Saroj Khan Death Anniversary: बॉलीवुड में भारत की पहली महिला कोरियोग्राफर सरोज खान के संघर्ष और सफलता की कहानी जल्द ही बड़े परदे पर पेश होने वाली है। बता दें कि हिंदी सिनेमा की सबसे प्रसिद्ध कोरियोग्राफर पर बनने वाली इस बायोपिक की शूटिंग जल्द ही शुरू होने वाली है।

बता दें कि सरोज खान के वारिसों ने उन पर बनने जा रही बायोपिक के कानूनी अधिकार टी सीरीज को दे दिए हैं। अपनी डांस और कोरियोग्राफी से भारतीय सिनेमा में एक बड़ा बदलाव लाने वाली निर्मला किशनचंद साधु सिंह नागपाल यानी सरोज खान को बहुत से सफल गीतों के लिए जाना जाता था। बॉलीवुड की नंबर वन अभिनेत्रियां भी उनको अपना डांस गुरु मानती आई हैं।

सरोज खान के बच्चों कोरियाग्राफर राजू खान, हिना खान और , सुकैना खान ने इस बायोपिक के लिए कई चर्चाओं के बाद हामी भरी है। Saroj Khan Death Anniversary कोरियोग्राफर सरोज खान उन गिने-चुने महिलाओं में से थीं जो हिंदी सिनेमा में उस समय काम किया करती थी जब लगभग सभी के सभी तकनीशियन पुरुष ही हुआ करते थे।

सरोज खान ने तीन वर्ष की उम्र में इस इंडस्ट्री में कदम रखा था और 10 वर्ष की उम्र में वह डांसर बन गईं थी। और महज़ 12 वर्ष की उम्र में वह असिस्टेंट कोरियोग्राफर भी बन गईं थीं।

उन्होंने अपने कोरियोग्राफी के कॅरियर में लगभग 3500 गानों की कोरियोग्राफी की थी, उन्होंने ‘एक दो तीन’, ‘हवा हवाई’, ‘चोली के पीछे क्या है’, ‘धक धक करने लगा’ जैसे बॉलीवुड के कई हिट गानों पर बेहतरीन कोरियोग्राफी की थी।

इतना ही नहीं, ‘देवदास’, ‘नगीना’, ‘लम्हे’,‘कलंक’, ‘सांवरिया’, ‘चांदनी’, ‘ताल’, ‘हम दिल दे चुके सनम’,‘बेटा’, और कई फिल्मों में अपनी कोरियोग्राफी से गानों में जान भर दी थी, इन सभी डांस स्टेप के लोग आज भी दीवानें हैं। उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से तीन बार सम्मानित किया गया था। श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित के साथ अपनी ट्यूनिंग के लिए हमेशा चर्चित रहने वाली सरोज खान ने कई नए कलाकारों के साथ भी काम किया था।

इस बायोपिक के विषय में बात करते हुए सरोज खान के बेटे राजू खान ने कहा, “मेरी मां को डांस करना बहुत पसंद था और सभी ने देखा है उन्होंने किस प्रकार अपना जीवन इसके लिए पूरी तरह से समर्पित कर दिया। मुझे बेहद खुशी है कि मैं उनके नक्शेकदम पर चला। Saroj Khan Death Anniversary इंडस्ट्री ने मेरी मां को बेहद प्यार और सम्मान दिया है। यह हमारे परिवार के लिए बेहद गर्व और सम्मान की बात है कि अब दुनिया उनकी कहानी देख सकेगी।”

फिल्म के निर्माता भूषण कुमार ने इस विषय पर बात करते हुए कहा कि, “सरोज जी ने न सिर्फ अपने डांस मूव्स को परफॉर्म करने वाले अभिनेता/अभिनेत्रियों के जरिए दर्शकों का दिल जीत लिया था बल्कि उन्होंने बॉलीवुड यानी हिंदी सिनेमा में कोरियोग्राफी से इस क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव भी ला दिया था।

Saroj Khan Death Anniversary, वह दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाइ और दर्शकों ने अपने पसंदीदा एक्टर्स को उनके इशारे पर नाचते हुए देखा। मुझे आज भी याद है कि जब मैं अपने पिता के साथ उस फिल्म के सेट पर जाता था, जहां सरोज जी कोरियोग्राफी कर रही होती थी। मैंने उन्हें कोरियोग्राफी से फिल्म के गानों में जान डालते हुए देखा था और वह बेहद अनोखा अनुभव था। कला के क्षेत्र में उनका समर्पण काफी प्रशंसनीय था।”

पिछले साल 3 जुलाई को सरोज खान का निधन हो गया था। उन्होंने फिल्म ‘कलंक’ में माधुरी दीक्षित के साथ अपना आखिरी काम किया था।

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