बहेड़ा के फायदे

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baheda ke fayde

दुर्लभ गुणों से परिपूर्ण जानिए बहेड़ा के फायदे के बारे में

Baheda ke Fayde: हमारी सनातन परंपरा में प्राचीन काल में ऋषि मुनि अपने बालों को काला करने के लिए बहेड़ा का उपयोग करते  आये है। बहेड़ा के उपयोग से बाल न केवल काले होते हैं अपितु बाल एकदम खिले खिले से हो जाते हैं और चमकदार भी हो जाते हैं। इतना ही नहीं बहेड़ा एंटीफंगल, anti-inflammatory और एंटीबैक्टीरियल इसके अलावा सूक्ष्म पोषक तत्व और विटामिन से युक्त होता है। सुश्रुत संहिता में बहेड़ा के विषय में लिखा गया है कि यह एक ऐसी आयुर्वेदिक दवा है जो शरीर के अंदर से विषाक्त पदार्थों को हटाता है जिससे शरीर में संतुलन बना रहे और आने वाले भविष्य में कोई बीमारी ना हो पाए।

रोगी से निरोगी बनाने वाला दुर्लभ औषधि  वृक्ष बहेड़ा क्या है?

बहेड़ा एक पर्णपाती वन है जो भारत के पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश में पाया जाता है। हालांकि वैश्विक स्तर पर यह चीन, कंबोडिया, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल और श्रीलंका में भी पाया जाता है। इस वृक्ष की लंबाई न्यूनतम 18 मीटर और अधिकतम 30 मीटर तक होती है। इसके लिए जो जलवायविक दशाएं चाहिए वह जलवायविक दशाएं इस प्रकार से होनी चाहिए कि वहां पर वार्षिक औसत वर्षा 100 सेंटीमीटर से अधिक होनी चाहिए और आवश्यक तापमान हर वर्ष का लगभग 30 डिग्री तक होना चाहिए। इसके अलावा इसके लिए जो मिट्टी चाहिए वो मिट्टी भुरभुरी हो और उसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की मात्रा का संतुलन भी होना चाहिए। बहेड़ा के फल को यदि आप ध्यान से देखेंगे तो उसका फल अंडाकार होता है इसके अंदर मींगी पाया जाता है, उसी मिंगा को खाया जाता है जो खाने में बहुत मीठा होता है। ध्यातव्य है कि  बहेड़ा के फल के अलावा बहेड़ा वृक्ष की छाल भी स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक है। यह दमा, मधुमेह, बाल को काला करने, वात, पित्त और कफ को संतुलन करने में प्राचीन काल से उपयोगी रहा है।

Benefits of Baheda in Hindi

बहेड़ा में पाए जाने वाला दुर्लभ कारी गुण कौन- कौन सा है?

(1) एंटीऑक्सीडेंट

(2) anti-inflammatory

(3) एंटी हाइपरटेंसिव

(4) एंटीबैक्टीरियल

(5) एंटीमाइक्रोबियल्स

(6) एंटी मायोसिस

(8) एंटी डायबिटीक

बहेड़ा के अन्य भाषाओं में नाम क्या है?

भाषानाम
हिंदीबहेड़ा
अंग्रेजीसियामीस टर्मिनेलिआ
तमिलतनितांडी
तेलगूतडिचेटटु
गुजरातीबेड़ा
मराठीबेहड़ा
मलयालमथाअन्नी
पंजाबीबहिरा
अरबीबेलेयूज
नेपालीबर्रो
मणिपुरीबहेड़ा
असमीबौरी
उर्दूबहेरा
संस्कृतविभीतक
कन्नड़तोड़े
कोकड़ीगोटिन्ग
परसियनबेलेला

Baheda ke Fayde

बहेड़ा के सेवन के पश्चात इससे से होने वाले फायदे क्या- क्या है?

(1) दस्त की प्रॉब्लम से छुटकारा दिलाने में हेल्प करता है

मल का त्याग करते समय यदि पानी की तरह सामान्य से पतला आ रहा है और इसके अलावा मल त्याग करते वक्त कठिनाई होती है तो आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है। अपने पूरे दिन की दिनचर्या में बहेड़ा को शामिल करिए। बहेड़ा से दस्त की समस्या ठीक हो जाएगी ही। एक शोध के अनुसार हिस्टॉलिटिका दस्त की प्रॉब्लम से जुड़े जो बैक्टीरिया रहती है उस बैक्टीरिया को खत्म करने में अपनी सकारात्मक रोल अदा करता है।

Baheda ke Fayde

(2) टाइफाइड रोग से भी निजात दिलाता है

टाइफाइड बहुत ही खतरनाक रोग है। भारत में हर वर्ष नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार 10 में से 2 व्यक्ति टाइफाइड की वजह से मर जाते हैं। टाइफाइड बीमारी सालमोनेला टायफी नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। जो व्यक्ति अपने आहार में बहेड़ा को शामिल करता है उसको टाइफाइड की बीमारी जीवन भर में कभी भी नहीं होगी क्योंकि बहेड़ा में एंटी सालमोनेला टायफी का गुण पाया जाता है जो इस बैक्टीरिया को नष्ट कर देता है।

(3) डायबिटीज को भी कंट्रोल करता है

यदि आपके ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाए तो आप डायबिटीज की समस्या से जूझ सकते हैं। ऐसे में यह बात आती है कि इसको कंट्रोल कैसे किया जाए। यदि आप आयुर्वेदिक मेडिसिन पर विश्वास करते हैं तब आप बहेड़ा का उपयोग करिए। बहेड़ा में एंटी डायबिटिक का गुण पाया जाता है। चूहे पर किए गए एक शोध के अनुसार चूहे को जब बहेड़ा का डोज दिया गया तो देखा गया कि चूहे के अंदर की ब्लड में जो ग्लूकोज का स्तर बढ़ गया था उस ग्लूकोज के स्तर को 54% तक कम कर दिया।

(4) पेट की सामान्य बीमारी से भी निजात दिलाता है

आपके पेट में गैस और अल्सर की समस्या आपके पाचन क्रिया को असंतुलित कर सकती है। यदि इस असंतुलन से बचना है तब आप बहेड़ा का सेवन करिए बहेड़ा में एंटी-अल्सरोजेनिक और गैस्ट्रोप्रोटेक्टिव गुण  पाया जाता है जो आपको आपके पेट से जुड़े जो सामान्य समस्याएं हैं उससे निजात दिलाता है।

बहेड़ा के सेवन के पश्चात इससे होने वाले दुष्प्रभाव क्या- क्या है?

(1) मेल में रिप्रोडक्शन कैप्सिटी प्रभावित हो सकता है।

(2) गर्भवती महिला और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिला को यह जिसका सेवन करना है तो किसी आयुर्वेदाचार्य से परामर्श कर ले उसके बाद ही सेवन करें। आमतौर पर यह देखा गया है कि गर्भवती महिला और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिला के अंदर रक्तचाप बढ़ जाता है

(3) खुराक से ज्यादा सेवन करने से आपको सर दर्द और जी घबराना और पेट में कब्ज गैस का होना और डिहाइड्रेशन की प्रॉब्लम हो सकती है।

(4) जो व्यक्ति ब्लड को पतला करने वाली मेडिसिन का सेवन करते हैं उनको बहेड़ा का सेवन नहीं करना चाहिए अन्यथा खामियाजा भारी भरकम भुगतना पड़ सकता है क्योंकि इससे ब्लड में डब्ल्यूबीसी, आरबीसी कम हो जाती है।

बहेड़ा का सेवन कैसे करना है?

(1) यदि आपको अपने बालों को काला करना है तो इसके लिए आप बहेड़ा के बीजों का तेल निकालकर अपने बालों में लगाइए इससे आपके बाल काले हो जाएंगे।

(2) यदि शरीर के किसी भाग पर रक्तस्राव हो रहा है या कोई घाव हुआ है तब इसके लिए आप बहेड़ा के छिलके को पीस करके प्रभावित जगह पर लगाइए इससे आपको राहत मिलेगी।

निष्कर्ष:

Baheda ke Fayde: एंटी बैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल जैसे दुर्लभ गुणों से युक्त बहेड़ा हमारे शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में अपनी अहम भूमिका निभाता है।

FAQ:

(1)बहेड़ा की तासीर क्या होती है?

बहेड़ा की तासीर गर्म होती है।

(2) बहेड़ा का कुल कौन सा है?

बहेड़ा के कुल का नाम कॉम्ब्रिटेसी है।

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