भगवत गीता पढ़ने के फायदे

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bhagwat geeta padhne ke fayde

Bhagwat Geeta Padhne Ke Fayde: पूरे संसार में भगवत गीता को एक धार्मिक पुस्तक के अलावा एक आध्यात्मिक पुस्तक एक मोटिवेशनल बुक और एक बिजनेस बुक भी बोला जाता है। भगवत गीता को जो व्यक्ति जिस उद्देश्य के साथ पढ़ता है उसको उसी उद्देश्य में उसको उत्तर मिल जाता है जैसे मोनालिसा की पेंटिंग को आप जैसे देखेंगे आपको वैसे ही प्रतीत होगा उसी प्रकार भगवत गीता का भी है। भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में जो यह अमृत ज्ञान अर्जुन को दिया था। आज इस ज्ञान को पूरी दुनिया पा करके अपने कष्टों का निवारण कर रही है। जब कोई व्यक्ति किसी भी समय दुखी हो उसे बस भगवत गीता का पाठ कर लेना चाहिए इससे मन में जो मोह का विकार है वह दूर हो जाएगा। । इसके अलावा आप ईश्वर को प्राप्त करने के लिए अग्रसर हो उठेंगे। भगवत गीता के विषय में जितनी भी बात की जाए कम है। यह एक ऐसी खान है जहां सिर्फ हाथ डालोगे और आपको हीरे मोती ही मिलेंगे। यूरोप में भगवत गीता को एक मोटिवेशनल बुक के रूप में पढ़ते हैं। भगवान श्री कृष्ण ने जो जो बातें द्वापर युग में बोली थी वह बातें इस समय कलयुग में भी लागू होती है। भगवान श्री कृष्ण ब्रह्म ज्ञानी थे। उन्हें भूत, भविष्य, वर्तमान सब की जानकारी थी। इसीलिए उन्होंने भगवत गीता के माध्यम से हम सबको यह ज्ञान दिया कि हर मनुष्य को एक दूसरे से प्रेम पूर्वक रहना चाहिए।

भगवत गीता पढ़ने के फायदे कौन-कौन से होते हैं?

Bhagwat Geeta Padhne Ke Fayde:-
(1) मन शांत हो जाता है

भगवत गीता पढ़ने से मन शांत हो जाता है क्या अपना है क्या पराया यह प्रश्न मन से उठ जाता है। आप हर परिस्थिति में अनुकूल आचरण करने लगेंगे आपकी वाणी पर संयम रहेगा। जो भी शब्द बोलेंगे नापतोल कर बोलेंगे।

(2) पंच विकारों से दूर हो जाओगे

काम, क्रोध, लोभ, मोह, माया इन्हीं विकारों के चलते कोई भी मनुष्य शुद्ध आचरण और समाज के सामने संस्कारों को प्रदर्शित नहीं कर पाता है। लेकिन भगवत गीता को पढ़ने के बाद व्यक्ति के मन में काम, क्रोध, लोभ, मोह, माया की भावना ही नहीं रह जाएगी।

(3) मन पर पूर्ण कंट्रोल

भगवत गीता पढ़ने से आप अपने मन पर पूर्ण कंट्रोल कर पाएंगे। आप जिस प्रकार से चाहेंगे उसी प्रकार से अपने मन का उपयोग कर पाएंगे। आपका मन आप के इशारों पर नाचेगा जैसा कहेंगे वैसा करेगा मन।

(4) सत्य और असत्य को पृथक करना

कभी-कभी ऐसी परिस्थिति उत्पन्न हो जाती है कि सत्य और असत्य को पृथक करना असंभव हो जाता है। लेकिन जो भगवत गीता को पढ़ने वाला व्यक्ति है। वह सत्य और असत्य को पृथक कर लेगा क्योंकि उसे सत्य का ज्ञान हो जाएगा कि सत्य क्या है जो हर देश काल परिस्थिति के सापेक्ष रहता है।

(5) सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ता है

यदि कोई व्यक्ति किसी कार्य को करने के लिए आगे कदम बढ़ाता है और आत्मविश्वास ना होने के कारण कदम को पीछे खींच लेता है। लेकिन जो व्यक्ति भगवत गीता पढ़ने वाला है उसके अंदर सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ता है, जिससे वह निडर होकर के आगे की ओर कदम निकालता है और जब तक गंतव्य पर पहुंच ना जाए तब तक वह बीच में विश्राम नहीं करता है।

(6) मन में पॉजिटिव थॉट आते हैं

भगवत गीता पढ़ने से मन में पॉजिटिव थॉट आते हैं। नेगेटिव थॉट दूर हो जाते हैं। पॉजिटिव थॉट आने पर हम अपने आप को अच्छा महसूस कर पाते हैं और समाज को देखने का नजरिया बदल जाता है। जिसके परिणाम स्वरूप आपके हर शब्द श्रम विभाग के हो जाएंगे।

निष्कर्ष:

Bhagwat Geeta Padhne Ke Fayde: भगवत गीता पढ़ने से मन में जो पंच विकार है। वह दूर हो जाता है। इसके अलावा व्यक्ति अपना जीवन सयंमित होकर व्यतीत करता है। वह अपने पथ पर चलते समय अमर्यादित आचरण नहीं करता है और इसके अलावा  कर्तव्य पथ पर आगे की ओर बढ़ता चला जाता है और कभी नहीं रुकता है।

Faq:

(1) भगवत गीता रोज पढ़ने से क्या होता है?

भगवत गीता रोज पढ़ने से मन को शांति मिलती है और आप जीवन में कभी भी दुखी नहीं होंगे और आपके चेहरे पर हर समय मुस्कुराहट की आभा बनी रहेगी।

(2) घर में गीता का पाठ करने से क्या होता है?

घर में गीता का पाठ करने से घर में जो घरेलू कलह और पैसे की आर्थिक तंगी है वह सब खत्म हो जाती है।

(3) गीता का पाठ करने से क्या फल मिलता है

गीता का पाठ करने से हमें सही कर्मों के विषय में पता चलता है। जिससे हम हर वक्त याद करते रहते हैं कि हम जो कार्य कर रहे हैं वह कार्य कौन सी श्रेणी में रखा जाएगा बुरे कार्यों की श्रेणी में या अच्छे कार्यों की श्रेणी में।

(4) गीता कब पढ़नी चाहिए

गीता पढ़ने का सबसे सही समय सुबह का समय है।

(5) क्या भगवत गीता शक्तिशाली है

भगवत गीता यह संसार में सबसे शक्तिशाली ग्रन्थ है यह व्यक्ति को आत्मज्ञान की प्राप्ति कराने में बहुत सहायक साबित होती है।

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