सरल शब्दों में जानिए Malware की पूरी जानकारी

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सरल शब्दों में जानिए Malware की पूरी जानकारी

Malware: माइक्रोसॉफ्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर Malware का सबसे ज्यादा हमला चीन में होता है जो कि यह आंकड़ा 38 प्रतिशत है और इसके बाद अमेरिका में 18 परसेंट जो कि दूसरे नंबर पर है और भारत में 10प्रतिशत की जो तीसरे नंबर पर है। इससे यह प्रमाणित हो जा रहा है कि मालवेयर ने जीवन को तबाह करके रख दिया है जैसे-जैसे इंटरनेट विकसित होता जा रहा है वैसे-वैसे ही इंटरनेट में साइबर क्राइम के मामले भी बढ़ते चले जा रहे हैं। आए दिन आपको न्यूज़ चैनल और न्यूज़ पेपर में ऐसे न्यूज सुनने या देखने के लिए मिल जाएंगे। समस्या तो तब हो जाती है की अपराधी अपराध करके निकल भी जाता है और सरकार कुछ भी नहीं कर पाता है बहुत सारे व्यक्ति इससे परेशान है इसका कोई समाधान निकाल ही नहीं पा रहा है। Malware आपके मोबाइल से लेकर के टैबलेट और कंप्यूटर में भी हो सकता है बस एक फाइल तो होती है बस उसे फाइल को आप इंस्टॉल कर लिए बस वह आपकी सारी डाटा को चोरी कर लेगा और आपके कंप्यूटर को ब्लैंक कर देगा।

मैलवेयर होता क्या है?:

मैलवेयर एक हार्मफुल सॉफ्टवेयर या फाइल होता है जो आपके जानकारी के बिना आपके कंप्यूटर, टैबलेट, लैपटॉप और स्मार्टफोन में इंटर कर जाता है। इंटर करने के बाद आपके कंप्यूटर, टेबलेट या लैपटॉप या स्मार्टफोन से आपके सारे पर्सनल डेटा की चोरी भी करता है और आसानी से आपके पर्सनल डेटा को डिलीट भी कर देता है। मैलवेयर का फुल फॉर्म Malicious Software होता हैं।

मैलवेयर का इतिहास क्या है?:

दुनिया का पहला मैलवेयर वायरस क्रीपर था जिसको 1970 में बॉब थॉमस ने बनाया था वायरस क्रीपर को ARPANET नेटवर्क पर खोजा गया था। वायरस क्रीपर कंप्यूटर से पर्सनल डाटा को नुकसान पहुंचाने के बाद एक मैसेज भी छोड़ता था जिसमें लिखा रहता था कि “I Am The Creeper Catch Me If You Can”

मैलवेयर का उद्देश्य क्या होता है?:

  • पर्सनल डाटा की चोरी करना और उसे डिलीट कर देना
  • कंप्यूटर को हार्मफुल करना
  • बैंकों से फ्रॉड करने के लिए
  • नेटवर्क को हैक करने के लिए

आईये अब जान लेते हैं कि मैलवेयर कितने प्रकार का होता है?:

(1) Ransomware

Ransomware एक प्रकार का malware ही है जो कंप्यूटर से पर्सनल डाटा की चोरी करके पैसे मांगता है पैसे नहीं देने पर वह धमकी देता है कि आपके पर्सनल डाटा को वह पब्लिक कर देगा।

(2)Trojan Horse

Trojan Horse एक जनरल सॉफ्टवेयर होता है। जिसे आप इंस्टॉल कर लेते हैं। इंस्टॉल करने के बाद कंप्यूटर से सारे डेटा को चुराने लगता है यह बहुत हार्मफुल होता है।

(3)Worm

Worm भी एक प्रकार का मैलवेयर होता है जो ऑटोमेटिक आपके कंप्यूटर में फैल करके मनचाहे फाइल को डिलीट कर देता है और आपकी कंप्यूटर की स्पीड को भी धीमा कर देता है।

(4)spyware

Spyware भी एक प्रकार का मालवेयर होता है जो आपकी जानकारी के बिना ही आपके कंप्यूटर में इंटर कर जाता है और आपके पर्सनल डाटा जैसे आपकी पिक्चर और आपकी वीडियो को लीक कर देता है या आपकी बैंक की सारी एक्टिविटी पर अपना कंट्रोल कर लेता है।

(5)Virus

Virus एक प्रकार का फाइल होता है। जब आप उस फाइल को डाउनलोड कर लेते हैं और ओपन करते हैं तो वायरस भी उस फाइल के साथ आपके कंप्यूटर में पहुंच जाता है और आपके कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाने लगता है और आपका कंप्यूटर तब हैंग करने लगता है।

(6)Logic Bomb

Logic Bomb भी एक हार्मफुल कोड होता है। जब सॉफ्टवेयर की कोडिंग की जाती है इस कोडिंग के दौरान उसे हार्मफुल कोड को भी डाल दिया जाता है जब कोई यूजर उस सॉफ्टवेयर को ओपन करता है तो वह लॉजिक बम आपके लैपटॉप या टैबलेट या स्मार्टफोन में आसानी से इंटर कर जाता है आपकी सारी फाइल को डिलीट कर देता है और साथ ही साथ आपकी खुफिया जानकारी जैसे आपकी पर्सनल वीडियो को भी डिलीट कर देता है।

(7)File less Malware

File less Malware भी एक प्रकार का मालवेयर ही होता है जो चोरी से चुपके से आपके कंप्यूटर में घुस जाता है। घुस करके सारी फाइल को डिलीट कर देता है File less Malware सबसे खतरनाक है क्योंकि यह यूजर को बचाने का मौका ही नहीं देता है और इस एंटीवायरस के माध्यम से भी नहीं पकड़ा जा सकता है इसकी यही सबसे बड़ी विशेषता है File less Malware की

(8) Adware

Adware एक तरह का सॉफ्टवेयर होता है जो कंप्यूटर, टैबलेट, स्मार्टफोन में एड दिखाने का काम करता है। आप उसे ऐड पर क्लिक करते हैं तो वह Adware भी आपके लैपटॉप या स्मार्टफोन में आसानी से पहुंच जाता है और फिर आपके लैपटॉप या स्मार्टफोन की स्पीड को धीमा भी करता है और फाइल को भी डिलीट करता है।

(9) Rootkit

Rootkit भी एक प्रकार का मैलवेयर होता है जिसका उपयोग हैकर किसी यूज़र के लैपटॉप या कंप्यूटर या स्मार्टफोन को कंट्रोल करने के लिए करता है। Rootkit फिशिंग या शेयर गई ड्राइव के माध्यम से आपकी कंप्यूटर में प्रवेश करता है।

(10)Keylogger

Keylogger भी एक प्रकार का मैलवेयर होता है जिसकी माध्यम से कोई हैकर यह कोशिश करता है कि कोई यूजर जिसे वह टारगेट कर रहा है वह कंप्यूटर या स्मार्टफोन पर क्या टाइप कर रहा है इसका उपयोग करके वह बैंक की सारी जानकारी जान सकता है।

मैलवेयर से कैसे बचे?:

(1) मैलवेयर से बचने के लिए आपको अपने कंप्यूटर में एंटीवायरस को इंस्टॉल करके रखना चाहिए।

(2) कंप्यूटर को समय-समय पर अपडेट करते रहें।

(3) स्ट्रांग पासवर्ड जनरेट करें।

(4) कंप्यूटर की फाइल को बचाने के लिए Fall Ware का उपयोग करें।

(5) pop up विज्ञापन को क्लोज करें

(6) अनवांटेड लिंक पर क्लिक करने से बचे।

मैलवेयर के लक्षण क्या-क्या होते हैं?:

(1) कंप्यूटर की स्पीड को धीमा कर देना

(2) ऑटोमेटिक सॉफ्टवेयर का इंस्टाल होना

(3) वेब ब्राउज़र जैसे गूगल क्रोम को धीमा कर देना।

(4) इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर या व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया पर अपने आप मैसेज कर देना।

(5) सेटिंग में परिवर्तन कर देना

मैलवेयर के नुकसान कौन-कौन से होते हैं?:

(1) कंप्यूटर स्लो चलने लगता है

(2) एटीएम से कोई अन्य व्यक्ति पैसा निकाल लेता है।

(3) फाइल्स को चुरा करके मिसयूज करता है।

(4) आपका सोशल मीडिया पर कंट्रोल कर लेता है।

निष्कर्ष:

इस ग्लोबल वर्ल्ड में मैलवेयर बहुत बड़ी चुनौती है। जैसे-जैसे लोग इंटरनेट से जुड़ते जा रहे हैं वैसे-वैसे ही साइबर क्राइम भी बढ़ते जा रहा है। साइबर क्राइम करने वाले साइबर क्राइम कर जाते हैं और लोग हाथ पर हाथ धरे बैठे रह जाते हैं क्योंकि उनको पकड़ना बहुत ही मुश्किल होता है।

मैलवेयर कैसे फैलता है?

मैलवेयर अक्सर अनाधिकृत डाउनलोड्स या फिशिंग इमेल्स के माध्यम से फैलता है। जब उपयोगकर्ता अनजाने या असुरक्षित स्रोत से सॉफ़्टवेयर या फ़ाइलें डाउनलोड करते हैं, तो उसमें मैलवेयर छुपा हो सकता है। फिशिंग इमेल्स में, फर्जी ईमेल्स द्वारा उपयोगकर्ताओं को धोखा देकर वे असुरक्षित लिंक्स या अटैचमेंट्स खोलते हैं, जिससे मैलवेयर स्थापित हो सकता है। इसके बाद, यह सॉफ़्टवेयर उपयोगकर्ता के डिवाइस में जानकारी हरकर नुकसान पहुंचा सकता है या गोपनीयता को भंग कर सकता है।

दुनिया का पहला मालवेयर का नाम क्या था

दुनिया की पहले मालवेयर का नाम क्रीपर वायरस था।

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