संबंधित आर्टिकल आपको अवश्य ही पसंद आएगा। यदि आर्टिकल आपको पसंद आता है, तो आप सबसे विनम्र पूर्वक निवेदन करता हूं कि इस आर्टिकल को अपने फ्रेंड और रिलेटिव को शेयर करिए। जिससे वह भी दुर्गा सप्तशती का पाठ करके लाभ उठा सकें। और मुझे भी भविष्य में ऐसे आर्टिकल  लाने के लिए प्रोत्साहन भी मिल सके।

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