एक ऐसा बीच जो अपनी अजीबोगरीब आवाज के लिए जाना जाता है ऐसा भी कहा जाता है कि इस बीच पर जाने वाले लौट कर कभी नहीं आते हैं क्या सही है क्या गलत है डुमास बीच के विषय में

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Dumas Beach

Dumas Beach: गुजरात में स्थित डुमास बीच पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र है। यहां हर वर्ष लाखों विदेशी डुमास बीच पर घूमने आते हैं। आपको बता दें कि यह बीच रात में अजीबोगरीब आवाज के लिए जाना जाता है। कुछ लोग कहते हैं कि यहां भूत रहते हैं और कुछ अनुभवी लोग जो वहां के स्थाई निवासी हैं वह कहते मनगढ़ंत कहानी है। अब इसमें सच्चाई क्या है? झूठ क्या है? इसके विषय में नहीं पता है। हालांकि पर्यटक लोग मानते हैं कि डुमास बीच में जैसे जैसे सूरज ढलता है वैसे वैसे  चीखने चिल्लाने की आवाज आने लगती है। जब रात को चीखने चिल्लाने की आवाजें आने लगती है तो उस बीच पर जाने की किसी की भी हिम्मत नहीं होती है। यदि कोई हिम्मत करता भी है तो उसको कोई न कोई अजीबोगरीब दृश्य दिख जाता है। जिसको देखकर वह हतप्रभ हो जाते है। इसीलिए यदि आप डुमास बीच जाने की योजना बना रहे हैं तो जाने से पहले आप बहुत सारे महत्वपूर्ण बातें जान ले। आपको यह भी जानना चाहिए कि डुमास बीच की जो रेत होती है वह काले रंग की होती है। काले रंग की इसलिए होती है क्योंकि फास्फेट की अधिकता होती है और ऐसा किवंदतियो में प्रचलित भी है कि यह भूतों का घर है। पहले यहां मुर्दे जलाए जाते थे लेकिन समय के साथ अब यह पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।

भूतों की अजीबोगरीब आवाज आने वाला बीच डुमास बीच (Dumas Beach) कहां अवस्थित है?

डुमास बीच भारत के गुजरात राज्य के सूरत जिले के 21 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में स्थित समुद्र के किनारे का एक ग्रामीण समुद्र तट है। डूमस बीच दक्षिण गुजरात का एक प्रसिद्ध भूत प्रेत वाला लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यहां हर वर्ष लाखों विदेशी पर्यटक डुमास बीच की पथरीली काली रेत को देखने आते हैं इसकी काली पथरीली रेत देखने में अत्यंत मनोहर प्रतीत होती है। इसके विषय में यह भी कहा जाता है कि प्राचीन समय में यह हिंदुओं का दाह संस्कार करने का एक प्रसिद्ध श्मशान घाट था।

डुमास बीच पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र क्यों है?

(1) डुमास बीच पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र इसलिए है क्योंकि यहां पर दरिया गणेश भगवान का मंदिर है जो डुमास बीच के अध्यात्म को दर्शाता है। जो विदेशी सैलानी इस पर्यटक स्थल पर भ्रमण के लिए आते हैं वो अवश्य ही दरिया गणेश भगवान के मंदिर में जाते हैं।

(2) इसके अलावा यहां का खाद्य व्यंजन जैसे लश्करी टमाटर भजिया और चारकोल में भुना हुआ स्वीट कॉर्न और पाव भाजी और इसके अलावा पंजाबी लजीज व्यंजन उपलब्ध है जो विदेशी पर्यटक के लिए एक मंच पर इतने ढेर सारे वैविध्य लजीज व्यंजन को एक साथ लुफ्त उठाने के लिए अवसर भी मिल जाता है।

क्या सच में डुमास बीच भूतों का आश्रय स्थल है?

सुनसान रात में अकेले निकलना घातक साबित हो सकता है। ऐसा हो सकता है कि कोई आपका पीछा कर रहा हो। यह सब वाक्य सुन सुन के जो भी व्यक्ति नहीं डरता वह भी डरने लगता है। अब प्रश्न उठता है क्या सच में ही डुमास बीच भूतों का आश्रय स्थल है? आपको बताना चाहता हूं कि डुमास बीच प्राचीन समय में ऐसा कहा जाता है कि भूतों का गढ़ था। इसीलिए यहां की रेत काली होती है जो अवैज्ञानिक प्रतीत होता है। रेत इसलिए काला होता है क्योंकि रेत में फास्फेट की अधिकता पाई जाती है और मोनोजेटे की कमी पाई जाती है। इतना ही नहीं डुमास बीच को हांटेड बीच की भी संज्ञा दी जाती है अर्थात ऐसा बीच जहां पर रात के समय भूत लोग शिकार पर निकल जाते हैं यह कितना हास्यास्पद सा लगता है ना कि लोग तरह-तरह की बातें बताते रहते हैं। एक पर्यटक बताते हैं कि लोगों ने बताया कि डुमास बीच पर भूत रहते हैं। रात को जाना वहां खतरे से खाली नहीं है। उन सब की बातों को अर्ध सत्य साबित करने के लिए मैं डुमास बीच पर चला गया जब मैं वंहा पर पहुंचा तो उस समय रात के 9:00 बज रहे थे तो मैंने देखा कि एक आदमी तट के किनारे पर बैठ कर रो रहा था।मैं उसके पास चला गया तो आदमी अदृश्य हो गया लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह अर्ध सत्य है। सत्य यह है कि इससे पहले जब मुझे नहीं पता था कि डुमास बीच पर भूत रहते हैं तब मैं गया था रात के समय तब मुझे कोई भूत नहीं दिखा था। ऐसी धारणा प्रचलित हो जाती है यदि किसी स्थान पर यह बता दिया जाए की भूत रहते हैं तो आप डर जाते हैं। यदि उसी स्थान पर आपको जाना हो और आप उस स्थान के विषय में अनजान हो तब आपको कोई भी भय नहीं लगेगा। अब प्रश्न उठता है तट के किनारे अजीबोगरीब आवाज आती है तो आपको बता दूं कि तट के किनारे अजीबोगरीब आवाज पराश्रव्य तरंगों के कारण होता है। वही पराश्रव्य तरंग जिसको चमगादड़ उत्पन्न करता है। अभी भी प्रश्न उठता है कि जब भूत आते हैं तो भूतों की जो म्यूजिक बजती है वह  पराश्रव्य तरंगों  के रूप में ही बजती है। ऐसा कोई भी मनोवैज्ञानिक, ऐतिहासिक या वैज्ञानिक रूप से कोई साक्ष्य प्राप्त नहीं हो पाया है कि यहां पर भूत रहते हैं।

Dumas Beach story in hindi

निष्कर्ष:

डुमास बीच पर्यटन का प्रमुख स्थल है। यदि इस बीच पर आप घूमने के लिए योजना बना रहे हैं तब आपको इस बीच पर जाने से पहले इस बात को ध्यान में रखना है कि जो यहां पर भूत से संबंधित धारणा प्रचलित है असत्य है आप अपनी दृढ़ संकल्प के साथ और सकारात्मक ऊर्जा के साथ उस स्थान पर जाइए और वहां लजीज क्षेत्रीय व्यंजन का आनंद उठाइए।

FAQ:

(1) डुमास बीच कैसा है?

डुमास बीच देखने में सुंदर लगता है इसकी सुंदरता का कारण है यहां की रेत जो काले रंग की होती है, रेत का काला रंग इसलिए होता है क्योंकि रीत में मोनाजाइट की कमी और फास्फेट की अधिकता पाई जाती है।

(2) डुमास बीच की रेत का काला रंग क्यों होता है?

डुमास बीच की रेत का काला रंग दाह संस्कार के कारण होता है अर्थात हिंदू धर्म के लोग जब मरते हैं और उन्हें जलाया जाता है जलाने के परिणाम स्वरुप उनकी जो राख है  हवा के साथ बीच के सभी क्षेत्रों पर फैल जाती है।

(3) डुमास बीच कहां स्थित है?

डुमास बीच गुजरात राज्य के सूरज जिले के 21 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम अरब खाड़ी के ग्रामीण तट पर स्थित है।

(4) डुमास बीच खतरनाक क्यों है?

डुमास बीच खतरनाक इसलिए है क्योंकि यहां पर स्नीकर लहरे चलती है। इस स्नीकर लहर की विशेषता यह होती है कि इसकी चपेट में जो व्यक्ति आता है उसे अपनी तरफ खींचता हुआ लेकर चला जाता है।

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