बंगाल की तांत साड़ी से जुड़े रोचक तथ्य

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Bangal Ki Tant Saree:- भारत में पहनावे को लेकर के स्त्री और पुरुष में बहुत अंतर रखा गया है। स्त्री जहां साड़ी पहनती हैं। पुरुष वही कुर्ता पजामा या पैंट शर्ट पहनते है। लेकिन क्या आपको पता है भारत कपड़ों की दृष्टि से एक विविधता वाला देश है जहां पर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग फैशन की साड़ियां पहनी जाती है। इन्हीं साड़ियों में एक बंगाल की साड़ी है जिसका नाम तांत की साड़ी है। यह साड़ी बंगाल में बहुत ही ज्यादा फेमस है जैसे उत्तर प्रदेश में चिकन कढाई और तमिलनाडु में कांजीवरम साड़ी फेमस है। बंगाली मूवी में अभिनेत्री बंगाल के कल्चर को प्रदर्शित करने के लिए किसी न किसी मूवी सीन में तांत की साड़ियां अवश्य पहनती है क्योंकि इससे उनकी सुंदरता में और निखार आ जाता है।

बंगाल के तांत साड़ी का इतिहास क्या है?

तांत के साड़ियों का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि तांत साड़ियों की मैन्युफैक्चरिंग पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में ही होती है। इसके अलावा इस साड़ी कि मैनुफैक्चरिंग भारत के अलावा शेष विश्व में कहीं पर भी नहीं होती है। समस्या तब उत्पन्न हो गई जब 1905 में लॉर्ड कर्जन ने बंगाल का विभाजन किया। जिसके परिणाम स्वरूप पश्चिमी पाकिस्तान और पूर्वी पाकिस्तान बना। पूर्वी पाकिस्तान को बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है जो बंटवारे के समय पाकिस्तान को मिला और 1971 में बांग्लादेश ने स्वतंत्रता का बिगुल बजाते हुए अपने आप को स्वतंत्र कर लिया। क्या आप जानते हैं कि बंटवारे के समय मुर्शिदाबाद, ढाका और चंदेल जैसे क्षेत्रों में रहने वाले तांत साड़ी के फेमस कारीगर पश्चिम बंगाल में बस गए।

Bangal Ki Tant Saree

बंगाल की तांत साड़ी की विशेषता क्या है?

(1) हाथो द्वारा निर्मित

बंगाल की तांत साड़ी हाथों द्वारा बनाया जाता है इस साड़ी की खूबसूरती निखरकर तब आती है जब कारीगर तांत साड़ी को हाथों से बनाते हैं।

(2) तांत साड़ी बनाने में सूती धागे का उपयोग

तांत साड़ी बनाने में सूती धागे का उपयोग किया जाता है जिसके परिणामस्वरूप यह साड़ी लाइट वेट हो जाता है।

(3) हथकरघा और पावरलूम का उपयोग

तांत साड़ी को बनाने में हथकरघा और पावरलूम का उपयोग किया जाता है। सबसे पहले इसको बुनने के लिए हथकरघा का उपयोग किया जाता है उसके बाद पावर लूम का उपयोग किया जाता है।

(4) स्टार्च लगाकर पहनना

इस साड़ी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यदि आप इसमें स्टार्च लगाकर पहनते हैं यह साड़ी हमेशा नई लगेगी।

निष्कर्ष:

Bangal Ki Tant Saree:- बंगाल की तांत साड़ी भारत में ही नहीं अपितु पूरे विश्व में फेमस है। यह पश्चिम बंगाल के कल्चर को भी दर्शाता है और साथ ही साथ रोजगार का सृजन भी करता है।

Faq:

(1) तांत साड़ी क्यों फेमस है?

तांत साड़ी इसलिए फेमस है क्योंकि यह पहनने में हल्का होता है और साथ ही साथ इस साड़ी को बनाने में सूती धागे का उपयोग किया जाता है।

(2) तांत साड़ी की उत्पत्ति कहां हुई?

तांत साड़ी की उत्पत्ति 15 वी शताब्दी में भारत के बंगाल राज्य में हुई।

(3) तांत साड़ी की पहचान कैसे करें?

जिस साड़ी का किनारा मोटा हो और साथ ही साथ साड़ी के बीच में तरह-तरह के फूल के डिजाइन बने हो और साड़ी हल्की और पारदर्शी हो।

(4) भारत में साड़ी की शुरुआत किसने की थी?

भारत में साड़ी की शुरुआत हड़प्पा सभ्यता के वासियों ने की थी।

(5) विश्व साड़ी दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व साड़ी दिवस हर वर्ष 21 दिसंबर को मनाया जाता है।

(6) भारत में सबसे प्रसिद्ध साड़ी कौन सी है?

भारत में सबसे प्रसिद्ध साड़ी तमिलनाडु की कांजीवरम सिल्क साड़ी प्रसिद्ध है।

(7) सबसे अच्छी साड़ी कौन सी होती है?

सबसे अच्छी साड़ी कोसा सिल्क साड़ी होती है।

(8) साड़ी के लिए कौन सा राज्य फेमस है?

साड़ी के मैनुफैक्चरिंग करने के लिए उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत, गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल राज्य फेमस है।

(9) उत्तर प्रदेश की कौन सी साड़ी फेमस है?

उत्तर प्रदेश में बनारसी साड़ी बहुत ही फेमस है।

(10) बिहार की कौन सी साड़ी फेमस है?

बिहार की बामन बूटी साड़ी फेमस है।

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