अश्वगंधा शरीर में होने वाली विकारों के लिए एक अचूक औषधि है

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ashwagandha ke fayde

अश्वगंधा को आयुर्वेद में औषधियों के राजा की संज्ञा दी गई है। इसके पीछे का कारण यह है कि इसमें एंटी डायबिटिक, anti-inflammatory एंटी बैक्टीरिया और एंटीमाइक्रोबियल्स जैसे गुण पाए जाते हैं। इतना ही नहीं इसमें एंटी हाइपरलिपिडेमिक जैसे गुण भी पाए जाते हैं। प्राचीन काल से कई उपचारों के लिए अश्वगंधा का उपयोग होता रहा है। वर्ल्ड जनरल आप मेडिकल साइंसेज की एक रिपोर्ट के अनुसार अश्वगंधा में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो अनिद्रा की समस्या को ठीक करता है। और साथ ही साथ कीमोथेरेपी में भी सहायक है। गौरतलब है कि अश्वगंधा सन 2020 में जब कोविड-19 आया तब और ज्यादा हाईलाइट हो गया था क्योंकि जापान की एक मेडिकल साइंस की लैब और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ने मिलकर के संयुक्त रुप से कोविड-19 की मेडिसिन बनाने का प्रयास किया था। हालांकि कोविड-19 के तीव्र विस्तार के कारण औषधि पर दोनों संस्थान ने काम नहीं पढ़ कर पाए।क्योंकि सरकारे त्वरित परिणाम चाहती थी और त्वरित परिणाम के लिए वैक्सीन ही सबसे अच्छा विकल्प था।

अपने औषधि गुणों से भरपूर औषधियों पर राज करने वाला अश्वगंधा क्या है? (Ashwagandha Kya Hai)

अश्वगंधा विदानिया कुल का पौधा है। जिसका वैज्ञानिक नाम विथेनिया सोम्नीफेरा है। विश्व में इसकी कुल 10 प्रजातियां है। इन 10 प्रजातियों में से 2 प्रजातियां भारत में पाई जाती हैं। पहली प्रजाति का नाम मूल अश्वगंधा है। मूल अश्वगंधा की विशेषता यह है कि इसकी ऊंचाई न्यूनतम 0.3 मीटर और अधिकतम 2 मीटर तक होता है। दूसरी प्रजाति का नाम है काकनज। काकनज की विशेषता यह होती है कि इसकी न्यूनतम ऊंचाई 0.2 मीटर से लेकर के अधिकतम ऊंचाई 1.5 मीटर तक होता है।

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले अश्वगंधा में कौन कौन सा पोषक तत्व पाया जाता है? (Ashwagandha Me Kya Paya Jata Hai)

(1) प्रोटीन

(2) फाइबर

(3) कार्बोहाइड्रेट

(4) कैल्शियम

(5) आयरन

रोगों को ठीक करने के लिए अश्वगंधा में कौन-कौन से गुण पाए जाते हैं? (Ashwagandha Me Kon Kon Se Gun Paye Jate Hain)

(1) एंटी डायबिटिक

(2) एंटी हाइपरलिपिडेमिक

(3) एंटी इन्फ्लेमेटरी

(4) एंटी माइक्रोबियल

(5) एंटीबैक्टीरियल

आयुर्वेद क्या कहता है अश्वगंधा के विषय में: (Ashwagandha Ke Vishay Me Ayurved Kya Kehta Hai)

प्राचीन काल से हमारे ऋषि- मुनि अश्वगंधा के दुर्लभ विशेषताओं के विषय में ज्ञान बताते रहे हैं। इसी क्रम में सुश्रुत और चरक जैसे आयुर्वेदाचार्य ने भी अश्वगंधा को कई रोगों के लिए रामबाण माना है। चरक संहिता में लिखा गया है कि यदि आपके अंदर वात पित्त और कफ का असंतुलन हो गया है। तब आप आयुर्वेदाचार्य के परामर्श के अनुसार यदि अश्वगंधा का सेवन करते हैं तो आपको भी आने वाले भविष्य में ऐसी कोई समस्या नहीं होगी जिससे आप दीर्घ काल में प्रभावित हो।

अश्वगंधा का नाम कैसे अश्वगंधा पड़ा? (Ashwagandha Ka Name Ashwagandha Kaise Pada)

भारत में प्राचीन काल से यह परंपरा रही है कि किसी भी पौधे का नाम उसके पत्तियों के रंग रूप को देखकर के या उसकी शाखाओं को या उसके तने को या उस पौधे में से आने वाले सुगंध को महसूस कर के नाम रखा जाता था। ऐसे ही अश्वगंधा का नाम भी अश्वगंधा पड़ा क्योंकि अश्वगंधा का अर्थ होता है घोड़े की तरह गन्ध अर्थात घोड़े के पसीने की गंध जैसी होती है, वैसी ही गन्ध अश्वगंधा के जड़ों में भी पाया जाता है। यहां अश्वगंधा की पत्तियों को भी आप अपने हाथों से मसलकर सूंघेंगे तो आपको घोड़े की पसीने की जैसी बदबू आएगी।

भारत के अलग-अलग राज्यों में अश्वगंधा को और किस नाम से जाना जाता है? (Ashwagandha Ko or Kis Name Se Jana Jata Hai)

अश्वगंधा को भारत में इंडियन जिंसेंग और इंडियन विंटर चेरी के नाम से भी जाना जाता है। जो यह अश्वगंधा का प्रचलित नाम है। लेकिन भारत के अलग- अलग राज्यों में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है जो इस प्रकार हैं-

(1) बंग्ला भाषा में अश्वगंधा को अश्वगंधा ही बोला जाता है।

(2) मराठी भाषा में इसे आसन्ध या डोरगुंज के नाम से जाना जाता है।

(3) तेलुगु भाषा में इसे पनेरु या पुलिवेंद्रम भी कहते हैं।

(4) गुजराती भाषा में इसे आसन्ध या घोड़ा आहान के नाम से जाना जाता है।

अश्वगंधा के चमत्कारी फायदे क्या- क्या है? (Ashwagandha Ke Fayde Kya Hai)

अश्वगंधा के फायदे निम्नलिखित हैं

(1) अश्वगंधा कैंसर रोगों में काफी हद तक कारगर है

अश्वगंधा में पाए जाने वाला एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण कैंसर के लिए लाभदायक है। यह anti-inflammatory कैंसर के प्रसार को रोकता है। इसके अलावा कीमोथेरेपी में भी अश्वगंधा बहुत ही लाभदायक है। एक सर्वे के मुताबिक अश्वगंधा कोई यदि कीमोथेरेपी पेशंट को दिया जाए। इससे पेशंट को कीमोथेरेपी के दौरान पीड़ा से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होगी।

(2) ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है

अश्वगंधा में एंटी डायबिटिक गुण पाया जाता है। इसका कारण है इसमें फ्लेवोनॉयड्स नामक तत्व पाया जाता है। जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। एक मेडिकल रिसर्च के मुताबिक 10 में से 7 व्यक्तियों को एलोपैथिक मेडिसिन दी गई ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए और तीन व्यक्तियों को अश्वगंधा का टेबलेट दिया गया। कुछ सप्ताह के बाद देखा गया कि जो तीन व्यक्ति अश्वगंधा का सेवन कर रहे थे उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार देखा गया।

(3) कोलेस्ट्रॉल को भी संतुलित करता है

अश्वगंधा का सेवन करने वाले व्यक्तियों को कोलेस्ट्रॉल की समस्या कभी नहीं होती है। क्योंकि कोलेस्ट्रॉल में ऐसे-ऐसे एलिमेंट पाए जाते हैं जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को मेंटेन किए रहते हैं।

(4) तनाव की समस्या से निजात दिलाता है

आजकल हर व्यक्ति भागदौड़ भरे जीवन से बहुत परेशान रहते हैं। इसका कारण है जीवन शैली में परिवर्तन। जब जीवन शैली में परिवर्तन होता है तब अनेक समस्याएं भी उत्पन्न हो जाती हैं उसी के साथ जैसे कि मानसिक समस्या और शारीरिक समस्या। मानसिक समस्या में सबसे बड़ी समस्या है तनाव की। लेकिन जो व्यक्ति प्रतिदिन अश्वगंधा का सेवन करता है। उसे तनाव की समस्या कभी नहीं होगी क्योंकि अश्वगंधा के सेवन के पश्चात ऐसे हार्मोन स्रावित होते हैं। जिससे हमारा मस्तिष्क रिलैक्स महसूस करता है और हम एक स्वस्थ जीवन के हकदार हो सकते हैं।

(5) चिंता की समस्या से भी राहत प्रदान करता है

न्यूयार्क टाइम के अनुसार विश्व में यदि प्रतिदिन 1000000 मृत्यु होती है। उसमें से 170000 मृत्यु चिंता की वजह से होती है। चिंता हमारे अंदर से जीने की इच्छा को छीन लेता है। शरीर को अंदर से खोखला बना देता है। लेकिन जो व्यक्ति अश्वगंधा का सेवन करते हैं अपने प्रति दिन के दिनचर्या में उन्हें चिंता की समस्या नहीं होती है क्योंकि अश्वगंधा पूरी बॉडी को डिटॉक्स करता रहता है।

(6) प्रजनन क्षमता में भी वृद्धि होती है

अश्वगंधा टेस्टोस्टेरोन हार्मोन लेबल को सुधरता है। यह पुरुषों में कामोत्तेजना में वृद्धि का भी कार्य करता है। जिससे प्रजनन क्षमता में वृद्धि भी हो सकती है। बाजार में अश्वगंधा की ख्याति प्रजनन क्षमता के लिए ही है क्योंकि प्राचीन काल से आयुर्वेदाचार्य प्रजनन क्षमता में वृद्धि के लिए अश्वगंधा को का सेवन करने के लिए ही सुझाव रहे है।

(7) मसल्स मजबूत में भी सहायक है

अश्वगंधा मसल्स मजबूत करने में भी सहायक है। इसका कारण है इसमें पाया जाने वाला सूक्ष्म पोषक तत्व जो मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाता है। जिससे आपके मसल्स मजबूत होंगे। कई जिम ट्रेनर बॉडीबिल्डर को अश्वगंधा सेवन करने के लिए कहते हैं।

अब आइए जानते हैं कि अश्वगंधा का दुष्प्रभाव क्या पड़ता है हमारे शरीर पर (Ashwagandha Ke Nuksan)

गर्भवती महिलाओं को अश्वगंधा के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि इससे गर्भपात की संभावना रहती है। इसके अलावा अश्वगंधा सेवन करने के दौरान आयुर्वेदाचार्य से अवश्य परामर्श करें। जिससे आयुर्वेदाचार्य अश्वगंधा की सही खुराक बता सकें क्योंकि अश्वगंधा के ओवरडोज से हमारे शरीर पर इसका अधिक दुष्प्रभाव पड़ सकता हैं।

बाजार में अश्वगंधा किस-किस रूप में मिलता है (Bazar Me Ashwagandha Kis Kis Rup Me Milta Hai)

बाजार में अश्वगंधा चूर्ण के रूप में और टेबलेट के रूप में मिलता है। इसके अलावा किसी- किसी स्थान पर अश्वगंधा के पौधे की पत्तियां भी बिकती है क्योंकि औषधि दृष्टिकोण से इसकी पत्तियां भी लाभदायक है। इसकी पत्तियों का उपयोग करके कोल्ड फीवर और सर्दी जुकाम से काफी हद तक निजात पाया जा सकता है।

निष्कर्ष

अश्वगंधा शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। और साथ ही साथ शरीर की कमजोरी को भी दूर करता है। डायबिटीज के मरीज के लिए भी काफी हद तक कारगर है। किसी- किसी सर्वे में देखा गया है कि जिन बच्चों की उम्र 5 साल है लेकिन वजन और हाइट उसके अनुकूल नहीं है। उन बच्चों को आयुर्वेदाचार्य के सानिध्य में 2 महीने लगातार अश्वगंधा की खुराक दी गई। जिसके पश्चात यह देखा गया की  बच्चों की हाइट में वृद्धि भी हुई और वजन भी बढ़ा।

सामान्य प्रश्न

(1) अश्वगंधा कितने दिन में फायदा करता है?

अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक औषधि है। जिसके कारण इसका प्रभाव आपको अल्पकाल में नहीं दिखता है। बल्कि दीर्घकाल में दिखता है। लेकिन आयुर्वेदाचार्य की बात माने तो यह व्यक्ति की जीवन शैली पर निर्भर करता है। लेकिन इसका औसत प्रभाव आपको 3 महीने में दिखने लगेगा।

(2) अश्वगंधा और दूध पीने से क्या होता है?

अश्वगंधा और दूध पीने से पाचन संबंधी समस्याओं से राहत मिलता है।

(3) अश्वगंधा के सेवन से क्या हाइट बढ़ती है?

2 ग्राम अश्वगंधा में 2 ग्राम काला तिल और 3 से 4 खजूर में देसी घी को मिक्स करके खाने से हाइट बढ़ती है।

(4) अश्वगंधा से क्या शरीर की कमजोरी भी दूर होती है?

अश्वगंधा से शरीर की कमजोरी भी दूर होती है क्योंकि अश्वगंधा प्रोटीन, विटामिन और सूक्ष्म पोषक तत्वों से युक्त है।

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