Chaiti Chhath puja2022: पौराणिक कथाओं के अनुसार छठ पूजा वर्ष में दो बार मनाया जाता है। एक छठ पूजा चैत्र के महीने में मनाया जाता है ।और दूसरा छठ पूजा कार्तिक के महीने में मनाया जाता है ।हम बात करने वाले हैं चैत्र के छठ पूजा की। क्योंकि चैत्र का महीना आने वाला है और लोग छठ का व्रत करके सूर्य भगवान की असीम अनुकंपा पाना चाहते हैं।

जिसके परिणाम स्वरूप उनका जीवन खुशियों से भर जाए। और साथ ही साथ नकारात्मक उर्जा का नाश हो । जिससे हम सकारात्मक भाव से अपने जीवन के विकास की दिशा में अग्रसर हो सके। चैत्र महीने का छठ पूजा बहुत ही पावन त्यौहार है। क्योंकि चैत्र के महीने में ही उत्तर भारत में रवि की फसलों का कटाव होता है ।

रवि के फसलों में मुख्यतः गेहूं छठ पूजा के पूजा विधि में अवश्य शामिल होता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि चाहे चैत्र का छठ पूजा हो और चाहे कार्तिक का छठ पूजा हो वह 4 दिन तक अनवरत चलने वाला पर्व है।

चैत्र के महीने में मनाया जाने वाले छठ पूजा का इतिहास क्या है ? (Chaiti Chhath Puja ka Itihas in Hindi)

वाल्मीकि रामायण और ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार श्री राम जब अपने परम धाम जाने वाले थे। तब इससे पहले उन्होंने अपने कुलदेवता सूर्य भगवान की पूरे विधि विधान से पूजा की। उसके बाद सरयू नदी में जल समाधि लेकर बैकुंठ की ओर प्रस्थान किए ।

जब राम भगवान अपने परमधाम जाने वाले थे तब वह महीना चैत्र का था। इसी के बाद से ही हर व्यक्ति बैकुंठ की उत्कंठा लिए ही हर वर्ष चैत्र के महीने में छठ पूजा करता है। जिससे वह भी श्री राम भगवान की तरह मोक्ष की प्राप्ति कर सकें अर्थात वह बैकुंठ में अपना स्थान सुनिश्चित कर सके।

चैत्र महीने के छठ पूजा की इस वर्ष की तिथि क्या है ? (Chaiti Chhath Kab Hai)

(1)नहाय खाये की तिथि – 5 अप्रैल 2022

(2)खरना की तिथि -6 अप्रैल 2022

(3)सुर्यास्त का अर्ध्य – 7 अप्रैल 2022

(4)सूर्योदय का अर्ध्य और पारण -8 अप्रैल 2022

चैत्र महीने की छठ पूजा में किसकी पूजा की जाती है : (Chait mahina ka chhath puja kab hai)

चैत्र महीने के छठ पूजा में सूर्य भगवान की पूजा की जाती है । क्योंकि सूर्य भगवान के प्रकाश से ही पृथ्वी पर जीवन संभव है और पूरा प्रकृति सूर्य भगवान का ऋणी है।

चैत्र महीने के छठ पूजा की विधि क्या है ? (Chaiti Chhath puja ki Vidhi bataiye | Vidhi in hindi)

(1)नहाए खाये की विधि क्या है ? (Nahay Khay ki vidhi)

5 अप्रैल 2022 को नहाए खाए मनाया जाएगा । व्रत के लिए गेहूं और चावल को धोकर सुखाया जाता हैं ।और साथ ही साथ लौकी और भात बनाया जाता है। और इसी दिन ही किसी सरोवर या पवित्र नदी में स्नान किया जाता है।

(2)खरना की विधि क्या है ? (Chhath Puja Kharna vidhi in hindi)

6 अप्रैल 2022 को खरना मनाया जाएगा। इसमें दिन भर उपवास रखा जाता है। प्रसाद के लिए लकड़ी को जलाकर चूल्हे पर गुड़ की खीर तैयार की जाती है। पूजा करने के बाद व्रत करने वाला व्यक्ति और परिवार का अन्य व्यक्ति श्रद्धा भाव से प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। ध्यातव्य है कि इसी के साथ ही व्रत रखने वाले व्यक्ति का निर्जला व्रत प्रारंभ हो जाता है जो प्रातः सूर्योदय के समय अर्ध्य देने के बाद ही समाप्त होता हैं।

(3)सूर्यास्त का अर्घ्य की विधि क्या है ? (Chhath Puja suryast ki vidhi in hindi)

7 अप्रैल 2022 को व्रत रखने वाला व्यक्ति किसी नदी या सरोवर में जाकर ढलते हुए सूर्य को अर्ध्य देते हैं।

(4)सूर्योदय का अर्ध्य और पारण की विधि क्या है ? (Chhath Puja Paran ki vidhi in hindi)

ढलते हुए सूर्य को अर्ध देने के बाद 8 अप्रैल 2022को सूर्योदय का अर्ध्य और पारण की शुरुआत होती है ।इसमें व्रत रखने वाला व्यक्ति सूर्योदय के समय सूर्य भगवान को अर्ध्य देते हैं। और इसके बाद छठ का व्रत रखने वाला व्यक्ति का व्रत पारण के बाद समाप्त होता है।

निष्कर्ष :

चैत्र के महीने में मनाया जाने वाला छठ पूजा बहुत ही महत्वपूर्ण है। क्योंकि इस पर्व में नहाए खाए से लेकर खरना और साथ ही साथ ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य देना और साथ ही साथ उगते हुए सूर्य को अर्ध्य देना शामिल है ।जो इस पर्व को विशेष बनाते हैं। इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पर्व भगवान राम के कुलदेवता भगवान सूर्य को समर्पित है।

सामान्य प्रश्न

(1)चैत्र का छठ पूजा 2022 में कब में है

चैत्र का छठ पूजा 5 अप्रैल 2022 से नहाए खाए से लेकर 8 अप्रैल 2022 के सूर्योदय के अर्घ्य तक है।

(2)चैत्र का छठ पूजा किस देवता को समर्पित है

चैत्र का छठ पूजा भगवान सूर्य को समर्पित है।

(3) चैत्र का छठ पूजा क्या है ?

यह छठ पूजा चैत्र के महीने में मनाया जाने वाला छठ पूजा है। इस छठ पूजा में सूर्य भगवान को केंद्र में रखकर उपासना की जाती है।

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